दिशा सालियान मौत मामले ने एक बार फिर बॉलीवुड और महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मामले में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कई पुराने सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं। इसी बीच अभिनेता सूरज पंचोली ने पहली बार इस मामले में अपने ऊपर लगते रहे आरोपों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अपने लंबे पोस्ट में सूरज ने दिशा सालियान और आदित्य ठाकरे से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है।
सूरज ने अपने बयान में कहा कि पिछले कई वर्षों से मीडिया रिपोर्ट्स और अलग-अलग बयानों में उनका नाम दिशा सालियान की मौत से जुड़ी कथित साजिश के संदर्भ में लिया जाता रहा है। उनका कहना है कि यह उनके लिए परेशान करने वाला है, क्योंकि उनके मुताबिक उनका दिशा से कभी कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संपर्क नहीं रहा।
दिशा सालियान से कभी मिला ही नहीं
सूरज पंचोली ने अपने पोस्ट में बड़े अक्षरों में लिखा कि वह अपनी पूरी जिंदगी में दिशा सालियान से न तो सीधे मिले और न ही अप्रत्यक्ष रूप से उनका कोई संपर्क रहा। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के उनका नाम इस मामले में जोड़ा जाना बेहद गलत है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का नाम किसी विवाद में बार-बार आने से वह बात सच नहीं हो जाती। उनके मुताबिक, किसी भी आरोप को सामने रखने से पहले उसके पीछे मौजूद तथ्यों की जांच करना जरूरी है।
आदित्य ठाकरे को लेकर भी किया बड़ा दावा
सूरज पंचोली ने अपने पोस्ट में आदित्य ठाकरे का भी जिक्र किया। उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी जिंदगी में आदित्य ठाकरे से भी कभी नहीं मिले हैं।
सूरज ने कहा कि जिस मामले से उनका कोई संबंध नहीं है, उसमें उनका नाम घसीटा जाना उनके लिए बेहद गलत और परेशान करने वाला है। खासकर तब, जब उनके मुताबिक उनके और इस मामले के बीच संबंध साबित करने वाला कोई सबूत सामने नहीं आया है।
मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं
अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें किसी जांच से डर नहीं है। अगर किसी जांच एजेंसी को उनसे दोबारा पूछताछ करनी हो या कोई जानकारी लेनी हो, तो वह पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
सूरज ने कहा कि उनकी सिर्फ इतनी मांग है कि किसी भी मामले में उनका नाम जोड़ने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच की जाए। उन्होंने दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में निष्पक्ष और गहन जांच का समर्थन करने की बात भी कही।
सोशल मीडिया और टीवी की खबरों पर भी उठाया सवाल
सूरज पंचोली ने अपने पोस्ट में मीडिया और सोशल मीडिया पर चलने वाली चर्चाओं को लेकर भी लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या टीवी पर किसी के बारे में कुछ कह दिया जाना अपने आप में सबूत नहीं बन जाता।
उनका कहना है कि कोई हेडलाइन सबूत नहीं होती, किसी टीवी बहस में कही गई बात भी सबूत नहीं होती और सिर्फ किसी व्यक्ति के बयान को तथ्य नहीं माना जा सकता।
सूरज ने लोगों से अपील की कि किसी व्यक्ति के चरित्र या जिंदगी के बारे में राय बनाने से पहले तथ्यों की जांच जरूर करें।
हर नाम के पीछे एक असली इंसान है
अपने पोस्ट के आखिर में सूरज पंचोली ने एक भावनात्मक बात भी कही। उन्होंने कहा कि टीवी पर किसी मामले में जिस नाम की चर्चा होती है, उस नाम के पीछे एक वास्तविक इंसान, उसका परिवार और उसकी जिंदगी होती है।
सूरज के मुताबिक वह लंबे समय से इस मामले को लेकर चुप रहे, लेकिन अब वह लगातार अपने नाम को ऐसे मामले में घसीटे जाते हुए नहीं देख सकते, जिससे उनका दावा है कि उनका कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और जांच एजेंसियों पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि आखिरकार सच्चाई सामने आएगी।
दिशा सालियान के पिता ने लगाए हैं गंभीर आरोप
वहीं दूसरी तरफ दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की ओर से मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके वकील निलेश ओझा ने दावा किया है कि दिशा के साथ गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी।
वकील का आरोप है कि दिशा के पास कुछ लोगों की कथित अवैध गतिविधियों से जुड़े सबूत थे और उन्होंने ये जानकारी सुशांत सिंह राजपूत को दी थी। इन दावों में ड्रग्स के कारोबार और बाल तस्करी जैसे गंभीर आरोपों का भी जिक्र किया गया है।
हालांकि, इन आरोपों को संबंधित लोगों की ओर से स्वीकार किए जाने की पुष्टि इस जानकारी में नहीं है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप और जांच का विषय ही माना जाना चाहिए।
फोन को लेकर भी सामने आया दावा
दिशा के पिता के वकील ने यह भी दावा किया है कि दिशा का मोबाइल फोन 9 जून से 17 जून 2020 तक कुछ लोगों के कब्जे में रहा। उनका आरोप है कि इस दौरान फोन से डेटा निकाला गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि दिशा किन लोगों के संपर्क में थीं और कौन-कौन लोग इस मामले के बारे में जानकारी रखते थे।
इन दावों की सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
सीबीआई के सामने किन नामों का जिक्र होने का दावा?
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने दावा किया है कि उन्होंने सीबीआई के सामने कई नाम लिए हैं। इनमें आदित्य ठाकरे, उनके बॉडीगार्ड, सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, सचिन वाजे, परमबीर सिंह और रिया चक्रवर्ती के नाम शामिल होने की बात कही गई है।
सतीश सालियान ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इन लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। हालांकि, इन दावों की जांच और उनके आधार की आधिकारिक पुष्टि होना अभी महत्वपूर्ण है।
सुशांत सिंह राजपूत से क्या था कनेक्शन?
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा सुशांत सिंह राजपूत के नाम को लेकर हो रही है। दिशा सालियान की मौत और उसके कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने 2020 में कई सवाल खड़े किए थे।
अब दिशा के पिता की ओर से दावा किया गया है कि दोनों मामलों के बीच संबंध था। उनके मुताबिक, दिशा की मौत के बाद सुशांत किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि सुशांत को डर था कि अब उनकी भी हत्या की जा सकती है।
यही दावा इस पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला रहा है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच और आधिकारिक सबूतों के आधार पर ही हो सकती है।
अब आगे क्या?
सीबीआई की एफआईआर के बाद दिशा सालियान केस एक बार फिर सुर्खियों में है। एक तरफ दिशा के पिता गंभीर आरोपों और सबूत होने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सूरज पंचोली ने सार्वजनिक तौर पर अपने ऊपर लगे आरोपों से साफ इनकार किया है और जांच एजेंसियों के सामने सहयोग करने की बात कही है।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में आखिर कौन से तथ्य सामने आते हैं। क्या दिशा सालियान की मौत को लेकर वर्षों से उठ रहे सवालों का कोई ठोस जवाब मिलेगा? क्या सुशांत सिंह राजपूत की मौत से इसका कोई संबंध साबित होगा? और जिन नामों का जिक्र किया जा रहा है, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है?
इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच पर टिके हैं। सूरज पंचोली ने अपनी बात रखते हुए आखिर में यही संदेश दिया है कि अटकलों और टीवी बहसों के बजाय तथ्यों को बोलने दिया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और इस हाई-प्रोफाइल मामले की तस्वीर किस दिशा में जाती है।