शंभुगंज (बांका): बांका जिले के शंभुगंज बाजार स्थित यूको बैंक के एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) से रुपये की निकासी के बाद 500 रुपये के सात नोट जाली निकलने का आरोप सामने आया है। केहनीचक गांव निवासी वकील पासवान ने दावा किया कि सीएसपी से मिले नोटों को बाजार में दुकानदार ने नकली बताकर लेने से इनकार कर दिया। बाद में बैंककर्मी से जांच कराने पर भी नोटों के जाली होने की बात कही गई। शिकायत के बाद सीएसपी संचालक ने ग्राहक को राशि वापस कर दी।
निकासी के बाद दुकान पर सामने आया मामला
वकील पासवान के अनुसार वह तीन दिन पहले शंभुगंज बाजार स्थित यूको बैंक के सीएसपी केंद्र पर रुपये निकालने गए थे। निकासी के बाद केंद्र संचालक ने उन्हें 500 रुपये के सात नोट दिए। ग्राहक ने बताया कि वह इन नोटों को लेकर बाजार में खरीदारी करने पहुंचे। वहां एक दुकान पर भुगतान के दौरान दुकानदार ने नोटों को संदिग्ध बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद वकील पासवान ने नोटों को एक बैंककर्मी को दिखाया। उनके मुताबिक बैंककर्मी ने भी जांच के बाद नोटों को जाली बताया। इसके बाद वह वापस सीएसपी केंद्र पहुंचे और संचालक से रुपये लौटाने की मांग की। आरोप है कि शुरुआत में संचालक ने राशि वापस करने में आनाकानी की, लेकिन विरोध के बाद रकम लौटा दी गई।
सीएसपी संचालक ने मुख्य शाखा से नकदी लाने की बात कही
मामले में सीएसपी संचालक ने बताया कि वह नकदी मुख्य बैंक शाखा से लेकर आते हैं। उनका कहना है कि केंद्र पर उपलब्ध कराई जाने वाली राशि बैंक से प्राप्त होती है। इस मामले में नोटों के जाली होने का आरोप सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन की जांच महत्वपूर्ण हो गई है, ताकि यह पता चल सके कि संदिग्ध नोट किस स्तर पर नकदी के साथ आए।

बैंक ने जांच का दिया आश्वासन
यूको बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक रोहित राज ने कहा कि बैंक शाखा में सभी नोटों की मशीन से गिनती होती है। उनके अनुसार शाखा स्तर पर इस तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं है। हालांकि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई है। बैंक की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि नोटों की पहचान और वितरण की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक हुई या नहीं।
पुलिस को अब तक लिखित शिकायत नहीं
शंभुगंज थानाध्यक्ष प्रभाकर कुमार ने बताया कि जाली नोटों का चलन गंभीर मामला है। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर पुलिस जांच करेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्राहक और सीएसपी संचालक के बीच राशि लौटाने के बाद मामला सामने आया है, लेकिन नोटों के स्रोत और उनकी प्रामाणिकता की आधिकारिक जांच का विवरण उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों में नकदी की जांच को लेकर चिंता
इस घटना के बाद सीएसपी केंद्रों से नकदी निकालने वाले ग्रामीण ग्राहकों में चिंता बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक सेवा केंद्र बैंकिंग सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कई लोग खाते से नकदी निकालने, जमा करने और अन्य बुनियादी बैंकिंग कार्यों के लिए इन केंद्रों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नकदी की विश्वसनीयता और शिकायतों के त्वरित निपटारे का महत्व बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से सीएसपी केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच कराने तथा ग्राहकों को नकली नोटों की पहचान के प्रति जागरूक करने की मांग की है। विशेषज्ञ जांच के बिना नोटों के स्रोत के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। बैंक और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित जाली नोट कहां से आए और जिम्मेदारी किस स्तर पर बनती है।

शिकायत और जांच की प्रक्रिया अहम
ऐसे मामलों में ग्राहक के पास उपलब्ध निकासी रसीद, लेनदेन का विवरण और संदिग्ध नोटों को सुरक्षित रखना जांच में मददगार हो सकता है। फिलहाल वकील पासवान को राशि वापस मिलने की बात कही गई है। अब बैंक की ओर से जांच और पुलिस को औपचारिक शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
