सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। मंगलवार को सिलीगुड़ी में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “समय आने पर देखेंगे, भतीजे का क्या हाल होगा।” यह टिप्पणी ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को लेकर की गई।
रैली के मंच से परिवारवाद और विपक्ष पर निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में ममता बनर्जी और विपक्षी दलों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दो परिवारों के बीच नजदीकी बढ़ी है—गांधी परिवार और कालीघाट परिवार। अपने राजनीतिक भाषण में उन्होंने ममता बनर्जी को ‘2जी’ और गांधी परिवार को ‘4जी’ कहकर तंज किया। उनके बयान का मकसद विपक्षी राजनीति और परिवार आधारित नेतृत्व पर हमला करना था।
उन्होंने तृणमूल के पूर्व विधायक जहांगीर उर्फ पुष्पा के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी को लेकर भविष्य में कार्रवाई या राजनीतिक परिणाम की बात कही। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी विशिष्ट कानूनी कार्रवाई का विवरण नहीं दिया। उनके इस बयान को भाजपा और तृणमूल के बीच जारी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
बाघाजतीन पार्क से गांधी चौक तक निकली रैली
शुभेंदु अधिकारी भाजपा की उस रैली में शामिल हुए, जो बाघाजतीन पार्क से महात्मा गांधी चौक तक निकाली गई। कार्यक्रम का नाम ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ रखा गया था। उनके साथ केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और भाजपा के अन्य नेता भी मौजूद थे। रैली में राज्य की राजनीतिक स्थिति, लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया गया।

दिल्ली की विपक्षी रैली पर भी टिप्पणी
भाजपा नेता ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हाल में आयोजित विपक्षी रैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे हारे हुए नेताओं का जमावड़ा बताया। ममता बनर्जी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अब उन्हें कोई नहीं बुलाता। उन्होंने ‘यस पापा’ और ‘यस घुसपैठिया’ जैसे राजनीतिक तंज के जरिए विपक्षी दलों और उनके नेताओं पर हमला बोला।
अपने भाषण में शुभेंदु अधिकारी ने देश के 134 स्थानों पर आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैलियों का उल्लेख किया और इसे दिमागी नक्सलियों, जमातियों तथा कम्युनिस्टों के खिलाफ आंदोलन बताया। उन्होंने ‘काक्रोच जनता पार्टी’ कहकर भी विरोधियों पर कटाक्ष किया और कहा कि बंगाल के लोग तिलचट्टों से निपटना जानते हैं। ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक भाषण का हिस्सा थीं।
चाय श्रमिकों के बोनस पर भी बोले मुख्यमंत्री
रैली से पहले शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने चाय बागानों में बोनस के मुद्दे पर कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक चालू चाय बागानों में इस बार 20 प्रतिशत बोनस देना संभव हुआ है। उन्होंने चाय श्रमिकों को सरकार की ओर से 5,000 रुपये बोनस देने की घोषणा का भी उल्लेख किया। चाय उद्योग उत्तर बंगाल की अर्थव्यवस्था और बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है, इसलिए बोनस का विषय क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है।
बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज
शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद राज्य में भाजपा और तृणमूल के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को लेकर की गई टिप्पणी ने रैली को राजनीतिक रूप से चर्चा में ला दिया है। वहीं चाय श्रमिकों के बोनस संबंधी बयान को उत्तर बंगाल के श्रमिक मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।

फिलहाल यह बयान भाजपा की रैली में दिए गए राजनीतिक आरोप और टिप्पणी के रूप में सामने आया है। इसमें लगाए गए आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल नहीं है। राजनीतिक दावों और आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
