27 सितंबर की शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई; एसडीपीओ की रिपोर्ट में दोनों के आचरण को प्रथम दृष्टया संदिग्ध और अनुशासनहीनता पाए जाने की बात, एसएसपी शुभांक मिश्रा ने किया निलंबित
हाजीपुर: Vaishali News: वैशाली में पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। महुआ थाना में तैनात अपर थानाध्यक्ष समेत दो पुलिस पदाधिकारियों को पैसे मांगने से जुड़ी शिकायत की जांच के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई है।
निलंबन की जानकारी वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शुभांक मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।
किन दो पुलिस पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
निलंबित किए गए पुलिस पदाधिकारियों में पुलिस अवर निरीक्षक (SI) सोनू कुमार गुप्ता, जो महुआ थाना के अपर थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे, और प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक (PSI) दीनबंधु कुमार, जो महुआ थाना में पदस्थापित थे, शामिल हैं।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, हाजीपुर निर्धारित किया गया है। यानी निलंबन के दौरान दोनों अधिकारी महुआ थाना में अपनी नियमित ड्यूटी नहीं करेंगे और उनका प्रशासनिक मुख्यालय हाजीपुर रहेगा।
27 सितंबर को मिली थी पैसे मांगने की शिकायत
मामला 27 सितंबर से जुड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, महुआ थाना क्षेत्र से शिकायत सामने आई थी कि महुआ थाना में पदस्थापित सोनू कुमार गुप्ता और प्रशिक्षु अवर निरीक्षक दीनबंधु कुमार द्वारा कथित तौर पर पैसे की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद इसे केवल आरोप के स्तर पर छोड़ने के बजाय पुलिस प्रशासन ने इसकी जांच कराई। एसएसपी शुभांक मिश्रा के निर्देश पर महुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई।
SDPO की जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एसडीपीओ ने मामले की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट वरीय पुलिस अधीक्षक को सौंपी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोनों पुलिस पदाधिकारियों के कर्तव्य निर्वहन में संदिग्ध आचरण और अनुशासनहीनता पाए जाने की बात सामने आई।
‘प्रथम दृष्टया’ का मतलब है कि जांच के इस चरण में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपों और संबंधित आचरण को गंभीर मानने के पर्याप्त आधार मिले। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।
एसएसपी ने क्यों लिया सख्त एक्शन?
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वैशाली के एसएसपी शुभांक मिश्रा ने सोनू कुमार गुप्ता और दीनबंधु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग में निलंबन एक विभागीय कार्रवाई है, जिसके दौरान संबंधित पुलिसकर्मी को नियमित पदस्थापना की जिम्मेदारियों से अलग रखा जाता है और मामले में आगे की प्रक्रिया जारी रहती है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। यानी निलंबन के बाद भी प्रकरण की विभागीय प्रक्रिया खत्म नहीं हुई है।
भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए वैशाली पुलिस प्रशासन ने पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर सख्ती का संदेश दिया है। एसएसपी शुभांक मिश्रा ने कहा है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मामले में भी कार्रवाई सीधे शिकायत के बाद कराई गई जांच और उसकी रिपोर्ट के आधार पर हुई है। अब आगे की विभागीय कार्रवाई में मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जाएगी और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।