EoDB के बाद Deregulation 2.0 की रफ्तार तेज, भवन निर्माण में सेल्फ सर्टिफिकेशन से लेकर जमीन के इस्तेमाल तक बड़े बदलाव की तैयारी
बिहार में कारोबार शुरू करने और उद्योग लगाने के रास्ते में खड़े कागजी नियमों, दोहरे लाइसेंस और अनावश्यक निरीक्षणों की दीवार अब टूटने वाली है। सरकार ने साफ कर दिया है कि निवेश और कारोबार को गति देने के लिए सिर्फ नई योजनाएं बनाना काफी नहीं, बल्कि उन नियमों को भी हटाना जरूरी है जो उद्यमियों और आम लोगों के लिए अनावश्यक परेशानी बन चुके हैं।
इसी दिशा में Deregulation 1.0 और 2.0 के तहत चल रहे सुधारों की बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा हुई। कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार के विशेष सचिव के.के. पाठक, कैबिनेट सचिवालय के निदेशक देवेंद्र कुमार और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की सह-अध्यक्षता में हुई बैठक में भवन निर्माण, उद्योग, भूमि, बिजली, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े नियमों में बदलाव की प्रगति पर मंथन हुआ।

अब हर मंजूरी के लिए सरकारी निरीक्षण का इंतजार नहीं!
बैठक से निकलने वाला सबसे अहम संदेश भवन निर्माण से जुड़ा है। सरकार ने बिहार बिल्डिंग बाय-लॉज 2026 का प्रारूप तैयार कर लिया है।
इसके तहत कम जोखिम वाले भवनों के लिए Self Certification यानी स्व-प्रमाणन की व्यवस्था लाई जा रही है। मध्यम जोखिम वाले भवनों के लिए Third Party Inspection का रास्ता अपनाने की तैयारी है।
इसका सीधा मतलब है कि कम जोखिम वाले निर्माण कार्यों में सरकारी तंत्र पर निर्भरता कम होगी और मंजूरी की प्रक्रिया को ज्यादा तेज बनाने की कोशिश होगी।
साथ ही व्यावसायिक भूखंडों के बेहतर इस्तेमाल और Mixed-use Development को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।

EoDB विधेयक बना बड़ा हथियार
बिहार में कारोबार को आसान बनाने की दिशा में EoDB विधेयक 2026 को 23 जुलाई 2026 को बिहार विधानमंडल से मंजूरी मिल चुकी है।
अब सरकार इसके प्रावधानों को जमीन पर उतारने की तैयारी में है। इसके तहत उद्योगों को दोहरे लाइसेंस से राहत, MSME को स्व-घोषणा के आधार पर मंजूरी और कुछ मामलों में निरीक्षण से सुरक्षा देने की व्यवस्था की जा रही है।
यानी सरकार का फोकस अब ‘पहले कागज, फिर कारोबार’ वाली व्यवस्था को बदलकर प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर है।

2,000 से ज्यादा सरकारी दस्तावेज एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर
सरकार ने नियमों को आसान बनाने के साथ जानकारी तक पहुंच भी आसान करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
bihar.gov.in पर नियमों, अधिनियमों और सरकारी आदेशों की केंद्रीकृत डिजिटल रिपॉजिटरी 19 जून 2026 से लाइव है। अब तक इसमें 2,000 से अधिक दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं।
इसका उद्देश्य यह है कि कारोबारियों और आम नागरिकों को किसी नियम या सरकारी आदेश की जानकारी के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें।
RTPS में ऑटो-अपील, फाइल अटकने पर सिस्टम करेगा काम
लोक सेवाओं के अधिकार यानी RTPS के तहत ऑटो-अपील प्रणाली भी 23 जून 2026 से लाइव है।
इस व्यवस्था का मकसद तय समयसीमा में सेवा नहीं मिलने की स्थिति में अपील की प्रक्रिया को स्वतः आगे बढ़ाना है। इससे सरकारी सेवाओं में देरी पर जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
जमीन के इस्तेमाल में बड़ा बदलाव
सुधारों की सूची में जमीन भी प्रमुख मुद्दा है। बैठक में Land Use Change यानी CLU की आवश्यकता समाप्त करने पर सहमति बनी है।
इसके अलावा बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करने और निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम भूमि की अनिवार्यता खत्म करने जैसे कदमों पर भी आगे बढ़ने की बात कही गई।
अगर ये बदलाव प्रभावी रूप से लागू होते हैं तो जमीन के इस्तेमाल और नए प्रोजेक्ट शुरू करने वालों के लिए प्रक्रिया काफी सरल हो सकती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बनेगा एकीकृत लाइसेंसिंग पोर्टल
स्वास्थ्य क्षेत्र में अलग-अलग लाइसेंस और मंजूरियों की प्रक्रिया को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी है।
इसके लिए Unified Health Licensing Portal विकसित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति जल्द ही इसके लिए RFP जारी करेगी।
यानी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को अलग-अलग अनुमतियों के लिए कई कार्यालयों और प्रक्रियाओं से गुजरने के बजाय एकीकृत डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराने की कोशिश है।
पर्यटन में भी नियम होंगे और आसान
बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन नीति 2026 के नियमों को पहले ही काफी सरल बनाया गया है।
अब पर्यटन विभाग को इसे और उदार बनाने का निर्देश दिया गया है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को होमस्टे गतिविधियों से जोड़ना और राज्य में पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार करना है।
Fire Department समेत कई विभागों को बदलने होंगे अपने नियम
बैठक में सिर्फ सुधारों की समीक्षा नहीं हुई, बल्कि संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
अग्निशमन विभाग को EoDB विधेयक 2026 और Building Bye-Laws 2026 के अनुरूप अपने नियमों में संशोधन करने को कहा गया है।
वहीं पर्यटन विभाग को होमस्टे नीति को और सरल बनाने तथा भवन निर्माण, उद्योग और स्वास्थ्य समेत विभिन्न स्वीकृतियों के लिए Third Party Inspection Agencies की नियुक्ति पर जल्द अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया गया।
अब असली परीक्षा अमल की
बिहार में कारोबार को आसान बनाने के लिए नियमों में बदलाव की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम सामने आ चुके हैं। लेकिन इन सुधारों की असली सफलता इस बात से तय होगी कि फाइलों में तैयार नियम जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं।
सरकार ने संबंधित विभागों को आवश्यक अधिसूचनाएं जल्द जारी करने का निर्देश दिया है। उद्योग, नगर विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में अपने-अपने क्षेत्र के सुधारों की जानकारी दी।
बिहार अब ‘Ease of Doing Business’ से आगे बढ़कर ‘Ease of Living और Ease of Compliance’ की दिशा में भी कदम बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अगर प्रस्तावित बदलाव समय पर लागू हुए, तो आने वाले दिनों में उद्योग लगाने से लेकर भवन बनाने, जमीन के इस्तेमाल और स्वास्थ्य-पर्यटन क्षेत्र में कारोबार करने तक की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव दिखाई दे सकता है।