मुंगेर/धरहरा: पुराने मामले को वापस लेने का दबाव बनाने और दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में धरहरा पुलिस ने नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मंगलवार रात हथियारबंद बदमाश दो बाइक से खजुरिया गांव पहुंचे और गुड़िया देवी के घर का दरवाजा खटखटाकर केस वापस लेने का दबाव बनाया। मांग पूरी नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। हथियारबंद लोगों को घर के बाहर देखकर परिवार के बीच दहशत फैल गई। इसके बाद गुड़िया देवी ने तत्काल एसपी और स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही तीन थानों की पुलिस सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही कासिम बाजार, धरहरा और लड़ैयाटांड थाना की पुलिस सक्रिय हुई। संयुक्त पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी शुरू की और गोविंदपुर गांव निवासी सत्यनारायण साव के पुत्र नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने घटना की पुष्टि के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। पुलिस के अनुसार, फुटेज में आरोपित के घर पहुंचने और दरवाजा खटखटाने की बात सामने आई है।

पीड़िता के मुताबिक, बदमाशों की संख्या करीब पांच से छह थी और सभी दो बाइक से पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने पहले से दर्ज केस को वापस लेने का दबाव बनाया और इसके बदले दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
घटना के बाद पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
अपहरण के मामले में भी सामने आया था नाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार नीतीश कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। 3 जनवरी 2024 को गुड़िया देवी के पुत्र सन्नी कुमार के अपहरण के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
आरोप के मुताबिक, मसूदन स्टेशन के पास किऊल-जमालपुर डीएमयू ट्रेन से हथियार के बल पर युवक का अपहरण किया गया था। परिजनों के अनुसार, इससे पहले आरोपित युवक उनकी पुत्री को कथित तौर पर परेशान करता था। इसके बाद परिवार ने लड़की को उसके भाई के साथ ननिहाल भेज दिया था।
ननिहाल से लौटने के दौरान सन्नी के अपहरण की बात सामने आई। बाद में पुलिस और ग्रामीणों की मदद से मोबाइल लोकेशन के आधार पर अपहृत युवक को बरामद किया गया था। इस मामले में नीतीश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
बच्चे को गोली मारने के मामले में भी आरोप
पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी 2025 को दुकान से सिगरेट नहीं लाने पर बालक अंशु कुमार की आंख में गोली मारने के मामले में भी नीतीश का नाम सामने आया था।
इस मामले में 20 जनवरी को पटना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर धरहरा थाना पुलिस को सौंपा था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने भागने की कोशिश की और बाद में पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी थी।
इसके अलावा जमीन विवाद में अपनी चाची पर गोली चलाने और उसे पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग करने के आरोप भी नीतीश पर लगे हैं।
दो आरोपितों को भेजा गया जेल
लड़ैयाटांड थानाध्यक्ष विभांशु शेखर भास्करम ने बताया कि पीड़िता के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में नीतीश कुमार समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।