वैशाली में दिनदहाड़े अंशुमान की हत्या से सनसनी, पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाई गुत्थी; पुरानी रंजिश में रची गई थी साजिश, 2 आरोपी गिरफ्तार
हाजीपुर। वैशाली में दिनदहाड़े हुई युवक की हत्या का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रुस्तमपुर थाना क्षेत्र में 19 अगस्त को बिदुपुर-कच्ची दरगाह सिक्स लेन पुल पर अंशुमान कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश में मृतक का करीबी दोस्त ही शामिल था। वह खुद अंशुमान के साथ बाइक पर बैठा था और रास्ते भर शूटरों को उसकी लोकेशन बताता रहा। पुलिस के मुताबिक उसने तीन बार फोन कर हत्यारों को अंशुमान के बारे में जानकारी दी थी।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक देसी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और इलाके में वर्चस्व की लड़ाई की बात सामने आई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
बाइक पर साथ था दोस्त, लेकिन इरादा कुछ और था
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त की दोपहर अंशुमान अपने दोस्त रौशन कुमार के साथ बाइक से पटना की तरफ जा रहा था। अंशुमान को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस दोस्त को वह अपने साथ लेकर चल रहा है, वही उसकी हर गतिविधि की जानकारी शूटरों तक पहुंचा रहा है।
जांच में पता चला कि बाइक पर पीछे बैठे रौशन ने रास्ते में तीन बार फोन किया। उसने शूटरों को अंशुमान की सही लोकेशन बताई। जैसे ही दोनों सिक्स लेन पुल के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद अंशुमान सड़क पर गिर गया। इसके बाद बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार इस पूरी वारदात में रौशन ने लाइनर की भूमिका निभाई थी।
खुद भी घायल होने का किया नाटक
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद शक से बचने के लिए रौशन ने खुद भी घायल होने का नाटक किया। वह इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस जांच आगे बढ़ी तो उसकी भूमिका सामने आने लगी।
जांच टीम ने मोबाइल फोन से जुड़े सुराग और दूसरे वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। इसके बाद पुलिस को हत्या की साजिश में शामिल लोगों तक पहुंचने में सफलता मिली।
2024 की घटना बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी अभिनव कुमार के बारे में पुलिस ने बताया कि वर्ष 2024 में उसके पेट में गोली लगी थी। पुलिस के अनुसार उसे शक था कि यह गोली अंशुमान ने चलाई थी। उस समय मामले में अंशुमान का नाम सीधे तौर पर सामने नहीं आया था, लेकिन अभिनव के मन में रंजिश बनी रही।
पुलिस के अनुसार गिरोह के अंदर वर्चस्व को लेकर भी विवाद था। इसी पुरानी दुश्मनी ने बाद में हत्या की साजिश का रूप ले लिया। अभिनव ने अंशुमान के करीबी दोस्त रौशन को अपने साथ मिलाया और फिर वारदात की योजना बनाई।
हत्या से पहले घर पर भी हुआ था हमला
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि हत्या से करीब दो सप्ताह पहले अंशुमान के घर पर गोलीबारी और बमबारी की कोशिश की गई थी। उस समय मामला आगे नहीं बढ़ पाया था। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों के सामने नहीं आने की वजह से जांच को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
इसके बाद 19 अगस्त की वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव था।
72 घंटे में पुलिस ने पकड़े दो आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ सदर गोपाल मंडल के नेतृत्व में SIT बनाई गई। टीम ने मोबाइल सर्विलांस और वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सिक्स लेन सड़क के पाया नंबर 24 के पास से अभिनव को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर रौशन को भी पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभिनव का पहले से आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ लूट तथा हत्या के प्रयास के चार मामले दर्ज हैं। इस मामले में शामिल अन्य शूटर अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर दिखाया है कि पुरानी रंजिश जब बदले में बदल जाती है तो उसका अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान फरार आरोपियों तक पहुंचने और हत्या की साजिश में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाने पर है।