Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Reading: ‘वंदे मातरम्’ पर फिर गरमाई सियासत, अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- पूरा गीत न गाना देशविरोधी
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - राजनीति - ‘वंदे मातरम्’ पर फिर गरमाई सियासत, अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- पूरा गीत न गाना देशविरोधी

‘वंदे मातरम्’ पर फिर गरमाई सियासत, अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- पूरा गीत न गाना देशविरोधी

आभा शुक्ला
Last updated: अगस्त 20, 2026 2:49 अपराह्न
By : आभा शुक्ला
Published on : 2 सप्ताह पहले
वंदे मातरम् विवाद पर अमित शाह और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी
साझा करें

गृह मंत्री ने 1937 के फैसले को बताया तुष्टीकरण की राजनीति, कहा- कांग्रेस ने तब गीत के दो हिस्से किए और देश के बंटवारे की नींव पड़ी

‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा हमला बोला है, जिसमें पार्टी ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के शुरुआती दो पद ही गाने की बात कही है। शाह ने कांग्रेस के इस फैसले को देशविरोधी बताया और 1937 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ के दो हिस्से कर दिए थे। उनके मुताबिक, इसी फैसले से देश के विभाजन की नींव पड़ी।

कांग्रेस के फैसले पर शाह ने उठाए सवाल

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का सिर्फ दो पद गाने का फैसला बेहद हैरान करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी 1937 के अपने पुराने फैसले को आगे बढ़ा रही है। शाह के अनुसार, उस समय ‘वंदे मातरम्’ के कुछ हिस्सों को अलग करने का फैसला मुस्लिम समुदाय को खुश करने की राजनीति के तहत लिया गया था।

शाह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आजादी की लड़ाई से जुड़ा हुआ गीत है और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी खास भूमिका रही है। उनके मुताबिक, इस गीत ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे लोगों में देशभक्ति की भावना मजबूत की थी। ऐसे में पूरे गीत को नहीं गाने का फैसला सही नहीं है।

1937 के फैसले पर फिर शुरू हुई बहस

‘वंदे मातरम्’ मूल रूप से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना है। आजादी के आंदोलन के दौरान यह गीत देशभक्ति का बड़ा प्रतीक बन गया था। हालांकि, गीत के कुछ हिस्सों में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े संदर्भ होने के कारण उस समय इसे लेकर आपत्ति भी सामने आई थी।

ये भी पढ़े

तेज प्रताप के आरोपों से फिर चर्चा में संजय सिंह: मिनी बैंक से शुरू किया सफर, रियल एस्टेट में बनाई पकड़; चिराग के करीबी बने तो मिला मंत्री पद
योगी सरकार का शिक्षकों को बड़ा सम्मान, राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 नाम चयनित
25 साल पुराना सोन नदी जल विवाद खत्म, बिहार-झारखंड के बीच MOU; 8 जिलों की सिंचाई को मिलेगा बड़ा फायदा
आरोप गंभीर, जांच में दोषी मिले तो मंत्री पर होगी कड़ी कार्रवाई: चिराग पासवान

1937 में कांग्रेस ने फैसला किया था कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो पद गाए जाएंगे। इन शुरुआती पदों में मातृभूमि की प्रशंसा की गई है, जबकि आगे के हिस्सों में धार्मिक संदर्भ आते हैं। उस समय कांग्रेस ने सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शुरुआती दो पदों को ही सार्वजनिक रूप से गाने के लिए उपयुक्त माना था।

यही पुराना फैसला अब एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

शाह ने विभाजन से भी जोड़ा मामला

अमित शाह ने कांग्रेस के 1937 के फैसले को सिर्फ गीत से जुड़ा मामला नहीं माना। उन्होंने इसे उस दौर की मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस के ऐसे फैसलों ने आगे चलकर देश के विभाजन की जमीन तैयार करने में भूमिका निभाई।

शाह के इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रगीत के साथ समझौता किया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि उस समय का फैसला सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया था।

कांग्रेस का कहना है, पुराना फैसला ही लागू किया

कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो पद गाने का फैसला 1937 के प्रस्ताव के आधार पर लिया है। पार्टी का तर्क है कि यह कोई नया फैसला नहीं है। कांग्रेस के मुताबिक, आजादी के दौर में भी पार्टी ने इसी व्यवस्था को स्वीकार किया था।

कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह पुराने ऐतिहासिक मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए उठा रही है। उनका कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और इसका सम्मान सभी करते हैं।

राष्ट्रगीत के रूप में मिली खास पहचान

आजादी के बाद भी ‘वंदे मातरम्’ का महत्व बना रहा। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद से दोनों को देश के राष्ट्रीय जीवन में खास सम्मान मिला है।

अब कांग्रेस के सिर्फ दो पद गाने के फैसले पर अमित शाह के तीखे बयान ने पुराने इतिहास को फिर राजनीतिक बहस में ला दिया है। एक तरफ कांग्रेस अपने पुराने फैसले को सही बता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे तुष्टीकरण की राजनीति और देश के विभाजन से जोड़ रही है।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुई यह बहस फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही। मुद्दा अब सिर्फ राष्ट्रगीत के कितने पद गाए जाएं, इतना नहीं रह गया है। इसके साथ आजादी का इतिहास, उस दौर की राजनीति और आज की सियासत भी जुड़ गई है।

TAGGED:Amit ShahBJPCongressPolitical NewsVande Mataram
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
abha
Byआभा शुक्ला
आभा शुक्ला पत्रकारिता, जनसंपर्क और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5+ वर्षों के अनुभव वाली पत्रकार एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल हैं। पटना से जुड़ीं आभा को समाचार शोध, रिपोर्टिंग, कंटेंट डेवलपमेंट, मीडिया आउटरीच और जनसंपर्क अभियानों का अनुभव है। उन्होंने Zee News में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में समाचार शोध, रिपोर्टिंग और कंटेंट डेवलपमेंट का अनुभव हासिल किया। इसके बाद UNE Consultant में PR Executive के तौर पर मीडिया आउटरीच, PR कैंपेन और कॉर्पोरेट इवेंट्स पर काम किया। TCS में Associate के रूप में उन्होंने डेटा मैनेजमेंट, रिसर्च और सूचना प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। आभा शुक्ला तथ्यपरक, शोध-आधारित और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाने में रुचि रखती हैं।
पिछली ख़बर बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी शिक्षा विभाग के अफसर के ठिकानों पर छापा, घर से 35 लाख बरामद! पटना से बेगूसराय तक करोड़ों की संपत्ति की जांच
अगली ख़बर JPSC JSSC विवाद में झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला JPSC-JSSC विवाद में बड़ा ट्विस्ट, हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर लगाई रोक; अभ्यर्थियों को मिली राहत

ये भी पढ़ें

बछवाड़ा में 2 सितंबर को बिजली कटौती, फतेहा चिरंजीवीपुर और रसीदपुर प्रभावित

कल 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली रहेगी बाधित, इन तीन इलाकों के उपभोक्ता रहें तैयार

दानापुर सैन्य स्टेशन में PNG इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापना के लिए MoU

दानापुर सैन्य स्टेशन में PNG इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी स्थापना, बिहार का पहला मिलिट्री स्टेशन बनेगा

नालंदा एसपी हृदय कांत का थानों में औचक निरीक्षण

बड़े साहब के थानों के Surprise inspection से थम गई है नालंदा में अपराध की रफ्तार

हरनौत में युवक का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद जांच करती पुलिस

हरनौत में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, पुलिस ने शुरू की जांच

हरेका में OPS बहाली की मांग को लेकर रेल कर्मचारियों का ब्लैक-डे

हरेका में कर्मचारियों ने मनाया ब्लैक-डे, OPS बहाली की मांग; NPS-UPS का विरोध

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • झारखण्‍ड
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • दिल्‍ली

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?