Lucknow: उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा Election से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। CM योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के उस ऐलान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सरकार बनने पर गृहमंत्री बनाए जाने की बात कही गई है। CM ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में एक बार फिर दंगे की साजिश रची जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसी का नाम लिए बिना कहा कि विपक्ष के कुछ नेता सत्ता में आने पर ऐसे लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की बात कर रहे हैं, जिनकी राजनीति को लेकर पहले भी विवाद रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गंभीर संकेत बताते हुए जनता से ऐसी राजनीति से सावधान रहने की अपील की।
आजम खान के नाम पर क्यों गरमाई सियासत?

समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल यादव की ओर से आजम खान को लेकर दिए गए बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। योगी आदित्यनाथ ने इसी संदर्भ में समाजवादी पार्टी पर हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पता है कि ऐसे लोग सत्ता में नहीं आने वाले, लेकिन उनके मुताबिक जिस तरह की सोच सार्वजनिक रूप से सामने रखी जा रही है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी राजनीति प्रदेश में फिर से सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकती है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल इस बयान के जवाब में सपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।
पुराने दंगों का जिक्र कर सपा पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के पुराने शासनकाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान दंगों में शामिल लोगों के साथ सख्ती के बजाय राजनीतिक संरक्षण का व्यवहार किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में हुए दंगों से जुड़े लोगों को तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था के प्रति तत्कालीन सरकार के रवैये का उदाहरण बताया।
योगी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने अलग नीति अपनाई है और किसी भी तरह की हिंसा या अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस को भी 1947 के विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने की जल्दबाजी में देश का विभाजन हुआ और उसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा।
योगी ने यह भी आरोप लगाया कि आज भी विपक्षी दल वोट बैंक की राजनीति के कारण कई मुद्दों पर खुलकर अपना पक्ष नहीं रखते। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ कथित अत्याचार का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की चुप्पी पर सवाल उठाया।
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मंच से दिया संदेश
योगी आदित्यनाथ ने यह बयान ऐसे समय दिया जब देश विभाजन की त्रासदी को याद कर रहा है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभाजन के दौरान हुई हिंसा और विस्थापन को याद करते हुए कहा कि इतिहास की इन घटनाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं को याद करने का माध्यम नहीं है, बल्कि उससे वर्तमान और भविष्य के लिए सीख भी ली जानी चाहिए। उनके मुताबिक विभाजन के दौरान हुई त्रासदी को समझना इसलिए जरूरी है ताकि समाज में वैसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।
चुनावी माहौल में बढ़ेगी बयानबाजी
आजम खान को गृहमंत्री बनाए जाने के कथित ऐलान पर मुख्यमंत्री योगी की प्रतिक्रिया को उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक लड़ाई के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कानून-व्यवस्था, तुष्टीकरण और सांप्रदायिक राजनीति जैसे मुद्दे पहले से ही राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी चर्चा को और तेज कर सकता है। दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से इन आरोपों का जवाब और आजम खान को लेकर सपा का आधिकारिक रुख भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था और दंगा नियंत्रण के मुद्दे को चुनावी राजनीति में प्रमुख मुद्दा बनाएगी।