Munger News: मुंगेर में शेयर बाजार में निवेश से भारी मुनाफे और सरकारी ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर बड़ी रकम ऐंठने का मामला सामने आया है। मुफस्सिल पुलिस ने इस मामले में आरोपित सूरज कुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, करीब 84 लोगों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाकर 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने सूरज कुमार को चरौन गांव के पास से गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में ठगी की कुल रकम और आरोपित से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का दिया लालच
आरोप है कि सूरज कुमार लोगों को शेयर बाजार में निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाता था। इसके साथ ही सरकारी ठेकेदारी के काम में निवेश कर बड़ी कमाई कराने का झांसा भी दिया जाता था।
लोग उसके झांसे में आते गए और अपनी जमा पूंजी से लेकर बड़ी रकम तक उसे सौंपते रहे। पुलिस जांच में करीब 84 लोगों के इस कथित ठगी नेटवर्क में फंसने की बात सामने आई है।
पीड़ितों में पुलिसकर्मी, रेलकर्मी, सेना के जवान, किसान और दूसरे आम लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम करीब 10 से 12 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है। हालांकि अंतिम रकम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक व्यक्ति से डेढ़ करोड़ लेने का आरोप
इस मामले में हरदियाबाद निवासी नीरज कुमार से करीब 1.5 करोड़ रुपये लेने का आरोप सामने आया है। वहीं एक दारोगा से लगभग 45 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
मुनाफे की उम्मीद में कई लोगों ने अपनी जमीन तक बेच दी। जमीन बेचकर मिली रकम भी निवेश और ठेकेदारी में लगाने के नाम पर सूरज को सौंप दी गई। लेकिन आरोप है कि बाद में न तो वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई।
पैसा फंसने के बाद पुलिस और कोर्ट पहुंचे पीड़ित
रकम वापस नहीं मिलने और लगातार टालमटोल से परेशान लोगों ने पुलिस और न्यायालय का रुख किया। अब तक 10 पीड़ितों की ओर से मुफस्सिल थाना और न्यायालय में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
बेल के सिलसिले में गांव पहुंचा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, एक मामले में जमानत अर्जी और मध्यस्थता से जुड़े काम के सिलसिले में सूरज कुमार चुपचाप गांव पहुंचा था। इसकी भनक एक पीड़ित को लगी तो उसने पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल पुलिस ने घेराबंदी की और चरौन गांव के समीप से सूरज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था।
नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों की भी होगी जांच
मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार, मामले में ठगी गई कुल रकम का पता लगाने के साथ-साथ इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ और शिकायतों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।