Samantha Ruth Prabhu: साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु जल्द ही मां बनने वाली हैं। इस खास दौर में एक्ट्रेस ने अपनी गोद भराई की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं।
लेकिन इस बार सिर्फ सामंथा की तस्वीरें ही चर्चा में नहीं हैं, बल्कि उनकी गोद भराई में निभाई गई श्रीविद्या परंपरा और सीमंतम की खास रस्में भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
सामंथा ने इस खास समारोह के करीब 17 फोटो और वीडियो शेयर किए हैं। तस्वीरों में वह पारंपरिक अंदाज में नजर आ रही हैं, वहीं उनके पति राज निदिमोरु भी इस खास मौके पर उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए इन पलों को देखकर फैंस काफी खुश हैं और सामंथा के इस पारंपरिक अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
लेकिन इन तस्वीरों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस खास रस्म की हो रही है, जिसे लेकर सामंथा ने खुद विस्तार से बताया है। एक्ट्रेस ने बताया कि इस समारोह के दौरान उन्हें अपनी परंपराओं को एक नए नजरिए से समझने का मौका मिला।
श्रीविद्या परंपरा की रस्म ने किया भावुक
सामंथा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्हें हमेशा से अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रहा है। हालांकि, वह हर रस्म का पूरा अर्थ पहले नहीं समझती थीं, लेकिन उनका मानना था कि इन परंपराओं के पीछे जरूर कोई गहरी सोच और उद्देश्य रहा होगा।
यही वजह है कि जब समारोह में मौजूद श्रीविद्या उपासक पुजारी ने उन्हें हर रस्म का मतलब समझाना शुरू किया, तो सामंथा को एहसास हुआ कि यह पूरी सेरेमनी कितनी सोच-समझकर तैयार की गई है।
एक्ट्रेस के मुताबिक, हर मंत्र का अपना उद्देश्य था, हर चढ़ावे का एक अर्थ था और हर कदम अपनी खास जगह रखता था।
यानी जो रस्म बाहर से देखने में सिर्फ एक पारंपरिक समारोह लग सकती है, उसके पीछे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अर्थ भी जुड़े हुए हैं।
फूलों से सजी जगह पर हुई खास रस्म
सामंथा ने जो तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, उनमें वह फूलों से सजी एक खूबसूरत खुली जगह पर बैठी नजर आ रही हैं। उन्होंने हल्के ऑरेंज रंग का पारंपरिक चूड़ीदार पहना हुआ है और गले में फूलों की माला दिखाई दे रही है।
एक वीडियो में उनके सिर पर पवित्र जल डाला जाता नजर आता है। वहीं दूसरे वीडियो में कुछ महिलाएं सामंथा के सिर और छाती पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद देती दिखाई देती हैं। इस दौरान सामंथा आंखें बंद किए हुए नजर आती हैं और पूरा माहौल काफी शांत और भावुक दिखाई देता है।
इन तस्वीरों में सबसे खास बात यह है कि समारोह में आधुनिकता के बजाय परंपरा की झलक ज्यादा देखने को मिल रही है। यही वजह है कि फैंस भी इन तस्वीरों को काफी पसंद कर रहे हैं।
क्या है सीमंतम की परंपरा?
दक्षिण भारतीय परंपराओं में सीमंतम गर्भवती महिला के लिए किया जाने वाला एक खास संस्कार माना जाता है। तमिल और तेलुगु परंपराओं में इसका अपना विशेष महत्व है। इसका उद्देश्य होने वाली मां और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए मंगलकामना, आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करना है।
सामंथा की सेरेमनी में भी इसी परंपरा की झलक देखने को मिली। हालांकि, इस बार श्रीविद्या परंपरा से जुड़ी खास रस्म ने समारोह को और भी विशेष बना दिया।
देवी के रूप में मां को सम्मान देने की परंपरा
सामंथा ने अपने पोस्ट में उस बात का भी जिक्र किया, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया।
उन्होंने बताया कि इस रस्म में होने वाली मां को सिर्फ एक गर्भवती महिला के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि उसे देवी और एक पवित्र रचनाकार के रूप में सम्मान दिया जाता है। उनके अंदर एक नए जीवन का निर्माण हो रहा है और इसी वजह से मां को भी विशेष सम्मान और आशीर्वाद दिया जाता है।
सामंथा ने इसे अपने जीवन के एक नए रूप में प्रवेश करने से भी जोड़ा। उनके मुताबिक, यह रस्म सिर्फ गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए आशीर्वाद नहीं है, बल्कि उस महिला के लिए भी है जो मां बनने के साथ अपने जीवन के एक नए रूप में प्रवेश कर रही है।
श्री चक्र और देवी खड्गमाला का भी महत्व
सामंथा ने समारोह में निभाई गई रस्मों को लेकर बताया कि अभिषेक के बाद होने वाली मां को श्री चक्र यंत्र के पवित्र केंद्र में बैठाया जाता है।
श्री चक्र को नौ आवरणों से बना माना जाता है और इनका संबंध आध्यात्मिक यात्रा के अलग-अलग चरणों से जोड़ा जाता है। इसके केंद्र में मौजूद बिंदु को सृष्टि के स्रोत और ललिता त्रिपुरसुंदरी की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है।
इसके बाद देवी खड्गमाला के पाठ के दौरान अलग-अलग देवी-देवताओं और दैवीय शक्तियों के नामों का जाप किया जाता है। सामंथा के अनुसार, इस पाठ का उद्देश्य मन को बाहरी दुनिया से भीतर की ओर ले जाना और सुरक्षा व आशीर्वाद की भावना पैदा करना है।
यही वजह है कि सामंथा के लिए यह समारोह सिर्फ बेबी शावर नहीं था, बल्कि अपनी जड़ों और परंपराओं को करीब से समझने का भी एक खास मौका बना।
राज निदिमोरु संग दिखीं सामंथा
इन तस्वीरों में सामंथा के पति राज निदिमोरु भी उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। दोनों इस खास मौके पर बेहद खुश नजर आए। सामंथा की तस्वीरों और वीडियो में परिवार और परंपरा दोनों की खूबसूरत झलक देखने को मिल रही है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आते ही फैंस ने कमेंट्स की बौछार कर दी। किसी ने सामंथा के पारंपरिक लुक की तारीफ की तो किसी ने इस समारोह में दिखाई दे रही भारतीय संस्कृति को खूबसूरत बताया।
लंबे ब्रेक के बाद फिल्मों में लौटीं सामंथा
सामंथा के लिए यह दौर निजी जिंदगी के साथ-साथ करियर के लिहाज से भी काफी खास रहा है। मायोसिटिस से जूझने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए तेलुगु सिनेमा से ब्रेक लिया था। लंबे अंतराल के बाद उन्होंने नंदिनी रेड्डी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मा इंटि बंगाराम’ से वापसी की।
खास बात यह रही कि इस फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले राज निदिमोरु ने लिखा था। फिल्म में गुलशन देवैया, मंजूषा मुक्काविल्ली और दिगंत मंचले जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए।
फिल्म की सफलता ने सामंथा की वापसी को और खास बना दिया। खबरों के मुताबिक, फिल्म ने दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और महिला-केंद्रित तेलुगु फिल्मों में एक बड़ी सफलता हासिल की।
ईशा योग केंद्र में सार्वजनिक हुआ रिश्ता
सामंथा और राज निदिमोरु के रिश्ते ने भी उस वक्त खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जब दोनों ने कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित एक समारोह के दौरान अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था।
अब दोनों अपनी जिंदगी के एक और बेहद खास पड़ाव पर हैं। सामंथा की गोद भराई की तस्वीरों ने फैंस को उनके इस नए सफर की झलक दिखाई है।
इन 17 फोटो-वीडियो में सिर्फ एक स्टार की ग्लैमरस जिंदगी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और मां बनने की भावनाओं का खूबसूरत मेल नजर आ रहा है। शायद यही वजह है कि सामंथा की यह पोस्ट सिर्फ एक सेलिब्रिटी अपडेट बनकर नहीं रह गई, बल्कि लोगों को अपनी पारंपरिक रस्मों की याद भी दिला रही है।