तिरंगा यात्रा पर फिर गरमाया रांची का माहौल
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन स्वतंत्रता दिवस के दिन भी जारी रहा। इसी बीच रांची में प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
महतो पिछले कई दिनों से आंदोलन के दौरान जारी अनशन के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। 15 अगस्त को छात्रों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी की थी। इसी यात्रा में शामिल होने के लिए महतो ने अस्पताल से निकलने की इच्छा जताई थी।
अस्पताल से निकलने की नहीं मिली अनुमति
स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, प्रशासन और अस्पताल की ओर से उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई।
रिपोर्टों के अनुसार, सदर अस्पताल में महतो के कमरे के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इसके बाद वह तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो सके।
महतो का कहना है कि वह आंदोलन से खुद को अलग नहीं करना चाहते और उनकी प्राथमिकता छात्रों की मांगों के साथ खड़े रहना है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे छात्र
JPSC-JSSC सुधारों और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र काफी दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तिरंगा यात्रा निकालने का फैसला किया था।
यह आंदोलन 15 अगस्त को अपने 22वें दिन में पहुंच गया। छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है।
तिरंगा यात्रा को आंदोलन के साथ देशभक्ति और छात्रों की मांगों को जोड़ने के प्रयास के तौर पर देखा गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
तिरंगा यात्रा और झंडा फहराने को लेकर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब देवेंद्र नाथ महतो को स्टेडियम जाने से रोका गया। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, महतो ने दावा किया कि पुलिस द्वारा रोके जाने और धक्का-मुक्की के दौरान उनके सीने में चोट लगी। इसके बाद उनकी चिकित्सकीय जांच और इलाज जारी रहा।

वहीं अन्य रिपोर्टों में भी प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी और पुलिस की मौजूदगी का जिक्र किया गया है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
आखिर किस बात को लेकर आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
रांची में चल रहे इस छात्र आंदोलन का मुख्य मुद्दा JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार है।
प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आंदोलनकारी पक्ष की ओर से कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की जांच की मांग भी उठाई गई है। छात्रों ने कई मौकों पर CBI जांच की मांग को भी प्रमुखता से रखा है।
छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में स्पष्ट और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहे।
आंदोलन में देवेंद्र महतो की भूमिका
देवेंद्र नाथ महतो इस छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। आंदोलन के दौरान उन्होंने अनशन भी किया और बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में इलाज के बावजूद महतो लगातार आंदोलन और छात्रों की मांगों से जुड़े संदेश देते रहे। हालिया रिपोर्टों में उन्होंने आंदोलन को कमजोर न पड़ने देने और छात्रों के बीच एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी।
यही वजह है कि स्वतंत्रता दिवस पर उनकी तिरंगा यात्रा में मौजूदगी को आंदोलनकारी छात्र महत्वपूर्ण मान रहे थे।
तिरंगा यात्रा को लेकर पहले से थी तैयारी
छात्र संगठनों और आंदोलनकारियों ने 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा पहले ही कर दी थी। उनका कहना था कि यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ छात्रों के आंदोलन को भी मजबूती देगी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को भी चेतावनी दी थी कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन के दौरान देशभक्ति गीतों और कार्यक्रमों का आयोजन भी हुआ, जिससे स्वतंत्रता दिवस के माहौल और छात्र आंदोलन का एक अलग स्वरूप देखने को मिला।
अस्पताल के बाहर क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
देवेंद्र महतो को अस्पताल से निकलने की अनुमति नहीं मिलने के बाद सदर अस्पताल के बाहर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। प्रशासन की चिंता मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था और भीड़ को लेकर थी।
दूसरी तरफ, आंदोलनकारी इसे अपने नेता को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोकने के रूप में देख रहे हैं। इसी वजह से मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया।
छात्र आंदोलन अभी जारी
रांची का यह आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं हुआ है। छात्र अपनी मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हुए हैं। आंदोलनकारियों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और संबंधित परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट कार्रवाई की मांग जारी है।
प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बनी हुई हैं, लेकिन आंदोलनकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का रुख अपनाया है।