मुंबई: Share Market: भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए शानदार वापसी की। बाजार में निचले स्तरों पर हुई खरीदारी, एशियाई बाजारों की मजबूती और वैश्विक स्तर पर कुछ सकारात्मक संकेतों के बीच Sensex और Nifty दोनों बढ़त के साथ बंद हुए।
कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला, लेकिन अंतिम घंटों में खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांक अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहे। Sensex 472.77 अंक यानी 0.66 फीसदी चढ़कर 72,382.47 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 133.80 अंक यानी 0.60 फीसदी की बढ़त के साथ 22,555.75 पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे में Sensex 750 अंक से ज्यादा उछला
सोमवार के कारोबार में बाजार ने शुरुआत से ही सकारात्मक रुख दिखाया। दिन के दौरान एक समय Sensex 722.23 अंक की बढ़त के साथ 72,631.93 के स्तर तक पहुंच गया था। वहीं, Nifty भी 199.85 अंक उछलकर 22,621.80 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंचा। हालांकि बाद में बाजार की तेजी कुछ कम हुई, लेकिन दोनों प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
यह तेजी ऐसे समय आई है जब भारतीय शेयर बाजार इससे पहले लगातार चार कारोबारी दिनों तक दबाव में रहा था। व्यापक बाजार में भी सोमवार को सकारात्मक माहौल देखने को मिला और Nifty Midcap 100 तथा Nifty Smallcap 100 करीब आधे फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।

निवेशकों की संपत्ति में ₹1.06 लाख करोड़ का इजाफा
शेयर बाजार में आई तेजी का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी पड़ा। BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 5 अक्टूबर को बढ़कर ₹4,69,08,208.28 करोड़ हो गया।
इससे पहले 1 अक्टूबर को BSE-listed कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण ₹4,68,01,845.12 करोड़ था। इस तरह एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹1,06,363.16 करोड़ का इजाफा हुआ।
यानी सोमवार की बाजार तेजी ने निवेशकों के लिए एक ही कारोबारी दिन में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का इजाफा किया।
ITC, Eternal और Airtel बने बाजार के टॉप गेनर
Sensex के 30 शेयरों में से 20 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में गिरावट रही। सोमवार के कारोबार में ITC सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहा। इसके अलावा Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal और Bharti Airtel में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

ITC में करीब 5 फीसदी की तेजी रही और यह प्रमुख इंडेक्स में सबसे बड़े गेनर्स में शामिल रहा। बाजार में FMCG शेयरों की मजबूती ने भी प्रमुख सूचकांकों को सपोर्ट दिया।
दूसरी ओर, HCL Technologies, HDFC Bank और Sun Pharma उन प्रमुख शेयरों में रहे जिन पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
FMCG और PSU बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो सोमवार को बाजार की तेजी में FMCG और PSU Bank सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। Nifty FMCG इंडेक्स में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि Nifty PSU Bank करीब 1 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
इसके उलट फार्मा सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। Nifty Pharma इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक कमजोर रहा। IT सेक्टर का प्रदर्शन भी कमजोर रहा और इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

इससे साफ है कि सोमवार की बाजार तेजी व्यापक रूप से सभी सेक्टरों में नहीं थी, बल्कि कुछ चुनिंदा सेक्टरों और शेयरों ने बाजार को ऊपर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
बाजार को किन संकेतों से मिला सपोर्ट?
सोमवार की तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक संकेतों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख, अमेरिकी रोजगार से जुड़े कमजोर आंकड़ों और कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से निवेशकों की धारणा को सहारा मिला।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय बाजार के लिए कुछ राहत पैदा की। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी से आयात लागत और महंगाई को लेकर दबाव कम होने की उम्मीद बनती है।
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों में सुधार और घरेलू बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी ने सोमवार को बाजार की दिशा बदलने में मदद की। हालांकि, बाजार में अभी भी वैश्विक ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनी रहेगी।

बाजार में तेजी के बावजूद सावधानी जरूरी
शेयर बाजार की सोमवार की तेजी निश्चित रूप से निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन इसे बाजार में स्थायी ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। इससे पहले भारतीय बाजार में लगातार कई सप्ताह तक कमजोरी देखने को मिली थी। सोमवार की तेजी के बाद भी निवेशकों के लिए वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखना जरूरी होगा।
Sensex का 72,382 और Nifty का 22,555 के ऊपर बंद होना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन आगे की दिशा तय करने में आने वाले कारोबारी सत्रों की चाल महत्वपूर्ण होगी। बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सोमवार का कारोबारी सत्र फिलहाल इस मायने में अहम रहा कि चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ वापसी की और निवेशकों की संपत्ति में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
