Dinman Times
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: फ्रीडा पिंटो ने भारतीय सिनेमा की तारीफ की, कहा—अब पर्दे पर दिखती हैं जटिल और अपूर्ण महिलाएं
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - मनोरंजन - फ्रीडा पिंटो ने भारतीय सिनेमा की तारीफ की, कहा—अब पर्दे पर दिखती हैं जटिल और अपूर्ण महिलाएं

फ्रीडा पिंटो ने भारतीय सिनेमा की तारीफ की, कहा—अब पर्दे पर दिखती हैं जटिल और अपूर्ण महिलाएं

आभा शुक्ला
Last updated: अक्टूबर 25, 2026 1:36 अपराह्न
By : आभा शुक्ला
Published on : 3 दिन पहले
फ्रीडा पिंटो ने भारतीय सिनेमा में महिला किरदारों की तारीफ की
फ्रीडा पिंटो ने भारतीय सिनेमा में महिला किरदारों की तारीफ की
साझा करें

हॉलीवुड अभिनेत्री फ्रीडा पिंटो ने भारतीय फिल्मों और टेलीविजन में महिलाओं के बदलते चित्रण की सराहना की है। उनका कहना है कि अब पर्दे पर ऐसी महिला किरदार भी दिखाई दे रही हैं जिनमें कमियां, विरोधाभास और जटिलताएं हैं—वे केवल त्याग करने वाली, कर्तव्य निभाने वाली या आदर्श मानी जाने वाली महिलाओं तक सीमित नहीं हैं।

पिंटो ने यह बात समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कही। उनके मुताबिक, भारतीय मनोरंजन जगत में महिला पात्रों को अधिक वास्तविक और बहुआयामी रूप में दिखाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव आया है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब फिल्मों और वेब सीरीज में महिलाओं की आकांक्षाओं, निजी फैसलों और सामाजिक दबावों को लेकर कहानियां अधिक विविध हो रही हैं।

‘परफेक्ट’ किरदारों से आगे बढ़ती कहानियां

फ्रीडा पिंटो ने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार अधिक दिलचस्प और भरोसेमंद लगते हैं जो पूरी तरह निर्दोष या आदर्श नहीं होते। उनके अनुसार, जब महिला पात्रों को अपनी कमजोरियों, उलझनों और अलग-अलग इच्छाओं के साथ दिखाया जाता है, तो दर्शकों के लिए उनसे जुड़ना आसान हो सकता है।

उनकी बात का आशय यह है कि महिला प्रतिनिधित्व केवल किसी फिल्म में महिला को मुख्य भूमिका देने तक सीमित नहीं होना चाहिए। किरदार को अपनी सोच, गलतियों, निर्णयों और बदलाव की गुंजाइश के साथ विकसित होने का अवसर भी मिलना चाहिए। इससे कहानी में महिलाओं का अनुभव अधिक वास्तविक और व्यापक बन सकता है।

Dinman Times ads 728-90

भारतीय सिनेमा में बदलाव की उम्मीद

पिंटो ने कहा कि भारत में उन्हें रचनात्मकता के और विस्तार की उम्मीद है। उन्होंने युवाओं के विचारों और बदलाव लाने की इच्छा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विचारों को सामने आने और विकसित होने का अवसर मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, रचनात्मक अभिव्यक्ति को दबाने के बजाय उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

ये भी पढ़े

नैशविल सॉन्गराइटर्स हॉल ऑफ फेम समारोह में टेलर स्विफ्ट का बरगंडी वेलवेट लुक छाया
‘CID’ के निर्माता-निर्देशक बी. पी. सिंह का 77 वर्ष की उम्र में निधन
27 अक्टूबर 1952: अनुराधा पौडवाल का जन्म और पार्श्वगायन से भक्ति संगीत तक का सफर
प्रिंस विलियम ने रॉबर्ट इरविन को मगरमच्छ के नाम पर किया मजाकिया जवाब, Graham Norton Show का वीडियो चर्चा में

फिल्म और टेलीविजन में महिलाओं की छवि लंबे समय तक कई बार सामाजिक अपेक्षाओं, पारिवारिक जिम्मेदारियों या नैतिक आदर्शों के तय दायरों में दिखाई जाती रही है। हाल के वर्षों में अलग-अलग तरह की महिला-केंद्रित कहानियों और जटिल पात्रों पर चर्चा बढ़ी है। हालांकि, पिंटो की टिप्पणी को पूरे उद्योग की तस्वीर नहीं, बल्कि बदलते प्रतिनिधित्व पर उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखना चाहिए।

‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ से मिली वैश्विक पहचान

फ्रीडा पिंटो को 2008 की ऑस्कर-विजेता फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली थी, जिसमें उन्होंने लतिका का किरदार निभाया था। इसके बाद वह राइज ऑफ द प्लैनेट ऑफ द एप्स, इम्मॉर्टल्स और त्रिशना जैसी फिल्मों में नजर आईं। अभिनय के साथ-साथ वह निर्माण कार्य और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रही हैं।

पिंटो 2027 के पिरेली कैलेंडर में शामिल नौ प्रमुख भारतीय महिलाओं में से एक हैं। इस कैलेंडर में अभिनेत्री अदिति राव हैदरी, संगीतकार अनुष्का शंकर, कवयित्री रूपी कौर, मॉडल लक्ष्मी मेनन और टीवी होस्ट पद्मा लक्ष्मी सहित अन्य हस्तियां भी शामिल हैं। पिंटो ने कैलेंडर के फोटोशूट के अनुभव के बारे में कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि फोटोग्राफर ने भारत और महिलाओं को किसी पूर्वनिर्धारित छवि में बांधने की कोशिश नहीं की।

Dinman Times ads 728-90

आगे ‘अनकस्टम्ड अर्थ’ में आएंगी नजर

पिंटो की आगामी परियोजनाओं में अनकस्टम्ड अर्थ नाम की आठ कड़ियों वाली सीरीज शामिल है, जो झुम्पा लाहिड़ी के 2008 के कहानी-संग्रह से प्रेरित है। इसमें सिद्धार्थ भी नजर आएंगे और रिपोर्ट के अनुसार यह सीरीज 17 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होने वाली है।

महिला किरदारों में विविधता क्यों मायने रखती है?

फिल्मों और धारावाहिकों में अलग-अलग अनुभवों वाली महिलाओं को जगह मिलना दर्शकों को समाज और रिश्तों की अधिक व्यापक तस्वीर दिखा सकता है। किसी किरदार का अपूर्ण होना उसे कमजोर नहीं बनाता; कई बार यही पहलू उसके संघर्ष, विकास और फैसलों को अधिक विश्वसनीय बनाते हैं। साथ ही, वास्तविक विविधता के लिए जरूरी है कि महिलाओं को केवल रूढ़ छवियों के उलट दिखाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी पूरी मानवीय जटिलता के साथ लिखा जाए।

फ्रीडा पिंटो की टिप्पणी इसी बदलाव की अहमियत पर ध्यान दिलाती है: ऐसी कहानियां, जिनमें महिलाओं को केवल आदर्श या प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि अपने अनुभवों, विरोधाभासों और स्वतंत्र फैसलों वाली इंसान के रूप में देखा जाए।

TAGGED:Bollywood NewsBreaking NewsEntertainment News
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
abha
Byआभा शुक्ला
आभा शुक्ला पत्रकारिता, जनसंपर्क और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5+ वर्षों के अनुभव वाली पत्रकार एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल हैं। पटना से जुड़ीं आभा को समाचार शोध, रिपोर्टिंग, कंटेंट डेवलपमेंट, मीडिया आउटरीच और जनसंपर्क अभियानों का अनुभव है। उन्होंने Zee News में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में समाचार शोध, रिपोर्टिंग और कंटेंट डेवलपमेंट का अनुभव हासिल किया। इसके बाद UNE Consultant में PR Executive के तौर पर मीडिया आउटरीच, PR कैंपेन और कॉर्पोरेट इवेंट्स पर काम किया। TCS में Associate के रूप में उन्होंने डेटा मैनेजमेंट, रिसर्च और सूचना प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। आभा शुक्ला तथ्यपरक, शोध-आधारित और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाने में रुचि रखती हैं।
पिछली ख़बर पटना में अंजनी हत्याकांड के आरोपी को पैर में लगी गोली पटना में तड़के गोलियों की गूंज! अंजनी हत्याकांड के आरोपी का पुलिस से आमना-सामना, पैर में लगी गोली
अगली ख़बर शेफ दामू का 72 साल की उम्र में निधन पद्मश्री शेफ दामू का 72 वर्ष की उम्र में निधन, ‘कुकू विद कोमाली’ के जज और गिनीज रिकॉर्ड से बनाई पहचान
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

अंजान

28 अक्टूबर 1930: गीतकार अंजान का जन्म, जिनके गीतों में बसता था बनारस

बिल गेट्स

28 अक्टूबर 1955: बिल गेट्स का जन्म और कंप्यूटर क्रांति में उनका योगदान

डॉ. जोनास साल्क

28 अक्टूबर 1914: डॉ. जोनास साल्क का जन्म और पोलियो वैक्सीन की ऐतिहासिक खोज

जहांगीर

28 अक्टूबर 1627: मुगल सम्राट जहांगीर का निधन और उनके शासन की विरासत

आज-का-राशिफल-18-अगस्त-2026-सभी-12-राशियां

आज का राशिफल 28 अक्टूबर 2026: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • विदेश
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिज़नेस

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?