भारत-नेपाल सीमा पर SSB और सिकटी पुलिस का संयुक्त अभियान; तीन नेपाली नागरिक समेत पांच आरोपित पकड़े गए, 31,835 नेपाली रुपये भी बरामद
Araria/सिकटी: भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एसएसबी और सिकटी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 33.05 ग्राम स्मैक के साथ पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
तलाशी के दौरान उनके पास से 31,835 नेपाली रुपये भी बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में तीन नेपाली नागरिक बताए गए हैं।
यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की आवाजाही पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। सीमा क्षेत्र में एसएसबी और पुलिस की संयुक्त निगरानी लगातार जारी है।

हाल के दिनों में भी अररिया के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई सामने आई है।
गुप्त सूचना पर बौका मजरख में घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर नियमित गश्ती, वाहन जांच और अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान एसएसबी एवं सिकटी पुलिस की टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग बौका मजरख वार्ड संख्या-1 के रास्ते स्मैक लेकर सिकटी की ओर जाने वाले हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की रणनीति बनाई। इसके बाद बौका मजरख क्षेत्र में सीमा से करीब 200 मीटर भारतीय क्षेत्र के अंदर निगरानी और घेराबंदी की गई।
पुलिस और एसएसबी की टीम ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर पांच लोगों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से प्लास्टिक में रखा भूरे रंग का पाउडरनुमा पदार्थ बरामद हुआ। जांच के लिए डीडी किट का इस्तेमाल किया गया, जिसमें बरामद पदार्थ स्मैक पाया गया।

तीन नेपाली नागरिक भी गिरफ्तार
संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सिकटी थाना क्षेत्र के बौका मजरख वार्ड संख्या-1 निवासी दयानंद पासवान (39) और विक्रम कुमार पासवान (19) के रूप में हुई है।
इसके अलावा नेपाल के मोरंग जिले के झपड़तल थाना क्षेत्र के डैनिया वार्ड संख्या-9 निवासी वासुदेव पंडित (27), आनंद कुमार राजवंसी तथा सोनवर्षी वार्ड संख्या-5 निवासी सतीश कुमार शर्मा (26) को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पांचों आरोपितों को बरामद मादक पदार्थ के साथ हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
31 हजार से ज्यादा नेपाली रुपये बरामद
तलाशी के दौरान टीम को 31,835 नेपाली रुपये भी मिले। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बरामद नकदी का संबंध मादक पदार्थों की कथित तस्करी से है या नहीं।

सीमा क्षेत्र में नेपाली मुद्रा और मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है या नहीं और मादक पदार्थ की खेप उन्हें कहां से उपलब्ध हुई थी।
NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी
सिकटी थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गिरफ्तार आरोपितों की चिकित्सीय जांच कराई जाएगी और इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत अररिया जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
भारत-नेपाल सीमा से लगे अररिया के इलाकों में तस्करी रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। ऐसे में एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को सीमा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि 33.05 ग्राम स्मैक की यह खेप कहां से आई, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
