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सोन नदी की बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद, तेज धार में खेत कटकर बने गड्ढे

State Desk Bihar
Last updated: सितम्बर 7, 2026 5:26 अपराह्न
By : State Desk Bihar
Published on : 12 घंटे पहले
बारुण में सोन नदी की बाढ़ से बर्बाद खेत और फसल
बारुण में सोन नदी की बाढ़ से बर्बाद खेत और फसल
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बारुण में बाढ़ से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान, कई इलाकों में खेतों की मिट्टी कटी; फसल क्षति का आकलन और मुआवजे की मांग

संसू, बारुण (औरंगाबाद) : सोन नदी में आई बाढ़ ने बारुण प्रखंड क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज धार के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गई है। कई जगह पानी के तेज बहाव से खेतों की मिट्टी कट गई, जिससे उपजाऊ जमीन गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है।

किसानों के अनुसार बाढ़ के कारण उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि सोमवार को सोन नदी के पानी का बहाव कम हुआ, जिसके बाद किसानों ने थोड़ी राहत की सांस ली। लेकिन खेतों में जमा पानी और कटाव के कारण फसलों को हुए नुकसान का मंजर अब भी साफ दिखाई दे रहा है।

खेतों में बर्बादी का मंजर, मुआवजे की मांग

बाढ़ का पानी कम होने के बाद खेतों में फसल बर्बादी और मिट्टी कटाव की स्थिति सामने आने लगी है। किसानों का कहना है कि कई जगह फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जबकि तेज धार वाले इलाकों में जमीन की ऊपरी उपजाऊ परत तक बह गई।

किसान अब प्रशासन से फसल क्षति का आकलन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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रंजीत चौधरी उर्फ नन्दी, मुखिया प्रतिनिधि सह निषाद विकास संघ, केदार चौधरी सहित पीड़ित किसान राम आशीष चौधरी, सुदर्शन चौधरी, सुरेश चौधरी, विजय चौधरी, विनय चौधरी, अर्जुन चौधरी, सिकंदर, सुदामा, दशरथ चौधरी, गणेश चौधरी, माला चौधरी, जयप्रकाश, रामचंद्र चौधरी, भजन चौधरी, गुलाबचंद चौधरी, अवधेश चौधरी, संतोष चौधरी और भूषण चौधरी ने बताया कि बाढ़ से लगभग सैकड़ों एकड़ खेती नष्ट हुई है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

इन इलाकों में बाढ़ का ज्यादा असर

ग्रामीणों के अनुसार धमनी इंद्रपुरी से लेकर धमनी गोला, खजूरी फार्म, नागेश्वरपुर, डिहरा, कर्मकिला, सहसपुर, शेखपुरा, बारुण, केशवपुर, इंग्लिश, गठौली, जानपुर और खारजाव सहित कई इलाकों में बाढ़ का असर पड़ा है।

कई खेतों में फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, जबकि जहां पानी का बहाव तेज रहा, वहां खेतों की मिट्टी कटने से जमीन का स्वरूप ही बदल गया। इससे आने वाले समय में इन खेतों में खेती करना भी किसानों के लिए चुनौती बन सकता है।

बाढ़ से किसानों को हुआ नुकसान

  • सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद
  • कई खेतों में तेज कटाव से उपजाऊ मिट्टी बह गई
  • कुछ स्थानों पर खेत गहरे गड्ढों में तब्दील
  • किसानों के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान
  • प्रशासन से फसल क्षति के आकलन और मुआवजे की मांग

इंद्रपुरी बराज से पानी का बहाव घटने का ट्रेंड

इधर, अंचलाधिकारी नारायण राय ने बताया कि इंद्रपुरी बराज से सोमवार सुबह नौ बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 69 में से 41 गेट खुले थे। बराज के ऊपरी जलस्तर का स्तर 355 फीट और निचला जलस्तर 339.50 फीट दर्ज किया गया।

बराज के ऊपरी हिस्से से 1,49,335 क्यूसेक तथा निचले हिस्से से 1,39,812 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पानी के बहाव का ट्रेंड गिरता हुआ है।

जलस्तर और पानी का बहाव कम होने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि खेतों में हुए नुकसान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर है कि फसल क्षति का सर्वे कब शुरू होता है और उन्हें नुकसान के एवज में कितना मुआवजा मिलता है।

TAGGED:औरंगाबादफसल नुकसानबारुणबारुण बाढ़बिहार बाढ़सोन नदी
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