पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने चिराग के रुख पर सवाल उठाते हुए उनसे केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की मांग की है। इस मुद्दे पर राजद नेता आलोक मेहता और रोहिणी आचार्य ने चिराग पासवान पर निशाना साधा है।
कानून-व्यवस्था पर चिराग की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
बिहार में हालिया घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए चिराग पासवान ने कहा था कि ऐसी सरकार का हिस्सा होने पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। चिराग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है।
उनकी टिप्पणी के बाद राजद ने सवाल उठाया कि यदि चिराग पासवान को सरकार की कार्यशैली और गठबंधन में बने रहने पर आपत्ति है, तो वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में क्यों बने हुए हैं।
आलोक मेहता बोले- बयान के साथ इस्तीफा भी दें चिराग
राजद नेता और पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने चिराग पासवान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में मौजूदा परिस्थितियों को लेकर शर्मिंदगी महसूस हो रही है, तो उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देना चाहिए।
मेहता ने कहा कि केवल बयान देने से बात पूरी नहीं होती, बल्कि अपने रुख के अनुरूप राजनीतिक कदम उठाने की भी जरूरत है। उन्होंने चिराग से अपने बयान पर कायम रहने और इस्तीफा देने की मांग की।
इस दौरान आलोक मेहता ने चिराग के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का भी उल्लेख किया। उन्होंने रामविलास पासवान को सामाजिक न्याय का समर्थक बताते हुए कहा कि उनकी पहचान इसी विचारधारा से जुड़ी रही है।
मेहता ने आरोप लगाया कि चिराग ऐसे राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा हैं, जिसकी विचारधारा को लेकर वे खुद सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने चिराग के बयान और सत्ता में उनकी भागीदारी को लेकर भी तंज कसा।
रोहिणी आचार्य ने ‘शुभ मुहूर्त’ और NOC को लेकर कसा तंज
इस विवाद में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी चिराग पासवान पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सवाल किया कि चिराग पासवान इस्तीफा देने के लिए किस ‘शुभ मुहूर्त’ का इंतजार कर रहे हैं।
रोहिणी ने कहा कि यदि बिहार की स्थिति को लेकर सरकार का हिस्सा बने रहने में चिराग को शर्मिंदगी महसूस हो रही है, तो उन्हें इस्तीफा देने में देर नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए यह भी पूछा कि क्या चिराग अपने इस्तीफे के पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए किसी की NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का इंतजार कर रहे हैं। रोहिणी ने आरोप लगाया कि चिराग केवल बयानों के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, जबकि उन्हें अपने रुख के अनुरूप फैसला लेना चाहिए।
बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज
कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर चिराग पासवान की टिप्पणी ने NDA के भीतर उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर चिराग ने राज्य की परिस्थितियों पर चिंता जताई है, वहीं दूसरी ओर राजद उनके बयान को सरकार में उनकी भागीदारी से जोड़कर सवाल उठा रहा है।
फिलहाल इस पूरे मामले में RJD की ओर से चिराग पासवान के इस्तीफे की मांग सामने आई है। इस राजनीतिक विवाद के बीच कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर बिहार की सियासत के केंद्र में आ गया है।