मोहनपुर से गायब नाबालिग की बरामदगी अब SIT के जिम्मे, CCTV, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों से होगी जांच
गयाजी। गया जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र से 13 दिनों से लापता 14 वर्षीय नाबालिग की तलाश अब विशेष जांच टीम (SIT) करेगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने नाबालिग की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन किया है।
गठित टीम की कमान नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव को सौंपी गई है। टीम में बोधगया एसडीपीओ मधु कुमारी, अंचल पुलिस निरीक्षक बोधगया सरफराज आलम, पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष मोहनपुर अजीत कुमार, पुलिस निरीक्षक डीआईयू प्रभारी गयाजी, पुलिस अवर निरीक्षक सुमन कुमार, अपर थानाध्यक्ष मोहनपुर उमा प्रसाद और अनुसंधानकर्ता संतोष कुमार पासवान को शामिल किया गया है।
IG ने कहा- नाबालिग की सकुशल बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता
मगध रेंज के IG ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिया है कि लापता नाबालिग की सकुशल बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मामले में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम को स्थानीय पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। इसके साथ ही CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए हैं।
SIT को संबंधित ठिकानों पर तत्काल छापेमारी और सर्च अभियान चलाने के साथ-साथ जांच की प्रगति रिपोर्ट हर 24 घंटे में मगध रेंज IG कार्यालय को भेजने को कहा गया है।
26 अगस्त से लापता है 14 वर्षीय नाबालिग
जानकारी के अनुसार, गया के मोहनपुर थाना क्षेत्र से 26 अगस्त को 14 वर्षीय नाबालिग लापता हुई थी। कई दिन बीतने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद परिवार ने मगध रेंज के IG से मदद की गुहार लगाई।
परिजनों की ओर से दर्ज प्राथमिकी में एक आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और बेचने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
एक युवक गिरफ्तार, फिर भी नाबालिग का सुराग नहीं
स्थानीय पुलिस के अनुसार, मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। हालांकि, इसके बावजूद लापता नाबालिग की बरामदगी नहीं हो सकी है।
पुलिस मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और जांच में सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
‘लव जिहाद’ एंगल की भी जांच, लेकिन मामला अभी जांच के दौर में
पुलिस इस मामले में ‘लव जिहाद’ के आरोप से जुड़े पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, यह एक जांच का एंगल और आरोप है, जिसे फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता। नाबालिग की बरामदगी और पूरे मामले की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
परिवार को बेटी की सुरक्षित वापसी का इंतजार
लापता नाबालिग के परिवार ने सरकार और पुलिस प्रशासन से बेटी को सुरक्षित वापस लाने और न्याय दिलाने की अपील की है। 13 दिनों से बच्ची का पता नहीं चलने के कारण परिवार के बीच चिंता बनी हुई है।
मामले में SIT के गठन के बाद अब परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जांच में तेजी आएगी और लापता 14 वर्षीय नाबालिग को जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सकेगा।