जहानाबाद में एक सप्ताह से बंद थी नल-जल योजना, बाल्टी-गैलन लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण; विभाग ने मोटर मरम्मत के लिए भेजा
रतनी फरीदपुर (जहानाबाद)। सदर प्रखंड की लरसा पंचायत के गोडीहा गांव में करीब एक सप्ताह से नल-जल योजना बंद रहने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। पीएचईडी विभाग की योजना का समरसेबल मोटर जल जाने के कारण गांव में पेयजल की आपूर्ति बाधित थी। ग्रामीणों ने समस्या की शिकायत सहयोग पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी, लेकिन समय पर समाधान नहीं होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने NH-33 अरवल-जहानाबाद मुख्य सड़क पर बाल्टी, टब और गैलन रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक सप्ताह से बंद थी पानी की सप्लाई
ग्रामीणों के अनुसार, नल-जल योजना का समरसेबल मोटर करीब एक सप्ताह पहले जल गया था। इसकी जानकारी वार्ड सदस्य, मुखिया और पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। शुरुआत में विभाग की ओर से बताया गया कि मोटर का स्टार्टर खराब है।
इसके बाद ग्रामीणों ने आपस में पैसे जुटाकर स्टार्टर की मरम्मत भी कराई, लेकिन इसके बावजूद नल-जल योजना चालू नहीं हो सकी। बाद में विभागीय कर्मियों ने जांच के बाद बताया कि समरसेबल मोटर ही खराब हो चुका है।
मोटर की मरम्मत में अधिक खर्च आने के कारण ग्रामीण अपने स्तर से इसे ठीक कराने में असमर्थ थे। लगातार पानी की आपूर्ति बंद रहने से ग्रामीणों के सामने पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू कामकाज की भी समस्या खड़ी हो गई।
सहयोग पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर उन्होंने सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, ताकि विभाग तक उनकी परेशानी पहुंचे और जल्द समाधान हो सके। इसके बावजूद जब कई दिनों तक पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध करने का फैसला लिया।
ग्रामीणों का कहना था कि शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें लगातार परेशानी उठानी पड़ रही थी। पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।
बाल्टी-गैलन लेकर सड़क पर बैठे ग्रामीण
मंगलवार को ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए बाल्टी, टब और गैलन सड़क पर रख दिए और NH-33 पर आवागमन रोक दिया। प्रदर्शन के कारण अरवल-जहानाबाद मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
जाम की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान पीएचईडी विभाग के कर्मी भी मौके पर पहुंचे।
जला हुआ मोटर निकाला गया, मरम्मत के लिए भेजा
विभागीय कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जले हुए समरसेबल मोटर को बाहर निकाला और उसे मरम्मत के लिए ले गए। विभाग की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए।
इसके बाद NH-33 पर यातायात सामान्य हो गया और वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू हो गया।
जल्द लगाया जाएगा नया समरसेबल मोटर
पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता रमेश कुमार ने बताया कि जला हुआ समरसेबल मोटर विभाग के पास लाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नया समरसेबल मोटर लगाया जाएगा और नल-जल योजना को दोबारा चालू कराया जाएगा।
विभाग का कहना है कि योजना शुरू होने के बाद ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सवाल: शिकायत के बाद भी क्यों नहीं हुआ समय पर समाधान?
गोडीहा गांव की घटना सिर्फ पानी की समस्या तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी उठाती है कि सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद उसके समाधान में इतना समय क्यों लगा?
नल-जल जैसी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को घर के पास या घर तक पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में मोटर खराब होने के बाद अगर कई दिनों तक पानी की आपूर्ति बंद रहती है तो इसका सीधा असर ग्रामीण परिवारों पर पड़ता है।
इस मामले में ग्रामीणों ने पहले स्थानीय स्तर पर समस्या दूर करने की कोशिश की, फिर विभाग को सूचना दी और सहयोग पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बावजूद जब समाधान नहीं हुआ तो उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
अब विभाग की ओर से जल्द नया मोटर लगाने का भरोसा दिया गया है। देखना होगा कि नल-जल योजना कितनी जल्दी पूरी तरह चालू होती है और ग्रामीणों को नियमित पानी की सुविधा मिल पाती है या नहीं।