गया में पहले चरण का हाउस होल्डिंग सर्वे पूरा, दूसरे चरण में हर व्यक्ति की जानकारी होगी दर्ज; जनगणना कर्मियों का मानदेय भी जारी
गयाजी। भारत में होने वाली आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना की प्रक्रिया को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए इस बार डेटा संग्रहण और रिकॉर्ड तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गया जिले में जनगणना के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार के अनुसार, पहले चरण में हाउस होल्डिंग और सार्वजनिक स्थलों का सर्वेक्षण किया गया है। इस दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों को केंद्रीय जनगणना की साइट पर अपलोड करने का काम चल रहा है। यह प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा। इस चरण में प्रगणक घर-घर पहुंचकर वहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाएंगे।
फरवरी में होगा घर-घर सर्वे, हर व्यक्ति का जुटेगा डाटा
दूसरे चरण में प्रगणक प्रत्येक घर में जाकर हर व्यक्ति का पूरा नाम, योग्यता सहित अन्य जानकारी दर्ज करेंगे। इस दौरान घर में रहने वाले सभी लोगों की व्यक्तिगत जानकारी का डेटा संग्रह किया जाएगा।
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि मैन-टू-मैन डेटा संग्रह का कार्य 28 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद 1 मार्च 2027 को गया जिले की जनगणना की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद जिले की आबादी से जुड़ी समुचित जानकारी सामने आ सकेगी, जो आगे नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
डिजिटल तकनीक से होगी जनगणना की प्रक्रिया
इस बार जनगणना में नई तकनीकों और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार की ओर से डेटा संग्रहण के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया गया है।
इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए जनगणना कर्मियों को आंकड़े सीधे मोबाइल उपकरण पर दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। इससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने के साथ-साथ आंकड़ों की सुरक्षा और सटीकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
जनगणना के दौरान आवास, शिक्षा, रोजगार और जनसंख्या से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इन आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जा सकेगा।
कमजोर वर्गों की जानकारी पर भी रहेगा विशेष ध्यान
जनगणना के दौरान यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा कि समाज के सभी वर्गों, खासकर कमजोर वर्गों की सही जानकारी दर्ज हो सके। इसके लिए लोगों को जनगणना की प्रक्रिया और इसके महत्व के बारे में जागरूक करने की योजना भी बनाई गई है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि लोग सही जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे जिले की वास्तविक जनसांख्यिकीय तस्वीर सामने आ सके।
जनगणना कर्मियों का मानदेय भी हुआ जारी
जनगणना कार्य में लगाए गए अधिकारियों और कर्मियों के लिए केंद्रीय जनगणना इकाई की ओर से अलग-अलग श्रेणी के अनुसार मानदेय निर्धारित किया गया है।
गया जिले में पहले चरण के कार्य के लिए संबंधित कर्मियों और पदाधिकारियों को राशि जारी कर दी गई है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के अनुसार जिला पदाधिकारी से लेकर प्रगणक तक के लिए प्रथम चरण की राशि निर्गत की गई है।
वहीं, दूसरे चरण के लिए मानदेय की राशि मार्च माह में जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
किसे कितना मिलेगा मानदेय?
| पद | पदों की संख्या | प्रथम चरण | दूसरा चरण |
|---|---|---|---|
| प्रगणक | 8,424 | ₹9,000 | ₹16,000 |
| पर्यवेक्षक | 1,356 | ₹9,000 | ₹16,000 |
| चार्ज पदाधिकारी (BDO व कार्यपालक पदाधिकारी) | 33 | ₹20,000 | ₹25,000 |
| प्रधान जनगणना पदाधिकारी (DM) | 01 | ₹25,000 | ₹35,000 |
| जिला जनगणना पदाधिकारी (MDM) | 01 | ₹20,000 | ₹25,000 |
| अपर जनगणना पदाधिकारी (DSO) | 01 | ₹20,000 | ₹25,000 |
गया की आबादी का मिलेगा विस्तृत आंकड़ा
जनगणना के दूसरे चरण में घर-घर जाकर व्यक्तिगत जानकारी जुटाए जाने के बाद जिले की आबादी और उससे जुड़े आंकड़ों की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। 28 फरवरी तक डेटा संग्रह और 1 मार्च 2027 को अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ गया जिले के जनगणना कार्य का यह चरण महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगा।
फिलहाल जिले में पहले चरण में जुटाए गए डेटा को केंद्रीय स्तर पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है और प्रशासन दूसरे चरण की तैयारियों में जुटा है।