सुबह 4 बजे सरौजा भगवानपुर के पास स्लुइस गेट के समीप टूटा बांध; तेज बहाव के साथ निचले इलाकों में फैल रहा पानी, सामान समेटकर सुरक्षित जगह जाने लगे लोग
Saran Flood/पानापुर। बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सारण जिले में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। मकेर के बाद अब पानापुर प्रखंड में भी सारण मुख्य तटबंध टूट गया है। चकियां पंचायत के सरौजा भगवानपुर गांव के समीप स्लुइस गेट के पास गुरुवार तड़के करीब 4 बजे तटबंध का एक हिस्सा अचानक टूट गया। बांध टूटते ही पानी तेज बहाव के साथ आसपास के निचले इलाकों की ओर फैलने लगा।
तटबंध टूटने की खबर मिलते ही आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुट गए। जिन इलाकों में पानी तेजी से बढ़ने की आशंका है, वहां ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
पहले से बना हुआ था पानी का दबाव
स्थानीय लोगों के अनुसार, सरौजा भगवानपुर के पास तटबंध के इस हिस्से पर पहले से ही पानी का दबाव बना हुआ था। पिछले दिनों गंडक का जलस्तर बढ़ने के कारण पानापुर के कई हिस्सों में तटबंध को लेकर चिंता बनी हुई थी। 30 सितंबर को भी सलेमपुर और सारंगपुर के पास तटबंध में रिसाव की सूचना सामने आई थी और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम निगरानी कर रही थी।
इसके बीच गुरुवार सुबह तटबंध टूटने से हालात अचानक बिगड़ गए। टूटे हिस्से से निकल रहा पानी अब तेजी से निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
मकेर के बाद पानापुर में दूसरी बड़ी चिंता
इससे एक दिन पहले ही सारण के मकेर क्षेत्र में भी मुख्य तटबंध को नुकसान पहुंचा था। मकेर के बाघाकोल और हैजलपुर क्षेत्र में तटबंध टूटने के बाद गंडक का पानी ग्रामीण इलाकों की ओर फैलने लगा था। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें वहां मरम्मत और बचाव कार्य में जुटी थीं।
अब पानापुर में नया टूटाव होने से बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
कई प्रखंडों के निचले इलाकों पर नजर
पानापुर में तटबंध टूटने का असर सिर्फ आसपास के गांवों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। पानी के फैलाव को देखते हुए पानापुर और मशरक के साथ सारण के तरैया, अमनौर और मढ़ौरा प्रखंडों के निचले इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है।
वहीं, तटबंध टूटने वाली जगह सारण-गोपालगंज सीमा क्षेत्र के करीब होने के कारण गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के कुछ इलाकों पर भी पानी के असर की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पानी किस स्तर तक और कितनी तेजी से इन इलाकों में पहुंचेगा, यह बहाव और स्थानीय स्थिति पर निर्भर करेगा।
घरों से सामान निकालने लगे ग्रामीण
तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों में सबसे ज्यादा चिंता घर और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने को लेकर है। पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोग अनाज, जरूरी कागजात, कपड़े और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
अचानक तेज बहाव शुरू होने से लोगों को रातों-रात अपना घर छोड़ने की तैयारी करनी पड़ रही है। कई ग्रामीण ऊंचे स्थानों की ओर जाने की तैयारी में हैं।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट
घटना की सूचना प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दी गई है। प्रभावित इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पानी के बढ़ते फैलाव को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती टूटे तटबंध से निकल रहे पानी के बहाव को नियंत्रित करना और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना है। गंडक के बढ़े जलस्तर और पहले से क्षतिग्रस्त तटबंधों के बीच पानापुर में नया टूटाव प्रशासन के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है।