नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री के साथ एक सैन्य अधिकारी की भूमिका भी खास रही। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता की। ध्वजारोहण के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई।
लाल किले पर आयोजित यह समारोह हर वर्ष देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल होता है। ऐसे में ध्वजारोहण की प्रक्रिया में कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की जिम्मेदारी ने लोगों का ध्यान खींचा और उनके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ी।
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की क्या थी जिम्मेदारी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले की प्राचीर पर पहुंचने के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को ध्वजारोहण में सहायता की।
यह जिम्मेदारी स्वतंत्रता दिवस समारोह के निर्धारित सैन्य प्रोटोकॉल का हिस्सा थी। ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई। इस बार सलामी के लिए स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन्स का इस्तेमाल किया गया।

ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय ध्वज गार्ड ने राष्ट्रपति सलामी की प्रक्रिया पूरी की और इसके बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई।
कौन हैं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान?
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना की अधिकारी हैं। 15 अगस्त के राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री के साथ उनकी जिम्मेदारी सामने आने के बाद वह चर्चा में आई हैं।
हालांकि उनकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि, शैक्षणिक योग्यता, रेजिमेंट या वर्तमान तैनाती से जुड़ी विस्तृत जानकारी फिलहाल सार्वजनिक स्रोतों में सीमित है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट जानकारियों को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
फिलहाल पुष्ट जानकारी यही है कि उन्हें 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण में सहायता करने की महत्वपूर्ण औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस भूमिका का उल्लेख समारोह से पहले जारी रक्षा मंत्रालय/PIB की आधिकारिक जानकारी में भी किया गया था।

लाल किले के समारोह में निभाई अहम औपचारिक भूमिका
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण की पूरी प्रक्रिया सैन्य प्रोटोकॉल के तहत होती है। प्रधानमंत्री को लाल किले की प्राचीर तक ले जाने से लेकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और उसके साथ होने वाली सैन्य सलामी तक प्रत्येक चरण की अपनी निर्धारित भूमिका होती है।
PIB की ओर से जारी कार्यक्रम की जानकारी में पहले ही बताया गया था कि कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता करेंगी। ध्वजारोहण को 21-गन सलामी के साथ समन्वित किया गया था।
इससे स्पष्ट है कि उनकी मौजूदगी अचानक तय हुई कोई भूमिका नहीं थी, बल्कि वह स्वतंत्रता दिवस समारोह की पूर्व निर्धारित आधिकारिक व्यवस्था का हिस्सा थीं।
21 तोपों की सलामी के बीच फहराया गया तिरंगा
15 अगस्त के समारोह में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के साथ 21-गन सलामी दी गई। इस वर्ष समारोह का एक खास पहलू यह भी रहा कि सलामी में स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन्स का इस्तेमाल किया गया।

लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराए जाने के बाद राष्ट्रीय ध्वज गार्ड ने सलामी दी। समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति भी हुई। इस वर्ष राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने का संदर्भ भी स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ा रहा।
महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका भी बनी चर्चा का विषय
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की भूमिका ऐसे समय सामने आई है जब भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सेना, नौसेना और वायुसेना में महिलाएं विभिन्न जिम्मेदारियों में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
हालांकि किसी एक अधिकारी की भूमिका को व्यापक बदलाव का अकेला प्रमाण मानना उचित नहीं होगा, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के इतने महत्वपूर्ण समारोह में महिला सैन्य अधिकारी की जिम्मेदारी निश्चित रूप से ध्यान आकर्षित करती है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने की चर्चा
ध्वजारोहण समारोह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हुई। कई लोगों ने उनके बारे में जानकारी साझा की और उनके सैन्य दायित्व को लेकर रुचि दिखाई।

समाचार एजेंसी ANI ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैप्टन सोनिया सिंह चौहान को ध्वजारोहण में सहायता करते हुए वीडियो साझा किया है।
X Embed के लिए यही ANI का आधिकारिक पोस्ट सबसे उपयुक्त रहेगा, क्योंकि इसमें पूरा ध्वजारोहण दृश्य और कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की भूमिका सीधे दिखाई देती है।
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का खास हिस्सा बनीं सोनिया
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया। इस बार समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का विशेष संदर्भ भी रहा।
इसी समारोह में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता करने वाली कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की भूमिका भी चर्चा में रही। हालांकि उनके व्यक्तिगत जीवन और सैन्य करियर को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, इसलिए उनके बारे में किसी भी अतिरिक्त दावे को पुष्ट स्रोत के बिना प्रकाशित करने से बचना ही पत्रकारिता की दृष्टि से उचित होगा।

