प्रधान शिक्षक ने बीआरसी मानसी को लिखित आवेदन देकर सीढ़ी की खराब स्थिति की जानकारी दी थी। आवेदन रिसीव होने के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं कराई गई। हादसे में पहली कक्षा की छात्रा रितिका कुमारी की मौत हुई और सात बच्चे घायल हुए।
Khagaria School Accident: जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत अमनी स्थित जटाधर मिश्र प्राथमिक विद्यालय (पासवान टोला) में सीढ़ी गिरने से हुई छात्रा की मौत के मामले में अब स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सामने आया है कि जिस सीढ़ी के गिरने से पहली कक्षा की छात्रा रितिका कुमारी की मौत हुई, उसके जर्जर और खतरनाक होने की जानकारी स्कूल के प्रधान शिक्षक ने पहले ही विभाग को लिखित रूप में दी थी।
हादसे में रितिका की मौत के अलावा सात बच्चे घायल हुए। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने तकनीकी और प्रशासनिक जांच पूरी कर ली है।
प्रधान शिक्षक ने पहले ही दी थी सीढ़ी की चेतावनी
विद्यालय के वर्तमान प्रधान शिक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने स्कूल में योगदान देने के बाद ऊपरी मंजिल तक जाने वाली सीढ़ी की स्थिति को खतरनाक पाया था। इसके बाद उन्होंने बीआरसी मानसी में लिखित आवेदन देकर सीढ़ी की मरम्मत कराने की मांग की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, बीआरसी कार्यालय ने आवेदन रिसीव भी किया था। इसके बावजूद समय रहते सीढ़ी की मरम्मत नहीं कराई गई। यही बात अब जांच के केंद्र में है कि चेतावनी मिलने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
2018 में बनी थी सीढ़ी, निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल
स्थानीय ग्रामीणों के आरोप के अनुसार, वर्ष 2018 में तत्कालीन विद्यालय प्रधान भूषण राम के कार्यकाल में सीढ़ी का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है।
भूषण राम अभी भी इसी विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के बाद से वे घर से फरार हैं। वहीं मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया चलने की जानकारी दी है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जलजमाव के कारण बरामदे में हुआ था चेतना सत्र
हादसे के दिन विद्यालय परिसर में बारिश का पानी जमा था। जलजमाव के कारण बच्चों का चेतना सत्र मैदान के बजाय बरामदे में आयोजित किया गया था।
प्रार्थना समाप्त होने के बाद बच्चे ऊपरी कक्षा की ओर जाने लगे। इसी दौरान जर्जर सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर गई और बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ की मदद से बच्चों को बाहर निकाला गया।
विद्यालय में 261 विद्यार्थी नामांकित हैं, जबकि करीब 150 बच्चे नियमित रूप से स्कूल आते हैं। यहां 12 शिक्षक पदस्थापित हैं। स्कूल में कुल छह कमरे हैं, जिनमें तीन निचले और तीन ऊपरी तल पर हैं। ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए यही सीढ़ी मुख्य रास्ता थी।
तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने पूरी की जांच
घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। इसमें सदर एसडीओ धनंजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मुक्ति नारायण शामिल हैं।
समिति ने घटना की तकनीकी और प्रशासनिक जांच की है। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण की गुणवत्ता, सीढ़ी की स्थिति और बीआरसी में दिए गए चेतावनी आवेदन समेत कई पहलुओं की जांच की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय किए जाने की बात कही गई है।
खगड़िया में पहले भी सामने आ चुके हैं जर्जर स्कूलों के मामले
यह घटना जिले में स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। रिपोर्ट में पूर्व की कई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
- कन्या प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया: 31 अगस्त की रात परित्यक्त भवन गिर गया था।
- जगन्नाथ राम इंटर विद्यालय सलारपुर: 28 अगस्त को तीन कमरों के बरामदे का छज्जा गिर गया था।
- इंटर विद्यालय कन्हैयाचक, परबत्ता: जुलाई 2022 में छज्जा टूटने से नौवीं कक्षा की तीन छात्राएं घायल हुई थीं।
- प्लस टू विद्यालय चौधा बन्नी, महेशखूंट: चंडी टोला में विद्यालय की चहारदीवारी गिरने से छह मजदूरों की मौत का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
- राटन, गोगरी: स्कूल की छत का हिस्सा गिरने से बच्चों के घायल होने की घटना भी सामने आ चुकी है।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी
खगड़िया के इस स्कूल हादसे ने स्कूल भवनों की सुरक्षा, समय पर मरम्मत और विभागीय शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रधान शिक्षक की ओर से पहले ही सीढ़ी की स्थिति की सूचना दिए जाने की बात सामने आने के बाद अब जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।