Airbus ने इसे सुरक्षा का खतरा नहीं, बल्कि क्वालिटी से जुड़ी समस्या बताया; विमान उड़ते रहेंगे, नियमित मेंटेनेंस के दौरान होगी कोटिंग की मरम्मत
नई दिल्ली। यात्रियों को लेकर उड़ान भरने वाले Airbus A321neo विमानों से जुड़ी एक क्वालिटी समस्या सामने आई है। विमान निर्माता Airbus ने A321neo के फ्यूजलेज यानी विमान के मुख्य बाहरी ढांचे के निचले अगले हिस्से में लगे कुछ स्ट्रिंगर्स की सतह पर सुरक्षा कोटिंग में गड़बड़ी की पहचान की है।
रिपोर्टों के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 500 A321neo विमान इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo के करीब एक दर्जन विमान भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, 500 और 12 का आंकड़ा Airbus या IndiGo की ओर से आधिकारिक तौर पर कन्फर्म नहीं किया गया है।
आखिर विमान में मिली क्या खामी?
Airbus के मुताबिक, नियमित रीवर्क यानी रखरखाव प्रक्रिया के दौरान विमान के फ्यूजलेज के निचले अगले हिस्से में मौजूद स्ट्रिंगर्स की सतह की सुरक्षा कोटिंग में तय मानकों से जुड़ा अंतर पाया गया।
सरल भाषा में समझें तो विमान के ढांचे के कुछ हिस्सों पर विशेष कोटिंग की जाती है, ताकि धातु को बाहरी प्रभाव और खासकर जंग (corrosion) से बचाया जा सके। इसी सुरक्षा परत में गुणवत्ता से जुड़ी समस्या सामने आई है।
Airbus ने कहा है कि समस्या के स्रोत की पहचान कर ली गई है और उसे नियंत्रित कर लिया गया है। कंपनी के अनुसार, अब इस्तेमाल की जा रही नई कोटिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप है और प्रभावित विमानों के लिए समाधान उपलब्ध है।
क्या 500 विमान उड़ान भर रहे हैं?
यहां 500 के आंकड़े को समझना जरूरी है। रिपोर्टों में बताया गया है कि संभावित रूप से 500 से अधिक A321neo विमान इस क्वालिटी समस्या के दायरे में आ सकते हैं। इनमें कुछ विमान पहले से एयरलाइंस को डिलीवर किए जा चुके हैं, जबकि कुछ उत्पादन के अलग-अलग चरणों में हैं।
Reuters ने भी Air Current की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि यह समस्या 500 से अधिक विमानों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन Reuters उस समय इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर पाया था। इसलिए इसे आधिकारिक रूप से प्रभावित विमानों की अंतिम संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
IndiGo के कितने विमान प्रभावित?
भारत में इस मामले की सबसे ज्यादा चर्चा IndiGo के बेड़े को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन के करीब 12 A321neo विमान इस समस्या से प्रभावित बताए गए हैं।
IndiGo के बेड़े में 180 से ज्यादा A321neo विमान हैं। वहीं IndiGo और Air India को मिलाकर भारत में करीब 190 A321neo विमान संचालित होते हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, Air India के A321neo बेड़े पर इस समस्या का असर नहीं बताया गया है।
हालांकि, IndiGo और Airbus ने करीब 12 विमानों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल सूत्रों से मिली जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
क्या यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा है?
यही इस खबर का सबसे अहम हिस्सा है। Airbus ने इसे सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं बताया है।
कंपनी के मुताबिक, प्रभावित विमान अपनी निर्धारित प्रक्रिया के तहत उड़ान जारी रख सकते हैं। यानी इस समस्या के कारण इन विमानों को तत्काल ग्राउंड करने या उड़ानें रोकने की जरूरत नहीं बताई गई है। Airbus ने साफ कहा है कि मामला क्वालिटी से जुड़ा है, सेफ्टी इश्यू नहीं।
इसका मतलब यह भी है कि फिलहाल इस वजह से IndiGo की सामान्य यात्री उड़ानों पर तत्काल असर पड़ने की जानकारी नहीं है।
कैसे ठीक होंगे प्रभावित विमान?
Airbus के मुताबिक, प्रभावित हिस्से पर दोबारा आवश्यक सुरक्षा कोटिंग की जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए विमान के स्ट्रिंगर्स को निकालकर अलग करने की जरूरत नहीं होगी।
यानी विमान को पूरी तरह खोलकर बड़े स्तर पर संरचनात्मक मरम्मत करने के बजाय संबंधित हिस्से पर रीवर्क/री-कोटिंग की जा सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित विमानों पर यह काम करीब दो साल के भीतर पूरा किया जाना है।
Airbus का कहना है कि रीवर्क पूरा होने के बाद विमान अपनी मूल डिजाइन स्थिति के अनुरूप माना जाएगा।
तो क्या IndiGo की उड़ानों पर असर पड़ेगा?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक तुरंत कोई बड़ा परिचालन असर नहीं है। प्रभावित A321neo विमानों को उड़ान जारी रखने की अनुमति है और जरूरी काम नियमित मेंटेनेंस शेड्यूल के दौरान किया जा सकता है।
यानी यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि Airbus ने इस समस्या को सुरक्षा खतरा नहीं माना है। लेकिन करीब 500 विमानों तक संभावित असर की खबर ने विमान निर्माण में क्वालिटी कंट्रोल और नियमित निरीक्षण की अहमियत जरूर सामने ला दी है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि प्रभावित विमानों की अंतिम संख्या कितनी निकलती है और IndiGo के करीब एक दर्जन विमानों पर सुधार का काम किस समय-सीमा में पूरा किया जाता है।