सर्पदंश में देरी पड़ सकती है भारी, सूजन, खून बहना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचें
लखनऊ, 24 अगस्त। मानसून के मौसम में सांपों का घरों, खेतों, बगीचों और आसपास के इलाकों में निकलना बढ़ जाता है। इस दौरान सर्पदंश का खतरा भी बढ़ जाता है। सांप के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने लोगों को सर्पदंश को मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है। खास तौर पर शुरुआती समय में इलाज मिलने से गंभीर खतरे को कम किया जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO भी कहता है कि जहरीले सांप के काटने के बाद मरीज को बिना देरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए। एंटीवेनम जहरीले सांप के जहर के प्रभाव को रोकने या कम करने का सबसे प्रभावी इलाज है और इसे WHO की जरूरी दवाओं की सूची में शामिल किया गया है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
सांप के काटने के बाद शरीर में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। काटने वाली जगह पर दो छिद्र जैसे निशान, सूजन, जलन और तेज दर्द हो सकता है। घाव से खून आना या लगातार रिसाव भी खतरे का संकेत हो सकता है।
इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, आवाज में बदलाव या भारीपन, त्वचा के रंग में बदलाव और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। कुछ जहरीले सांपों का जहर नसों और मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है, जिससे पलकों का झुकना, निगलने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत तक हो सकती है। WHO के अनुसार कुछ मामलों में जहर खून के जमने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और गंभीर रक्तस्राव या किडनी को नुकसान जैसी स्थिति भी पैदा कर सकता है।
सांप काटे तो सबसे पहले क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को जहरीले सांप के काटने का शक है तो उसे तुरंत उस जगह से सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। मरीज को शांत रखें और उसे चलने-फिरने न दें। शरीर और खासकर काटे गए अंग को ज्यादा हिलाने से बचाएं। संभव हो तो मरीज को स्ट्रेचर या किसी सुरक्षित तरीके से अस्पताल ले जाएं।
काटे गए हाथ या पैर में अंगूठी, घड़ी, कड़ा, पायल या कोई दूसरी टाइट चीज पहनी हो तो उसे तुरंत हटा दें। सूजन बढ़ने पर ये चीजें नुकसान पहुंचा सकती हैं। WHO भी सर्पदंश के बाद ऐसी चीजें हटाने की सलाह देता है।
अगर मरीज को उल्टी हो रही है या बेहोशी जैसी स्थिति है तो उसे करवट, खासकर बाईं ओर रिकवरी पोजिशन में रखना उपयोगी हो सकता है। उसकी सांस और सांस की नली पर लगातार नजर रखें। सांस रुकने की स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति को जरूरत के अनुसार CPR या अन्य जरूरी सहायता देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इन घरेलू नुस्खों से रहें दूर
सांप काटने के बाद झाड़-फूंक, जड़ी-बूटी या किसी पारंपरिक इलाज के भरोसे अस्पताल जाने में देरी न करें। घाव को काटना, जहर चूसने की कोशिश करना, घाव पर रसायन या दूसरी चीजें लगाना और कसकर रस्सी या टॉर्निकेट बांधना नुकसान पहुंचा सकता है। WHO ऐसे तरीकों से बचने की सलाह देता है।
काटे गए स्थान पर प्रेशर पैड या दबाव देने की कुछ तकनीकें कुछ खास प्रकार के सर्पदंश में उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन इसे हर सांप के काटने में अपने-आप लागू नहीं करना चाहिए। सही तरीका स्वास्थ्यकर्मी की सलाह और स्थानीय चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुसार ही अपनाया जाना चाहिए।
इलाज में सबसे अहम है समय
सर्पदंश के मामले में सबसे जरूरी बात है कि मरीज को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाए जहां सर्पदंश का इलाज और जरूरत पड़ने पर एंटीवेनम उपलब्ध हो। WHO के अनुसार उचित एंटीवेनम जहरीले सांप के जहर के गंभीर प्रभावों को रोकने या उलटने में सबसे प्रभावी उपचार है।
इसलिए सांप काटने के बाद लक्षणों का इंतजार करना या यह सोचकर घर पर रुकना कि अभी मरीज ठीक दिख रहा है, जोखिम भरा हो सकता है। समय पर अस्पताल पहुंचना ही सबसे जरूरी कदम है।