Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Reading: झारखंड में फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने की पूरी संभावना: असीम सिन्हा
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - झारखण्‍ड - झारखंड में फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने की पूरी संभावना: असीम सिन्हा

झारखंड में फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने की पूरी संभावना: असीम सिन्हा

Last updated: अगस्त 22, 2026 9:55 अपराह्न
By : Dinman News Network
Published on : 1 सप्ताह पहले
मीट द मेंटर कार्यक्रम में फिल्म एडिटर असीम सिन्हा
मीट द मेंटर कार्यक्रम में फिल्म एडिटर असीम सिन्हा
साझा करें

“मीट द मेंटर” कार्यक्रम में शामिल हुए मशहूर फिल्म एडिटर असीम सिन्हा

रांची।
झारखंड में इस बात की पूरी संभावना है कि यहां का स्थानीय सिनेमा ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाए। इसके लिए जरूरी है कि शहरों से लेकर गांवों तक में सिनेमा के लिए एक सकारात्मक माहौल तैयार किया जाए। मशहूर फिल्म एडिटर और फिल्मकार असीम सिन्हा आज सूचना भवन के सभागार में झारखंड फिल्म विकास निगम लिमिटेड (जेएफडीसीएल) द्वारा आयोजित “मीट द मेंटर” कार्यक्रम में बोल रहे थे।

झारखंड में सिनेमा इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण सिनेमा कल्चर पर जोर

श्री सिन्हा ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में फिल्मों का विकास करने के लिए वित्तीय सहायता से अधिक सिनेमा के इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमा कल्चर को बढ़ावा देने की जरूरत है।

उन्होंने क्षेत्रीय कलाकारों को अवसर देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि फिल्मों के लिए सीड फंडिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि स्थानीय फिल्मों को बढ़ावा मिल सके। साथ ही फिल्म और स्क्रिप्ट के मूल्यांकन की मजबूत प्रणाली विकसित करने हेतु मेंटरिंग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के प्रयासों को और गति देने की आवश्यकता है, ताकि यहां का फिल्म उद्योग दक्षिण भारतीय राज्यों या अन्य किसी भी राज्य के फिल्म उद्योग की तरह विकसित हो सके।

स्थानीय भाषा, कला और प्रतिभाओं को प्राथमिकता देने की अपील

श्री सिन्हा ने स्थानीय भाषा, कला और प्रतिभाओं को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे झारखंड की फिल्मों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सकती है। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों और फिल्म एडिटिंग में आए तकनीकी बदलावों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और वे आज भी सीखने की प्रक्रिया में हैं।

मीट द मेंटर कार्यक्रम में फिल्म एडिटर असीम सिन्हा
रांची में मीट द मेंटर कार्यक्रम के दौरान झारखंड के फिल्म उद्योग पर चर्चा करते असीम सिन्हा

उन्होंने प्रसिद्ध फिल्मकार श्याम बेनेगल, अंशुल शर्मा, चंद्र प्रकाश द्विदी, पाकिस्तानी निर्देशक महरीन जब्बार, तिगमांशु धूलिया, कल्पना लाजमी, केतन मेहता, कुंदन शाह सरीखे फिल्मकारों के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए।

ये भी पढ़े

पैपराजी पर भड़कीं करीना कपूर, बोलीं- ‘कभी इधर, कभी उधर… हील्स पहनी है’; कृति की ड्रेस पर सवाल आया तो साध ली चुप्पी
झारखंड में सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट, अस्पतालों में बनेंगे आइसोलेशन वार्ड
‘भोजपुरिया बवाल’ के बाद काजल राघवानी की नई फिल्म ‘पिया का घर’, सास-बहू की तकरार के बीच दिखेगा डर
सोनम वांगचुक का आमिर खान पर तंज, बोले- ‘गजनी’ के किरदार में इतने डूबे कि मुलाकात ही भूल गए

असीम सिन्हा वर्तमान में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के नन फीचर फिल्म श्रेणी की जूरी के अध्यक्ष हैं।

असीम सिन्हा को शॉल और मोमेंटो देकर किया सम्मानित

इस अवसर पर विभाग के उपनिदेशक सैय्यद राशिद अख्तर ने उन्हें शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक श्री आनंद ने असीम सिन्हा के फिल्मी सफर पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में संपादन का कार्य किया है और लगभग 30 वर्षों तक इस क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि असीम सिन्हा का अनुभव और योगदान झारखंड के उभरते फिल्म उद्योग के लिए प्रेरणास्रोत है।

झारखंड में फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना का सपना

अपने संबोधन में असीम सिन्हा ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से उनकी इच्छा थी कि झारखंड में एक फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना हो, जो अब साकार होती दिख रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रांची में पढ़ाई करने के बाद मुंबई का रुख किया और वहां सैकड़ों फिल्मों के संपादन का अनुभव प्राप्त किया।

कार्यक्रम में सहायक निदेशक श्री अभय कुमार, जेब अख्तर, अनुज कुमार, महेश माझी सहित फिल्मों से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

TAGGED:असीम सिन्हाझारखंड फिल्म उद्योगझारखंड सिनेमारांची न्यूज
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर पीएम पोषण रसोइया सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम पोषण रसोइयों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी, देंगे कैशलेस चिकित्सा कार्ड
अगली ख़बर जमुई चकाई ट्रक लूटकांड में 12 टन चावल बरामद जमुई में ट्रक से लूटे गए 28 में से 12 टन चावल के साथ तीन आरोपित गिरफ्तार

ये भी पढ़ें

बछवाड़ा में 2 सितंबर को बिजली कटौती, फतेहा चिरंजीवीपुर और रसीदपुर प्रभावित

कल 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली रहेगी बाधित, इन तीन इलाकों के उपभोक्ता रहें तैयार

दानापुर सैन्य स्टेशन में PNG इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापना के लिए MoU

दानापुर सैन्य स्टेशन में PNG इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी स्थापना, बिहार का पहला मिलिट्री स्टेशन बनेगा

नालंदा एसपी हृदय कांत का थानों में औचक निरीक्षण

बड़े साहब के थानों के Surprise inspection से थम गई है नालंदा में अपराध की रफ्तार

हरनौत में युवक का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद जांच करती पुलिस

हरनौत में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, पुलिस ने शुरू की जांच

हरेका में OPS बहाली की मांग को लेकर रेल कर्मचारियों का ब्लैक-डे

हरेका में कर्मचारियों ने मनाया ब्लैक-डे, OPS बहाली की मांग; NPS-UPS का विरोध

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • झारखण्‍ड
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • दिल्‍ली

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?