पुनपुन और दरधा के बढ़ते जलस्तर से चंडासी में बिगड़े हालात, सैकड़ों हवन कुंड डूबे; दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित
संवाद सूत्र, फुलवारी शरीफ : पुनपुन और दरधा नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण चंडासी इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बाढ़ का पानी अब प्रसिद्ध अर्धनारीश्वर मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। मंदिर चारों ओर से पानी से घिर गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले लोगों को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार मंदिर परिसर में बने सैकड़ों हवन कुंड भी पानी में डूब चुके हैं।
मंदिर परिसर में घुसा पानी, हवन कुंड डूबे
बाढ़ का पानी धीरे-धीरे मंदिर के मुख्य हिस्से की ओर बढ़ रहा है। आसपास का पूरा इलाका जलमग्न होने से मंदिर परिसर तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है। इससे श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मंदिर परिसर में बने सैकड़ों हवन कुंड पानी में पूरी तरह डूब गए हैं। स्थिति को देखते हुए फिलहाल श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
सड़कों के बाद मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी
चंडासी क्षेत्र में बाढ़ का असर सबसे पहले सड़क संपर्क पर दिखाई दिया। पानी का दबाव बढ़ने के कारण कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे आसपास के दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
अब लगातार बढ़ता पानी अर्धनारीश्वर मंदिर परिसर तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। पहले मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते प्रभावित हुए और अब मंदिर परिसर भी पानी से घिर गया है।
108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है मंदिर
चंडासी स्थित अर्धनारीश्वर मंदिर अपनी 108 फीट ऊंची विशाल अर्धनारीश्वर प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यह धार्मिक परिसर हाल के दिनों में श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में उभरा है।
बाढ़ का पानी मंदिर परिसर तक पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
हवन कुंड के पास बच्चों के स्नान से बढ़ी चिंता
बाढ़ के पानी के बीच मंदिर परिसर के हवन कुंड के आसपास बच्चों के स्नान करने का दृश्य भी सामने आया है। गहरे पानी और तेज बहाव को देखते हुए यह खतरनाक साबित हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर लोगों से जलमग्न क्षेत्रों में नहीं जाने और बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील की जा रही है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की ओर से भी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है।
जलस्तर बढ़ा तो और गंभीर हो सकती है स्थिति
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुनपुन और दरधा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा, तो चंडासी और आसपास के गांवों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लोगों ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की व्यवस्था बढ़ाने के साथ जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की मांग की है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी और जलमग्न इलाकों में सुरक्षा को लेकर बनी हुई है।