पश्चिम बंगाल में इस बार सर्दी की शुरुआत का इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है। चक्रवात मुरासु के अप्रत्यक्ष प्रभाव ने राज्य में ठंड की दस्तक को पीछे धकेल दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और मंगलवार को कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, 5 नवंबर यानी गुरुवार से आसमान साफ होने और रात के तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। इससे 8 नवंबर को काली पूजा के आसपास बंगाल में सर्द मौसम का अहसास बढ़ सकता है।
कोलकाता। बंगाल में नवंबर की शुरुआत के साथ जिस ठंड का इंतजार किया जा रहा था, वह फिलहाल मौसम के बदलते मिजाज के कारण टलती नजर आ रही है। आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने वाले चक्रवात मुरासु का असर भले ही पश्चिम बंगाल में सीधे तौर पर दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव से राज्य के मौसम में बदलाव हुआ है। बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना के बीच तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, बुधवार से शनिवार तक अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना धीरे-धीरे कम होने और बादल छंटने के साथ रात के तापमान में गिरावट आ सकती है। ऐसे में काली पूजा से पहले बंगाल के लोगों को ठंड का शुरुआती अहसास होने की उम्मीद है।
उत्तर और दक्षिण बंगाल के किन जिलों में बारिश का अनुमान?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। उत्तर बंगाल के बाकी तीन जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

दक्षिण बंगाल में बारिश का दायरा अपेक्षाकृत बड़ा रह सकता है। उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में मौसम अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है।
मंगलवार को राज्य के सभी जिलों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। इसका असर दिन और रात के तापमान पर पड़ सकता है।
5 नवंबर से साफ होगा आसमान, रात में बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में गुरुवार, 5 नवंबर से मौसम में सुधार के संकेत हैं। बुधवार से शनिवार तक राज्य में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहने की संभावना जताई गई है। बारिश की गतिविधियां कम होने और बादलों का आवरण हटने के बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है।
यही बदलाव काली पूजा के आसपास ठंड की शुरुआत के लिए अनुकूल स्थिति बना सकता है। इस साल काली पूजा 8 नवंबर को है। ऐसे में त्योहार के समय शाम और रात के दौरान मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होने की उम्मीद है। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, इसका आकलन आने वाले दिनों के मौसम संबंधी आंकड़ों से ही स्पष्ट होगा।

कोलकाता में सामान्य से ऊपर रहा न्यूनतम तापमान
इस बीच, कोलकाता में सोमवार को अधिकतम तापमान 31.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य 31 डिग्री सेल्सियस से मामूली अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.02 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 2.03 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
शहर में सापेक्ष आर्द्रता 67 से 95 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई। हवा में नमी का यह स्तर बताता है कि वातावरण में फिलहाल उमस और नमी बनी हुई है। न्यूनतम तापमान का सामान्य से ऊपर रहना भी इस बात का संकेत है कि बंगाल में रातें अभी अपेक्षित ठंडक हासिल नहीं कर पाई हैं।
बंगाल पर चक्रवात का सीधा असर नहीं, लेकिन मौसम पर पड़ेगा प्रभाव
चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है और वहां रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम बंगाल में चक्रवात का सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन मौसम विभाग ने इसके अप्रत्यक्ष असर से बादल और छिटपुट बारिश की स्थिति बनने की बात कही है।
फिलहाल बंगाल में मौसम का मिजाज दो चरणों में बदलता दिख रहा है। पहले चरण में मंगलवार को बादल और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है, जबकि दूसरे चरण में 5 नवंबर से मौसम साफ होने और रात के तापमान में गिरावट आने का अनुमान है।

कुल मिलाकर, चक्रवात मुरासु ने बंगाल में सर्दी की शुरुआत को कुछ दिनों के लिए पीछे जरूर धकेला है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान से काली पूजा के आसपास ठंड का इंतजार खत्म होने की उम्मीद जगी है। अब निगाहें अगले कुछ दिनों के तापमान और आसमान की स्थिति पर रहेंगी।
ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात मुरासु का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक ओडिशा के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में समुद्र तट से जुड़े इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
तीनों राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी।
ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भी असर की आशंका।
