CCPA ने बिना जरूरी जानकारी और नियामकीय अनुपालन के ‘Cyclosinone Herbicide’ की बिक्री-लिस्टिंग पर कार्रवाई की; तीनों प्लेटफॉर्म को बिक्री-विज्ञापन रोकने और 15 दिन में सेल्फ-ऑडिट रिपोर्ट देने का आदेश
नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में अब सिर्फ कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स या घरेलू सामान ही नहीं, बल्कि कृषि में इस्तेमाल होने वाले रसायन भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हैं।
लेकिन ऐसे उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए भी नियम-कायदे तय हैं। इन्हीं नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Amazon, Flipkart और JioMart पर कार्रवाई की है।
मामला ‘Cyclosinone Herbicide’ नाम से लिस्ट किए गए कृषि-रसायन का है। CCPA ने Amazon और Flipkart पर 10-10 लाख रुपये, जबकि JioMart पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्राधिकरण ने तीनों प्लेटफॉर्म को इस उत्पाद की बिक्री और विज्ञापन तुरंत बंद करने का भी निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
‘Herbicide’ यानी खरपतवारनाशी वह रसायन होता है जिसका इस्तेमाल खेत, बगीचे या अन्य जगहों पर अवांछित घास-फूस और खरपतवार को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। ऐसे कृषि-रसायनों की बिक्री और इस्तेमाल पर कानून के तहत नियामकीय शर्तें लागू होती हैं।
CCPA की कार्रवाई में जिस उत्पाद का नाम सामने आया, वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ‘Cyclosinone Herbicide’ के नाम से बेचा और प्रचारित किया जा रहा था।
जांच के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने CCPA को बताया कि ‘Cyclosinone’ नाम का कोई रसायन Insecticides Act, 1968 की Schedule में सूचीबद्ध नहीं है।
इसके अलावा, उत्पाद की ऑनलाइन लिस्टिंग में उसके active ingredient यानी सक्रिय रासायनिक घटक और composition यानी पूरी संरचना की जरूरी जानकारी भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी।
CCPA ने इसे उपभोक्ता संरक्षण और नियामकीय अनुपालन से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना।
कहां से शुरू हुई जांच?
यह मामला सीधे CCPA की ओर से शुरू नहीं हुआ था। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने Crop Care Federation of India (CCFI) की ओर से मिली शिकायत CCPA को भेजी थी।
इसके बाद जांच आगे बढ़ी। कृषि मंत्रालय ने बताया कि कीटनाशक, खरपतवारनाशी और दूसरे संबंधित कृषि-रसायनों की बिक्री के लिए Insecticides Act, 1968 और उससे जुड़े नियमों के तहत नियामकीय प्रावधान हैं।
जांच में CCPA ने यह भी देखा कि संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पाद को लिस्ट करने से पहले उसकी नियामकीय स्थिति की पर्याप्त स्वतंत्र जांच नहीं की गई थी।
किस पर कितना जुर्माना?
CCPA के अलग-अलग आदेशों के मुताबिक कार्रवाई इस तरह हुई है—
- Amazon Seller Services Pvt. Ltd. — ₹10 लाख
- Flipkart Internet Pvt. Ltd. — ₹10 लाख
- JioMart (Reliance Retail) — ₹5 लाख
Amazon के खिलाफ आदेश 16 सितंबर 2026 का है, जबकि Flipkart और JioMart के मामले में आदेश 22 सितंबर 2026 को जारी हुए। CCPA की आधिकारिक ऑर्डर लिस्ट में तीनों मामले दर्ज हैं।
Amazon पर कितनी बिक्री हुई?
मामले में Amazon से जुड़े आंकड़े खास तौर पर ध्यान खींचते हैं। CCPA के आदेश में बताया गया कि प्लेटफॉर्म पर इस उत्पाद से जुड़े 38,410 ऑर्डर हुए और कुल 43,634 यूनिट की बिक्री दर्ज की गई।
इनकी कुल बिक्री कीमत ₹96,42,572 बताई गई है। यानी मामला सिर्फ किसी एक-दो लिस्टिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि बड़ी संख्या में ऑर्डर और यूनिट तक पहुंच चुका था।
प्लेटफॉर्म की दलील क्या थी?
मामले में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की ओर से यह तर्क भी दिया गया कि उनका मॉडल मार्केटप्लेस है, जहां उत्पाद तीसरे पक्ष के विक्रेता बेचते हैं। यानी प्लेटफॉर्म खुद उस उत्पाद का निर्माता या पारंपरिक अर्थ में विक्रेता नहीं था।
लेकिन CCPA ने केवल विक्रेता की जिम्मेदारी पर निर्भर रहने की दलील को पर्याप्त नहीं माना। प्राधिकरण ने कहा कि प्लेटफॉर्म को अपने स्तर पर भी यह सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था रखनी चाहिए कि ऐसे उत्पाद उसकी वेबसाइट पर बिना जरूरी नियामकीय अनुपालन के सूचीबद्ध न हों।
अब Amazon, Flipkart और JioMart को क्या करना होगा?
CCPA ने तीनों कंपनियों को Cyclosinone Herbicide की बिक्री और उसके विज्ञापन को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही तीनों ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को अपने सिस्टम का self-audit यानी खुद जांच करने को कहा गया है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि उनके प्लेटफॉर्म पर ऐसे और कौन से उत्पाद सूचीबद्ध हैं, जो मौजूदा कानूनों का उल्लंघन करते हैं या जिनसे उपभोक्ताओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
कंपनियों को आदेश के 15 दिनों के भीतर compliance report यानी नियमों के पालन की रिपोर्ट भी CCPA के सामने जमा करनी होगी।
क्यों अहम है CCPA का यह एक्शन?
यह मामला सिर्फ तीन कंपनियों पर लगे कुल ₹25 लाख के जुर्माने तक सीमित नहीं है। इससे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की उस जिम्मेदारी पर भी सवाल सामने आया है, जहां हजारों-लाखों उत्पाद तीसरे पक्ष के विक्रेताओं के जरिए ऑनलाइन लिस्ट किए जाते हैं।
ग्राहक के लिए किसी उत्पाद का किसी बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दिखाई देना अक्सर उसकी वैधता और भरोसे का संकेत माना जा सकता है। ऐसे में नियामकीय जानकारी, लाइसेंस और उत्पाद की संरचना से जुड़े जरूरी विवरणों की जांच का महत्व बढ़ जाता है।
CCPA का यह आदेश इसी बात पर जोर देता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सिर्फ सामान बेचने की जगह नहीं, बल्कि उपभोक्ता तक पहुंचने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए कृषि-रसायन जैसे विनियमित उत्पादों की लिस्टिंग में सिर्फ बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि नियमों का पालन और उपभोक्ता सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।