शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स बेहद जरूरी होते हैं। इनकी कमी होने पर शरीर कई तरह के संकेत दे सकता है, लेकिन परेशानी यह है कि लोग अक्सर इन संकेतों को सामान्य थकान, तनाव या बदलते मौसम से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं।
हर तरह की थकान या कमजोरी विटामिन की कमी की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन अगर कोई लक्षण लगातार बना रहे, बार-बार लौटे या रोजमर्रा के काम को प्रभावित करने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना बेहतर होता है।
1. बिना ज्यादा काम के लगातार थकान
अगर पर्याप्त आराम और नींद लेने के बावजूद शरीर में लगातार थकान महसूस होती है, तो इसे सिर्फ काम का दबाव मानकर नजरअंदाज न करें। आयरन, विटामिन B12 या फोलेट की कमी जैसी स्थितियां थकान से जुड़ी हो सकती हैं।
हालांकि थकान के पीछे नींद की कमी, तनाव, एनीमिया या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
2. बार-बार मुंह के छाले
मुंह में बार-बार छाले होना भी कई कारणों से हो सकता है। कुछ मामलों में फोलेट, विटामिन B12 या आयरन की कमी इसके पीछे एक कारण हो सकती है।
अगर छाले लगातार होते हैं या लंबे समय तक ठीक नहीं होते, तो खुद से विटामिन की गोलियां लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
3. बालों का ज्यादा झड़ना
बालों का झड़ना हर बार विटामिन की कमी का संकेत नहीं होता। तनाव, हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण और कई अन्य स्थितियां भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
लेकिन आयरन, जिंक या कुछ पोषक तत्वों की कमी भी बालों की समस्या से जुड़ी हो सकती है। अचानक बालों का झड़ना बढ़ जाए तो कारण की जांच जरूरी है।
4. त्वचा का रूखा और बेजान होना
त्वचा का बहुत ज्यादा रूखा होना मौसम, पानी की कमी या गलत स्किनकेयर के कारण भी हो सकता है। लेकिन संतुलित आहार की कमी का असर त्वचा पर भी पड़ सकता है।
इसलिए सिर्फ सप्लीमेंट लेने के बजाय रोज के भोजन में सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज, नट्स और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना जरूरी है।
5. हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन
हाथ-पैर में बार-बार झनझनाहट या सुन्नपन को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। विटामिन B12 की कमी कुछ लोगों में नसों से जुड़े ऐसे लक्षण पैदा कर सकती है।
लेकिन इसके पीछे डायबिटीज, नसों पर दबाव या दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं। लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
6. मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन
शरीर में कमजोरी, मांसपेशियों में परेशानी या बार-बार ऐंठन कई कारणों से हो सकती है। पोषण की कमी, पानी की कमी और कुछ मिनरल्स का असंतुलन भी इसका कारण हो सकता है।
अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो केवल सप्लीमेंट लेने के बजाय इसकी वास्तविक वजह पता करना जरूरी है।
7. आंखों से जुड़ी परेशानी
आंखों की सेहत में कुछ विटामिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर विटामिन A आंखों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।
लेकिन आंखों में धुंधलापन, सूखापन या देखने में बदलाव को केवल विटामिन की कमी मानना सही नहीं है। आंखों से जुड़ी लगातार परेशानी में विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
8. घाव भरने में ज्यादा समय लगना
अगर सामान्य चोट या घाव को ठीक होने में अपेक्षा से ज्यादा समय लग रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पोषण की कमी समेत कई स्वास्थ्य स्थितियां घाव भरने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे मामलों में खासकर अगर समस्या बार-बार हो रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
9. चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में परेशानी
लगातार तनाव, खराब नींद और अत्यधिक स्क्रीन टाइम से भी मूड और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है। वहीं कुछ पोषक तत्वों की कमी भी मानसिक और न्यूरोलॉजिकल लक्षणों से जुड़ी हो सकती है।
इसलिए केवल विटामिन की गोली शुरू करने के बजाय नींद, खान-पान और मानसिक तनाव सभी पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।
10. बार-बार संक्रमण या कमजोरी महसूस होना
अगर व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ रहा है या सामान्य दिनों की तुलना में कमजोरी महसूस कर रहा है, तो इसका कारण सिर्फ विटामिन की कमी नहीं माना जा सकता।
संतुलित आहार शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करता है, लेकिन बार-बार संक्रमण या लगातार कमजोरी की स्थिति में चिकित्सकीय जांच ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सिर्फ लक्षण देखकर Vitamin लेना सही है?
नहीं। यही सबसे जरूरी बात है।
एक ही लक्षण कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। उदाहरण के लिए थकान केवल विटामिन B12 की कमी से नहीं, बल्कि नींद की कमी, एनीमिया, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी हो सकती है।
इसलिए अगर लक्षण लगातार बने हुए हैं तो डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार ब्लड टेस्ट या दूसरी जांच की सलाह दे सकते हैं। जांच के बाद ही यह पता चल सकता है कि वास्तव में किस पोषक तत्व की कमी है।
शरीर को Vitamin देने का बेहतर तरीका
विटामिन और मिनरल्स के लिए सबसे पहले संतुलित और विविध आहार पर ध्यान देना चाहिए। अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, दूध या उपयुक्त विकल्प, अंडे/अन्य प्रोटीन स्रोत और नट्स-सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के हाई-डोज सप्लीमेंट लेना सही नहीं है, क्योंकि कुछ विटामिन शरीर में जरूरत से ज्यादा मात्रा में जमा होकर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर लगातार कमजोरी, हाथ-पैर में सुन्नपन/झनझनाहट, असामान्य बाल झड़ना, लंबे समय तक मुंह के छाले, आंखों की समस्या या कोई दूसरा लगातार बना हुआ लक्षण है, तो इसे सिर्फ विटामिन की कमी मानकर खुद इलाज न करें। डॉक्टर से सलाह लेकर सही कारण की जांच कराना बेहतर है।