क्राइम मीटिंग में थानेदारों को दो टूक—संवेदनशील इलाकों में बढ़ाएं सतर्कता, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और Preventive Policing पर दें जोर
बिहारशरीफ। नालंदा में अपराध और नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने अपनी रणनीति और सख्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक हृदयकांत की अध्यक्षता में क्राइम मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में अपराध नियंत्रण, नशे के कारोबार पर कार्रवाई और आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
क्राइम मीटिंग में एसपी हृदयकांत ने साफ कहा कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
नशे के संभावित अड्डों को चिन्हित करने का निर्देश
एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे स्थानों को चिन्हित करने का निर्देश दिया, जहां सूखा नशा के कारोबार की संभावना अधिक है।
उन्होंने इन स्थानों पर खुफिया तरीके से नजर रखने और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा। पुलिस का उद्देश्य नशे के कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को इसके प्रभाव से बचाना भी है।
सीमावर्ती इलाकों में वाहन चेकिंग पर जोर
क्राइम मीटिंग के दौरान जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया। एसपी ने अधिकारियों से कहा कि इन इलाकों में वाहन चेकिंग अभियान को व्यवस्थित तरीके से लगातार चलाया जाए।
इसके अलावा जिले में अपराध की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, वांछित और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने को लेकर भी निर्देश दिए गए।
पारंपरिक पेट्रोलिंग सिस्टम से गश्ती का निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पारंपरिक पेट्रोलिंग सिस्टम के तहत ही पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित कांडों में फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए।
एसपी ने अपराध नियंत्रण के लिए Preventive Policing को बेहद जरूरी बताया। इसका उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित अपराध को पहले ही रोकने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाना है।
रात में भी नशे के खिलाफ चल रहा अभियान
पुलिस के अनुसार, नए पुलिस कप्तान हृदयकांत के निर्देश पर नालंदा को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से देर रात तक मादक पदार्थों के कारोबार और सेवन के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत संदिग्ध स्थानों के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर भी सघन छापेमारी की जा रही है।
एसपी ने बताया कि मादक पदार्थों के कारोबार पर पूर्णता अंकुश लगाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
नगरनौसा में 7 किलो से अधिक गांजा बरामदगी का भी जिक्र
इसी अभियान के तहत मंगलवार को नगरनौसा थाना पुलिस ने 7 किलो से अधिक गांजे की बरामदगी की। पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
क्राइम मीटिंग में दिए गए निर्देशों से साफ है कि नालंदा पुलिस अब नशे के संभावित ठिकानों की पहचान, सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग, पेट्रोलिंग और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष फोकस करने की तैयारी में है।