टायर में खराबी के बाद फ्यूल कम करने के लिए विमान को हवा में रखा गया, NDRF-SDRF समेत बचाव दल अलर्ट
किशनगढ़ (अजमेर)। राजस्थान के अजमेर स्थित किशनगढ़ एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक ट्रेनी विमान की आपात स्थिति में क्रैश लैंडिंग कराई गई। ट्रेनिंग उड़ान के दौरान विमान के टायर में खराबी आने के बाद उसे तत्काल लैंड नहीं कराया गया। विमान करीब साढ़े तीन घंटे तक हवा में चक्कर लगाता रहा, ताकि फ्यूल का स्तर सुरक्षित सीमा तक कम किया जा सके। इसके बाद दोपहर करीब 2:15 बजे विमान की आपात लैंडिंग कराई गई। राहत की बात रही कि विमान में सवार इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
उड़ान के दौरान टायर में आई खराबी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अव्याना एविएशन अकादमी के पाइपर आर्चर श्रेणी के ट्रेनिंग विमान ने गुरुवार सुबह ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान विमान के टायर में नुकसान की जानकारी सामने आई। इसके बाद किशनगढ़ एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई।
टायर या लैंडिंग गियर में आई खराबी के कारण विमान की सामान्य लैंडिंग को लेकर जोखिम था। ऐसे में विमान को कुछ समय तक हवा में ही रखने का फैसला किया गया। इस दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया।
साढ़े तीन घंटे तक आसमान में चक्कर लगाता रहा विमान
आपात स्थिति के बाद विमान को करीब साढ़े तीन घंटे तक हवा में रखा गया। इसका प्रमुख उद्देश्य विमान में मौजूद ईंधन की मात्रा को कम करना था, ताकि आपात लैंडिंग के दौरान संभावित जोखिम को कम किया जा सके।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान के फ्यूल को सुरक्षित स्तर तक कम करने के बाद उसे रनवे पर उतारने की तैयारी की गई। इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं।
NDRF-SDRF समेत बचाव दल रहे अलर्ट
विमान की आपात लैंडिंग की सूचना मिलते ही किशनगढ़ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी इंतजाम सक्रिय कर दिए गए। NDRF और SDRF के साथ पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया था।
एयरपोर्ट की फायर और रेस्क्यू टीम को भी किसी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया। विमान के सुरक्षित उतरने तक सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय में रहीं।
अव्याना एविएशन अकादमी का था ट्रेनिंग विमान
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, विमान अव्याना एविएशन अकादमी से जुड़ा था। इसमें एक इंस्ट्रक्टर और एक ट्रेनी पायलट सवार थे। विमान का इस्तेमाल पायलट ट्रेनिंग के लिए किया जा रहा था।
किशनगढ़ एयरपोर्ट पर फ्लाइंग ट्रेनिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। घटना के बाद विमान की तकनीकी स्थिति और लैंडिंग गियर से संबंधित खराबी की जांच की जा रही है।
तकनीकी खराबी की वजह की जांच जारी
फिलहाल विमान के टायर में नुकसान किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती रिपोर्टों में टायर डैमेज या लैंडिंग गियर से जुड़ी तकनीकी समस्या की बात कही गई है।
आपात लैंडिंग के दौरान विमान को कितना नुकसान हुआ और तकनीकी खराबी की वास्तविक वजह क्या थी, यह विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार विमान में सवार लोग सुरक्षित हैं और किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है।