पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपितों ने की फायरिंग, आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई में तीनों घायल; सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती, कई गंभीर मामलों में तलाश थी
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुलिस को अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। 6 और 7 अक्टूबर 2026 की दरम्यानी रात पुलिस की विशेष टीमों ने मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन वांछित एवं इनामी आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपितों ने पुलिस बल पर गोलीबारी की, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई कार्रवाई में तीनों घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल, सीतामढ़ी में भर्ती कराया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुनील कुमार, मन शंकर उर्फ मणि सिंह और इंदल कुमार उर्फ इंदल महतो के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।

गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त ऑपरेशन
पुलिस उपाधीक्षक निशान्त गौरव के निर्देशन में STAW/SOG-14 ने SOG-4, स्वाट-3 और HIT-1 के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर एवं सीतामढ़ी पुलिस की टीमों के सहयोग से कार्रवाई की।
पुलिस को मानवीय सूचना के आधार पर तीनों वांछित आरोपितों के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने रणनीति बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि तलाशी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान आरोपितों की ओर से फायरिंग की गई। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों घायल हो गए।
घायल होने के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। हालिया रिपोर्टों में भी सीतामढ़ी में तीन आरोपितों के पुलिस मुठभेड़ के बाद घायल होकर गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि हुई है।
तीन पिस्टल और 772 जिंदा कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी में तीन पिस्टल और अलग-अलग बोर के कुल 772 जिंदा कारतूस शामिल हैं।

बरामद सामान का विवरण इस प्रकार है—
| बरामद सामग्री | संख्या |
|---|---|
| आर्चरी रेगुलर पिस्टल, 32 बोर | 1 |
| कंट्री मेड पिस्टल, 7.62 एमएम | 1 |
| कंट्री मेड पिस्टल, 7.65 एमएम | 1 |
| 7.65 एमएम KF के जिंदा कारतूस | 122 |
| 32 HPM के जिंदा कारतूस | 488 |
| 7.62 एमएम के जिंदा कारतूस | 136 |
| .315 बोर के जिंदा कारतूस | 17 |
| 9 एमएम के जिंदा कारतूस | 9 |
| कुल जिंदा कारतूस | 772 |
| मोटरसाइकिल | 1 |
इतनी बड़ी संख्या में कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि हथियार और गोलियां कहां से हासिल की गईं और इनका इस्तेमाल किन आपराधिक घटनाओं में हुआ।
सुनील कुमार का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुनील कुमार के खिलाफ सीतामढ़ी जिले के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें डुमरा थाना कांड संख्या 276/20, बथनाहा थाना कांड संख्या 104/16, परसौनी थाना कांड संख्या 133/23 और 85/23, रीगा थाना कांड संख्या 206/23 और 299/26 तथा पुनौरा थाना कांड संख्या 199/23 शामिल हैं।
इन मामलों में धोखाधड़ी, लूट, हथियार अधिनियम और हत्या जैसी गंभीर धाराओं का उल्लेख है। विशेष रूप से रीगा थाना कांड संख्या 299/26 को दिनेश यादव हत्याकांड से जोड़ा गया है।

मणि सिंह और इंदल महतो पर भी कई मामले
मन शंकर उर्फ मणि सिंह के खिलाफ बेलसंड और पिपराही थाना क्षेत्रों में आर्म्स एक्ट, हत्या और लूट से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं इंदल कुमार उर्फ इंदल महतो के खिलाफ परसौनी, सीतामढ़ी और रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्रों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब तीनों के अन्य आपराधिक इतिहास और संभावित नेटवर्क का भी पता लगा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस तीनों आरोपितों के पूर्व के गंभीर मामलों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
हथियारों के स्रोत और नेटवर्क की होगी पड़ताल
तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब केवल बरामद हथियारों तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपितों के संपर्क किन लोगों से थे, हथियार और कारतूस की आपूर्ति कहां से हुई तथा क्या ये लोग किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हैं।
फिलहाल तीनों घायल आरोपितों का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस की ओर से उनके खिलाफ दर्ज मामलों, बरामद हथियारों और कारतूसों के स्रोत तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर आगे की जांच जारी है।

