नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 : भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सहयोग को सिर्फ सरकारों तक सीमित रखने के बजाय किसानों, छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप, युवाओं, महिलाओं और रिसर्चर्स तक पहुंचाने पर जोर दिया।
13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS के मंच से पीएम मोदी ने आधुनिक कृषि, MSME, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, सोशल सिक्योरिटी, शहरी परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की दिशा सामने रखी।
पीएम मोदी का संदेश साफ था कि BRICS देशों के बीच सहयोग का फायदा केवल बड़ी कंपनियों या सरकारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने किसानों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं को भी इस सहयोग का सक्रिय हिस्सा बनाने की बात कही।
MSME के लिए बनेगा सहयोग का नया नेटवर्क
BRICS के भीतर छोटे और मध्यम कारोबार यानी MSME को नए बाजार और तकनीक से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए BRICS MSME Cooperation Portal को आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।
इस तरह के प्लेटफॉर्म के जरिए छोटे कारोबारियों को वित्तीय संस्थानों, तकनीकी केंद्रों, व्यापार संगठनों और प्रशिक्षण संस्थानों से जोड़ने का लक्ष्य है। इससे छोटे उद्योगों के लिए दूसरे BRICS देशों में कारोबार के नए अवसर तलाशना आसान हो सकता है।
स्टार्टअप को मिलेगा सीमा पार सहयोग का मौका
BRICS में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए Incubator Network पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सदस्य देशों के स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ना है।
भारत ने BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव भी रखा है। इसका मकसद शुरुआती और तेजी से बढ़ने वाले स्टार्टअप को सहयोग देना है। हालांकि फंड का आकार, वित्तीय ढांचा और लॉन्च की अंतिम समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
किसानों तक पहुंचेगी AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में खेती भी अहम विषय रही। BRICS Network on Digital Agriculture के जरिए AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल करने की दिशा पर जोर दिया गया है।
इसका दायरा सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि एग्रोफॉरेस्ट्री, मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर जैसे क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। सरकार के मुताबिक इस नेटवर्क के शुरुआती चरण का समन्वय IIT दिल्ली कर रहा है।
पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का मेल
BRICS देशों में खेती को ज्यादा टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बनाने के लिए Agroecology और Regenerative Agriculture पर भी सहयोग बढ़ाने की योजना है।
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान कृषि एजेंडे में खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार, जलवायु-अनुकूल खेती और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्राथमिकता दी गई थी।
इसका मकसद पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ जोड़कर खेती की उत्पादकता और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता बढ़ाना है।
युवाओं के लिए स्किल और रोजगार पर फोकस
BRICS CONNECT के जरिए सदस्य देशों के बीच स्किल डेवलपमेंट, रोजगार क्षमता, नई तकनीक और सोशल सिक्योरिटी से जुड़े अनुभव साझा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इसमें भविष्य में किन क्षेत्रों में किस तरह के कौशल की जरूरत होगी, इसका आकलन करने पर भी जोर है। डिजिटल, ग्रीन और केयर सेक्टर जैसे नए क्षेत्रों में रोजगार की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखने की बात कही गई है।
शहरों के लिए Urban Mobility Hub
तेजी से बढ़ते शहरों में ट्रांसपोर्ट की समस्या को देखते हुए BRICS Urban Mobility Hub का भी उल्लेख किया गया। इसके जरिए सदस्य देश सस्ता, सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ शहरी परिवहन विकसित करने के अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
Smart Grid और Energy Storage पर भी सहयोग
स्वच्छ ऊर्जा को मजबूत करने के लिए Smart Grids और Energy Storage से जुड़े सहयोग पर भी जोर दिया गया है।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए तकनीकी जानकारी, नियामकीय अनुभव और ऊर्जा भंडारण से जुड़े प्रयोगों को साझा करने की संभावना है। इसका उद्देश्य भविष्य के ऊर्जा सिस्टम को ज्यादा भरोसेमंद और कुशल बनाना है।
BRICS को Global South से जोड़ने की कोशिश
PM मोदी ने BRICS के भीतर तैयार होने वाले समाधानों को दूसरे विकासशील देशों तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि BRICS की ताकत उसकी विविधता और सहयोग में है।
भारत की अध्यक्षता में BRICS का एजेंडा MSME, स्टार्टअप, कृषि, स्वास्थ्य, स्किल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हुआ है। इससे मंच को सिर्फ राजनीतिक या कूटनीतिक समूह के बजाय विकास सहयोग के प्लेटफॉर्म के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश दिखाई देती है।
क्या है सबसे बड़ा संदेश?
BRICS Summit 2026 में PM मोदी के भाषण का सबसे बड़ा फोकस यही रहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग का फायदा जमीनी स्तर तक पहुंचे।
किसान को आधुनिक तकनीक मिले, छोटे कारोबारी नए बाजारों से जुड़ें, स्टार्टअप को वैश्विक नेटवर्क मिले और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार किया जाए—BRICS के नए एजेंडे में इन मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।