Dinman Times
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर बदलेगी सिग्नलिंग की तस्वीर, 233 करोड़ रुपये मंजूर
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - देश - समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर बदलेगी सिग्नलिंग की तस्वीर, 233 करोड़ रुपये मंजूर

समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर बदलेगी सिग्नलिंग की तस्वीर, 233 करोड़ रुपये मंजूर

प्रशांत कुमार
Last updated: सितम्बर 1, 2026 12:48 अपराह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 2 महीना पहले
समस्तीपुर मंडल में 21 स्टेशनों की सिग्नलिंग व्यवस्था होगी आधुनिक
समस्तीपुर मंडल में 21 स्टेशनों की सिग्नलिंग व्यवस्था होगी आधुनिक
साझा करें

पुरानी पैनल इंटरलॉकिंग की जगह लगेगा आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, सुरक्षित ट्रेन परिचालन के साथ ‘कवच’ के विस्तार को भी मिलेगा तकनीकी आधार

समस्तीपुर। ट्रेन की रफ्तार भले पटरियों पर दिखाई देती हो, लेकिन उसकी सुरक्षा का बड़ा हिस्सा उन सिग्नलों और प्वाइंटों में छिपा होता है, जिन्हें यात्री अक्सर देखते तक नहीं। अब समस्तीपुर मंडल में इसी ‘अदृश्य सुरक्षा कवच’ को आधुनिक बनाने की तैयारी है।

रेलवे ने मंडल के 21 स्टेशनों पर पुरानी पैनल इंटरलॉकिंग व्यवस्था को हटाकर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने के लिए 233 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस बदलाव से न सिर्फ सिग्नलिंग व्यवस्था ज्यादा भरोसेमंद होने की उम्मीद है, बल्कि भविष्य में ‘कवच’ जैसी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के विस्तार को भी तकनीकी आधार मिलेगा।

सिग्नल से लेकर ट्रेन के रूट तक, सब पर नजर

रेलवे में इंटरलॉकिंग व्यवस्था किसी स्टेशन की ‘सुरक्षा की रीढ़’ मानी जाती है। किसी ट्रेन को किस लाइन पर जाना है, कौन-सा प्वाइंट किस दिशा में रहेगा और किस समय कौन-सा सिग्नल खुलेगा—इन तमाम प्रक्रियाओं के बीच आपसी तालमेल बनाए रखने में इंटरलॉकिंग की अहम भूमिका होती है।

Dinman Times ads 728-90

समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर अब इसी व्यवस्था को आधुनिक रूप दिया जाएगा। वर्तमान पैनल इंटरलॉकिंग की जगह कंप्यूटर आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) स्थापित की जाएगी।

ये भी पढ़े

यूपी MLC चुनाव में सपा की जीत के बाद अखिलेश की अपील, जुलूस नहीं निकालने को कहा
MLC चुनाव नतीजों से कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ मुहिम पर सवाल, रामलीला मैदान रैली से पहले BJP-JDU का हमला
मछली मारने के विवाद में महिला की मौत, पटना में इलाज के दौरान तोड़ा दम
लखीसराय में करंट लगने से 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत, 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आए

इसका उद्देश्य केवल तकनीक बदलना नहीं, बल्कि सिग्नलिंग व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, सटीक और आधुनिक बनाना है।

पुरानी व्यवस्था से कितनी अलग होगी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग?

पैनल इंटरलॉकिंग में सिग्नल और प्वाइंट के संचालन के लिए पारंपरिक तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल होता है। इसके विपरीत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में कंप्यूटर आधारित सिस्टम के माध्यम से सिग्नल, प्वाइंट और ट्रेन के निर्धारित रूट के बीच तालमेल नियंत्रित किया जाता है।

इससे ऑपरेशन में मानवीय त्रुटि की संभावना को कम करने और सिग्नलिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलती है।

Dinman Times ads 728-90

नई प्रणाली का एक महत्वपूर्ण फायदा फॉल्ट डायग्नोसिस भी है। तकनीकी खराबी की पहचान अपेक्षाकृत तेजी से की जा सकती है, जिससे खराबी दूर करने और सिस्टम को सामान्य स्थिति में लाने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलती है।

‘कवच’ के लिए भी तैयार होगा बेहतर आधार

इस परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क में ‘कवच’, यानी स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, के विस्तार पर काम कर रहा है।

कवच के प्रभावी संचालन के लिए आधुनिक और विश्वसनीय सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। ऐसे में 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना को भविष्य की ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

हालांकि, केवल इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लग जाना कवच की पूरी व्यवस्था लागू होने के बराबर नहीं है। कवच के लिए ट्रैक, सिग्नलिंग, संचार और ट्रेन से जुड़े कई तकनीकी घटकों का एक साथ तैयार होना जरूरी होता है।

Dinman Times ads 728-90

ट्रेनों के परिचालन पर क्या पड़ेगा असर?

सिग्नलिंग सिस्टम मजबूत होने का असर सीधे यात्री को भले दिखाई न दे, लेकिन ट्रेन परिचालन में इसका महत्व बड़ा है।

सिग्नल और प्वाइंट के संचालन में अधिक सटीकता आने से ट्रेनों के आवागमन को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे स्टेशन पर रूट सेटिंग की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और परिचालन में लचीलापन बढ़ सकता है।

इसके साथ ही आधुनिक सिस्टम की निगरानी और रखरखाव भी अधिक तकनीकी तरीके से किया जा सकेगा।

233 करोड़ का निवेश क्यों महत्वपूर्ण?

रेलवे के आधुनिकीकरण की चर्चा अक्सर नई ट्रेन, नई लाइन, स्टेशन पुनर्विकास या ट्रैक दोहरीकरण तक सीमित रह जाती है। लेकिन किसी भी आधुनिक रेल नेटवर्क की वास्तविक क्षमता उसके सिग्नलिंग और ट्रेन नियंत्रण तंत्र पर भी निर्भर करती है।

Dinman Times ads 728-90

समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों के लिए 233 करोड़ रुपये का निवेश इसी कम दिखाई देने वाले लेकिन बेहद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में है।

बढ़ते रेल यातायात के बीच रेलवे के सामने एक साथ दो चुनौतियां हैं—ट्रेनों की संख्या और गति बढ़ाना, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता न करना। आधुनिक सिग्नलिंग इसी संतुलन को साधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

दिनमान टाइम्स विश्लेषण

समस्तीपुर मंडल में सिग्नलिंग व्यवस्था का यह बदलाव महज पुराने उपकरणों को नए उपकरणों से बदलने की कवायद नहीं है। यह रेलवे के उस बदलाव का हिस्सा है, जिसमें परिचालन को धीरे-धीरे अधिक डिजिटल, स्वचालित और डेटा आधारित बनाया जा रहा है।

लेकिन किसी भी तकनीकी परियोजना की सफलता केवल बजट स्वीकृत होने से तय नहीं होती। असली कसौटी तब होगी, जब 21 स्टेशनों पर नई व्यवस्था जमीन पर उतरकर लगातार और भरोसेमंद तरीके से काम करेगी।

Dinman Times ads 728-90

इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों के साथ समय पर काम पूरा होना, कर्मचारियों का तकनीकी प्रशिक्षण, नियमित रखरखाव और सिस्टम की निगरानी भी उतनी ही जरूरी होगी।

यानी 233 करोड़ रुपये की यह मंजूरी समस्तीपुर मंडल की रेल सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह निवेश कब तक जमीन पर दिखाई देता है और नई तकनीक यात्रियों की उस उम्मीद को कितना मजबूत करती है, जो हर सफर के साथ जुड़ी होती है—ट्रेन समय पर पहुंचे और सुरक्षित पहुंचे।

TAGGED:21 रेलवे स्टेशन233 करोड़समस्तीपुर मंडलसमस्तीपुर रेलवे
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर ‘दायरा’ ट्रेलर लॉन्च के दौरान पैपराजी के सवालों पर करीना कपूर का रिएक्शन चर्चा में। पैपराजी पर भड़कीं करीना कपूर, बोलीं- ‘कभी इधर, कभी उधर… हील्स पहनी है’; कृति की ड्रेस पर सवाल आया तो साध ली चुप्पी
अगली ख़बर जहानाबाद में पानी की समस्या को लेकर NH-33 पर प्रदर्शन करते ग्रामीण सहयोग पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं मिला पानी, ग्रामीणों ने NH-33 किया जाम
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

Hyundai Bayon

Hyundai Bayon की कीमत और EMI का हिसाब, जानें खरीदने पर कितना आएगा खर्च

यूपी MLC चुनाव: अखिलेश की विजयी सपा उम्मीदवारों से अपील

यूपी MLC चुनाव में सपा की जीत के बाद अखिलेश की अपील, जुलूस नहीं निकालने को कहा

MLC चुनाव नतीजे: रामलीला रैली से पहले कांग्रेस पर दबाव

MLC चुनाव नतीजों से कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ मुहिम पर सवाल, रामलीला मैदान रैली से पहले BJP-JDU का हमला

रामायण फिल्म: 100 देशों में 50 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज

‘रामायण’ की वैश्विक उड़ान, 100 से ज्यादा देशों में 50 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज की तैयारी

मछली विवाद में रामपति देवी की मौत, पुलिस जांच जारी

मछली मारने के विवाद में महिला की मौत, पटना में इलाज के दौरान तोड़ा दम

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • विदेश
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिज़नेस

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?