Rajasthan News: उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका ने सवाल उठाए हैं। रविवार, 20 सितंबर 2026 को ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत रांका ने उदयपुर के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने मिड-डे मील के लिए रखे चावल में कंकर दिखाई देने का दावा किया और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
क्या मदन दिलवार या भजनलाल शर्मा अपने बच्चों को इस लट्टों से भरे किचन का खाना खिलायेंगे?
क्या राजस्थान या देश का कोई भी राजनेता अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजेगा?
तो जो इस देश के मूल निवासी है, वो क्यो अपने बच्चे को ऐसे स्कूल में भेजने में मजबूर है?
इस देश का हर राजनेता कान… pic.twitter.com/GX3rBkOKgz
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 20, 2026
रांका ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा किया। पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का नाम लेते हुए स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए।
स्कूल निरीक्षण के दौरान चावल में दिखे कंकर
‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत CJP की टीम आदिवासी इलाकों के सरकारी स्कूलों में पहुंचकर वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा ले रही है।
उदयपुर के स्कूल में निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील के लिए रखे चावल में कंकर दिखाई देने का दावा किया गया। इसके बाद आशुतोष रांका ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए और कहा कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
भजनलाल शर्मा और मदन दिलावर पर साधा निशाना
आशुतोष रांका ने अपने X पोस्ट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या वे अपने बच्चों को ऐसी परिस्थितियों वाले स्कूल में भेजना या वहां का खाना खिलाना पसंद करेंगे।
उन्होंने आदिवासी बच्चों को बेहतर स्कूल और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। रांका ने अपने बयान में सरकार और नेताओं से आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।
उनकी पोस्ट में राजनीतिक तौर पर तीखी भाषा का इस्तेमाल भी किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को बेहतर स्कूल नहीं मिलने पर उनकी पार्टी इस मुद्दे को आगे उठाएगी।
‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत हो रहा निरीक्षण
CJP की ओर से चलाए जा रहे ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को सामने लाना बताया गया है।
अभियान के दौरान स्कूलों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को देखने के साथ-साथ विद्यार्थियों और ग्रामीणों से बातचीत करने की भी बात कही गई है। पार्टी का कहना है कि सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित विभाग और प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा।
आगे भी कई स्कूलों का दौरा करने की बात
आशुतोष रांका के मुताबिक, अभियान के तहत आने वाले दिनों में राजस्थान के अन्य स्कूलों का भी निरीक्षण किया जाएगा। टीम स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, भोजन, बुनियादी सुविधाओं और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेने की बात कह रही है।
इसके बाद संबंधित अधिकारियों के सामने समस्याएं रखकर उनके समाधान की मांग की जाएगी।
स्कूलों की सुविधाओं को लेकर पहले भी उठे हैं सवाल
आशुतोष रांका इससे पहले भी राजस्थान में शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। 14 सितंबर को राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को नजरअंदाज किए जाने पर चिंता जताई थी।
फिलहाल उदयपुर के स्कूल से सामने आए इस मामले में चावल में कंकर मिलने का दावा CJP नेता आशुतोष रांका की ओर से किया गया है। स्कूल प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से इस विशेष दावे पर अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध होने तक इसे आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।