बक्सर। पटना-डीडीयू रेलखंड पर सफर कर रहे वैशाली के एक युवक के अपहरण के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया है। रेल पुलिस ने बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र से युवक का शव बरामद किया है। मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपित ने युवक की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
मामले की जांच कर रही रेल पुलिस अब इस वारदात के साथ नेउरा स्टेशन के पास चलती ट्रेन से एक व्यक्ति को फेंके जाने की घटना के तार भी जोड़कर देख रही है। गिरफ्तार आरोपित ने पूछताछ में उस घटना में भी शामिल होने की बात कही है।
ट्रेन में सफर के दौरान युवक को बनाया गया निशाना
मृतक की पहचान वैशाली जिले के जन्दाहा थाना क्षेत्र के चन्दवारा निवासी नीतीश यादव, पिता मुकेश राय के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, नीतीश मंगलवार को एक स्पेशल ट्रेन से डीडीयू की तरफ जा रहे थे।
दोपहर करीब दो बजे ट्रेन के सफर के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। आरोप है कि उन्हें ट्रेन से उतारने के बाद अपने साथ ले जाया गया। कुछ समय बाद नीतीश ने मौका मिलने पर खुद फोन कर रेल मुख्यालय को घटना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया था कि उनके साथ वारदात उत्तर प्रदेश के दिलदारनगर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच हुई है।
बक्सर और दिलदारनगर की टीम ने शुरू की तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही रेल पुलिस सक्रिय हो गई। बक्सर और दिलदारनगर जीआरपी के साथ आरपीएफ की संयुक्त टीम ने युवक की तलाश शुरू की। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस को एक आरोपित के बारे में सुराग मिला। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नीतीश यादव की हत्या की जानकारी सामने आने की बात कही गई।
बिहार-यूपी सीमा से बरामद हुआ शव
आरोपित से मिली जानकारी के आधार पर रेल पुलिस ने बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान नीतीश यादव का शव बरामद कर लिया गया।
शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए हत्या के कारण और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है।
नेउरा स्टेशन की घटना से भी जुड़ सकते हैं तार
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपित ने नेउरा स्टेशन के पास चलती ट्रेन से एक व्यक्ति को फेंके जाने की घटना में भी शामिल होने की बात कही है।
रेल पुलिस अब इस स्वीकारोक्ति के आधार पर दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह या अन्य लोग शामिल थे।
हालांकि, किसी आरोपित की पूछताछ में कही गई बात को जांच पूरी होने तक अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य लोगों की भूमिका के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है।
जगजीवन हाल्ट के पास भी मिला शव
इधर, आरा स्टेशन से सटे जगजीवन हाल्ट के पास भी एक शव बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इस शव की पहचान और घटना का वैशाली के नीतीश यादव हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रेल पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन घटनाओं के पीछे कोई आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच
एक आरोपित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके संभावित साथियों और वारदात में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच टीम कॉल डिटेल, घटनास्थल के आसपास की जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
रेलखंड पर लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए इस मामले की जांच रेल पुलिस के लिए भी अहम मानी जा रही है।