बख्तियारपुर में हथियार बरामद करने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग का आरोप; जवाबी कार्रवाई में सौरभ सिंह घायल, महिला दरोगा भी जख्मी, मौके से हथियार और कारतूस बरामद
पटना: बिहार की राजधानी पटना में रविवार, 25 अक्टूबर की सुबह उस समय पुलिस और आरोपी के बीच गोलीबारी हो गई, जब पुलिस अंजनी कुमार हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए कथित हथियार को बरामद करने पहुंची थी। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के कल्याण बिगहा रोड पर हुई इस मुठभेड़ में हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे सौरभ सिंह के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के भी घायल होने की सूचना है।
पुलिस के मुताबिक, सौरभ सिंह को अंजनी कुमार की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हथियार बरामद करने के लिए उसे घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सौरभ घायल हो गया।
हथियार की तलाश में पहुंची थी पुलिस, तभी शुरू हुई गोलीबारी
यह घटना पटना जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में कल्याण बिगहा रोड पर हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सौरभ सिंह ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर बताया था कि अंजनी कुमार की हत्या में इस्तेमाल हथियार सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाया गया है। इसी सूचना की पुष्टि करने और हथियार बरामद करने के लिए पुलिस टीम उसे वहां लेकर पहुंची थी।

पुलिस का आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद सौरभ ने झाड़ियों से लोडेड पिस्तौल निकाली और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली पुलिस वाहन के बोनट और हेडलाइट के पास लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी गोलीबारी की। इस कार्रवाई में सौरभ के बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी।
घटना के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। घायल आरोपी को पहले बख्तियारपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किए जाने की सूचना है।
महिला पुलिस अधिकारी भी घायल, मौके से मिले हथियार
मुठभेड़ के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उनकी चोटों की गंभीरता के संबंध में विस्तृत जानकारी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने घटनास्थल से दो हथियार और दो मैगजीन बरामद किए हैं। कारतूसों की संख्या को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अंतर है, इसलिए इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया।

पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी जांच का विषय है कि बरामद हथियार का अंजनी कुमार की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार से संबंध है या नहीं।
27 सितंबर को दर्ज हुआ था अंजनी कुमार की हत्या का मामला
अंजनी कुमार की हत्या का मामला पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस संबंध में 27 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच के दौरान पटना पुलिस और विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने 24 अक्टूबर को तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
इनमें सौरभ सिंह, समर्थ दुबे और दीपांशु मिश्रा के नाम शामिल हैं। पुलिस इन तीनों की भूमिका की जांच कर रही है। सौरभ को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हथियार छिपाने की जगह के बारे में मिली जानकारी के आधार पर ही उसे बख्तियारपुर ले जाया गया था। हालांकि, मामले में आरोपों और आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

सौरभ पर पहले से भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक, सौरभ सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के दो मामले और शस्त्र अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ अन्य संभावित मामलों की भी जांच और पुष्टि की जा रही है।
फिलहाल, अंजनी कुमार हत्याकांड की जांच जारी है। पुलिस मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम, बरामद हथियारों और फॉरेंसिक साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
महत्वपूर्ण: पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग की थी। इस घटनाक्रम और बरामद हथियारों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच से होनी बाकी है।
