भवनाथपुर में बाढ़ का पानी सड़क पर तेज धारा के साथ बहने के बाद प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, सुल्तानगंज-भागलपुर जाने वाले वाहनों का रूट बदला
संवाद सूत्र, अकबरनगर, भागलपुर : भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच एनएच-80 पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भवनाथपुर के पास सड़क पर करीब 2.5 फीट ऊंचाई तक बाढ़ का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। जलस्तर में और वृद्धि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर किसी भी तरह के वाहन और लोगों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है।
प्रशासन का यह कदम बाढ़ के तेज बहाव के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है। एसडीओ के निर्देश पर एनएच-80 के प्रभावित हिस्से में बैरिकेडिंग कराने के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
पुलिस की मौजूदगी में लागू रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रतिबंधित किए गए मार्ग से किसी भी वाहन या व्यक्ति को आवागमन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा अधिकारियों को जलस्तर और सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। पानी के बहाव और सड़क की स्थिति में होने वाले बदलाव की जानकारी नियमित रूप से संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है, ताकि जरूरत के अनुसार आगे के फैसले लिए जा सकें।
सुल्तानगंज से भागलपुर जाने वाले वाहनों का बदला रूट
एनएच-80 के इस हिस्से पर आवागमन बंद होने के बाद प्रशासन ने वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया है। बाढ़ का पानी और उसका तेज बहाव समाप्त होने तक इसी वैकल्पिक रूट से वाहनों को भेजा जाएगा।
सुल्तानगंज से भागलपुर की ओर जाने वाले वाहनों को अकबरनगर के रास्ते भेजने के बजाय एनएच-80 मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन से भेजा जाएगा।
वहीं, भागलपुर से सुल्तानगंज की ओर आने वाले वाहनों को दोघगच्छी बाइपास होते हुए एनएच-80 मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट
- सुल्तानगंज → भागलपुर: एनएच-80 मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन
- भागलपुर → सुल्तानगंज: दोघगच्छी बाइपास → एनएच-80 मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन
बाढ़ के पानी में जोखिम न लेने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के पानी में जोखिम लेकर आवागमन न करें। तेज बहाव वाली सड़क पर पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है और ऐसे में वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों से जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने और प्रतिबंधित मार्ग पर जाने से बचने को कहा है। जलस्तर और सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद ही इस मार्ग पर आवागमन बहाल किए जाने की उम्मीद है।