Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Reading: बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा अभियान: जमाबंदी में गलती है तो होगी सुधार, मृत रैयत के वारिसों का चढ़ेगा नाम
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा अभियान: जमाबंदी में गलती है तो होगी सुधार, मृत रैयत के वारिसों का चढ़ेगा नाम

बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा अभियान: जमाबंदी में गलती है तो होगी सुधार, मृत रैयत के वारिसों का चढ़ेगा नाम

प्रशांत कुमार
Last updated: सितम्बर 15, 2026 10:24 अपराह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 8 घंटे पहले
बिहार जमाबंदी सुधार अभियान 2026
बिहार जमाबंदी सुधार अभियान 2026
साझा करें

Bihar News: 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक मिशन मोड में चलेगा विशेष अभियान, मूल रिकॉर्ड से ऑनलाइन जमाबंदी का होगा मिलान; सरकारी जमीन के मामलों में बिना जांच नहीं होगा नामांतरण

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा विशेष अभियान शुरू किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जमाबंदी शुद्धीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा।

इस दौरान ऑनलाइन दर्ज जमाबंदी का मिलान मूल जमाबंदी पंजी यानी रजिस्टर-2 की स्कैन प्रति से किया जाएगा। रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर उसे मूल अभिलेख के आधार पर सुधारने की कार्रवाई होगी।

इस अभियान का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जिनकी जमीन की ऑनलाइन जमाबंदी में नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान या अन्य विवरण गलत दर्ज हैं।

इसके साथ ही ऐसे जमाबंदीदारों के रिकॉर्ड को भी अपडेट किया जाएगा जिनकी मृत्यु हो चुकी है और अब तक उनके वैध उत्तराधिकारियों के नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हुए हैं।

ये भी पढ़े

अंतरजातीय प्रेम विवाह से पिता नाराज, जिंदा बेटी की निकाली ‘अर्थी’, पुतले का किया दाह संस्कार
मुंगेर में 84 लोगों से 12 करोड़ की ठगी का आरोप, शेयर बाजार और ठेकेदारी का दिखाया था सपना; आरोपी सूरज गिरफ्तार
डेहरी के होटल अनीश में देह व्यापार का भंडाफोड़, चार महिलाएं समेत छह गिरफ्तार; मैनेजर भी हिरासत में
सासाराम सदर अस्पताल में विचाराधीन बंदी की मौत, शराब मामले में दो दिन पहले हुआ था गिरफ्तार

मंत्री ने कहा- रिकॉर्ड की एक गलती भी बन सकती है बड़ी परेशानी

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि जमीन के अभिलेखों में छोटी सी गलती भी आम आदमी के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए विभाग का लक्ष्य केवल जमाबंदी को अपडेट करना नहीं, बल्कि जमीन के रिकॉर्ड को मूल अभिलेख के अनुरूप शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।

बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान के तहत जमीन रिकॉर्ड की जांच
बिहार में जमाबंदी और जमीन रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान। (डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल)

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान को महज औपचारिकता न बनाया जाए। प्रत्येक स्तर पर रिकॉर्ड की गुणवत्ता की जांच हो और जहां सुधार जरूरी हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं और बंदोबस्त पदाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्धारित अवधि में अभियान पूरा करने का निर्देश दिया है।

बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान के तहत जमीन रिकॉर्ड की जांच
बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान के तहत जमीन रिकॉर्ड की जांच- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत

मूल रिकॉर्ड से होगा ऑनलाइन जमाबंदी का मिलान

अभियान के दौरान प्रत्येक अंचल में डिजिटाइज्ड जमाबंदी की तुलना रजिस्टर-2 की स्कैन प्रति से की जाएगी। जांच में रैयत का नाम, पिता का नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर, जमीन का रकबा, लगान और दूसरे जरूरी विवरणों को मूल रिकॉर्ड से मिलाया जाएगा।

अगर ऑनलाइन जमाबंदी और मूल अभिलेख में अंतर मिलता है तो नियमानुसार उसे ठीक किया जाएगा। इसके अलावा शून्य रकबा, शून्य लगान और मिसिंग जानकारी जैसी खामियों को भी अभियान के दौरान दूर किया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर विशेष सर्वेक्षण अमीनों की मदद से जमीन की मापी भी कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित रैयत से अलग से आवेदन या मापी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मृत जमाबंदीदारों के वारिसों को मिलेगा अधिकार दर्ज कराने का मौका

अभियान का एक अहम हिस्सा मृत जमाबंदीदारों के नाम पर चल रही जमाबंदियों को अपडेट करना है। राजस्व कर्मचारी ऐसे मामलों की पहचान करेंगे और वैध उत्तराधिकारियों की जानकारी जुटाकर वंशावली तैयार करेंगे।

इसके बाद उत्तराधिकारियों से जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर अंचल अधिकारी द्वारा उत्तराधिकार नामांतरण वाद शुरू किया जाएगा। निर्विवाद मामलों में 14 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद नियमानुसार आदेश पारित किया जाएगा।

आदेश के बाद करेक्शन स्लिप जारी करने, जमाबंदी में उत्तराधिकारियों का नाम दर्ज करने और लगान की मांग को भी अपडेट करने की कार्रवाई की जाएगी।

लेकिन हर मामले में सीधे नामांतरण नहीं होगा

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अभियान के नाम पर किसी भी जमीन का बिना जांच के नामांतरण नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि, सार्वजनिक भूमि, जल-निकाय, सीलिंग जमाबंदी और न्यायालय में लंबित विवाद वाले मामलों में विशेष सावधानी बरती जाएगी।

इसी तरह जहां मूल अभिलेख और जमीन की वास्तविक स्थिति में गंभीर विरोधाभास होगा, वहां समुचित जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिकॉर्ड सुधार के नाम पर किसी गलत व्यक्ति का नाम जमीन के दस्तावेज में दर्ज न हो।

अधिकारियों की रोज होगी निगरानी और समीक्षा

अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। अंचल अधिकारी प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट भूमि सुधार उप-समाहर्ता और अपर समाहर्ता को देंगे। अपर समाहर्ता जिले के नोडल पदाधिकारी होंगे, जबकि समाहर्ता अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों और अंचलों में चल रहे अभियान की प्रगति पर नजर रखेगा। अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

चुनिंदा मामलों की होगी गुणवत्ता जांच

रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया में गुणवत्ता बनी रहे, इसके लिए अधिकारियों को चुनिंदा मामलों की जांच करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। भूमि सुधार उप-समाहर्ता प्रत्येक अंचल के 5 प्रतिशत, अपर समाहर्ता 2 प्रतिशत और समाहर्ता 1 प्रतिशत मामलों की जांच करेंगे।

इससे यह पता लगाया जाएगा कि जमाबंदी सुधार की प्रक्रिया सही तरीके से हुई है या नहीं और रिकॉर्ड में की गई कार्रवाई मूल अभिलेख के अनुरूप है या नहीं।

5 एकड़ या उससे अधिक सरकारी जमीन का भी होगा स्थलीय सत्यापन

अभियान के दौरान सरकारी भूमि के डेटाबेस में दर्ज 5 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली जमीन का स्थलीय सत्यापन भी कराया जाएगा। इसके लिए मौजावार सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

जनहित में क्यों महत्वपूर्ण है अभियान?

जमीन के रिकॉर्ड में गलत नाम, गलत रकबा, खाता-खेसरा की त्रुटि या मृत व्यक्ति के नाम पर जमाबंदी लंबे समय तक बनी रहने से भविष्य में बिक्री, विरासत, नामांतरण और जमीन संबंधी विवाद पैदा हो सकते हैं। ऐसे में सरकार का यह अभियान पुराने रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और जमीन के अभिलेखों को अधिक भरोसेमंद बनाने की कोशिश है।

31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में जमीन मालिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके ऑनलाइन जमाबंदी रिकॉर्ड और मूल अभिलेख के बीच किसी तरह का अंतर है तो उसे नियमानुसार सुधारा जा सकेगा।

मृत जमाबंदीदार के वैध उत्तराधिकारी भी नियमों के तहत अपना नाम जमाबंदी में दर्ज कराने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।

TAGGED:जमाबंदी सुधारबिहार जमाबंदीबिहार जमीन रिकॉर्डबिहार भूमि रिकॉर्ड
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर पूर्णिया में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने बेटी के पुतले की निकाली अर्थी अंतरजातीय प्रेम विवाह से पिता नाराज, जिंदा बेटी की निकाली ‘अर्थी’, पुतले का किया दाह संस्कार
अगली ख़बर 16 सितंबर 2026 का आज का राशिफल आज का राशिफल 16 सितंबर 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

ये भी पढ़ें

16 सितंबर 2026 का आज का राशिफल

आज का राशिफल 16 सितंबर 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

बिहार जमाबंदी सुधार अभियान 2026

बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा अभियान: जमाबंदी में गलती है तो होगी सुधार, मृत रैयत के वारिसों का चढ़ेगा नाम

पूर्णिया में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने बेटी के पुतले की निकाली अर्थी

अंतरजातीय प्रेम विवाह से पिता नाराज, जिंदा बेटी की निकाली ‘अर्थी’, पुतले का किया दाह संस्कार

Munger News: 84 लोगों से 12 करोड़ की ठगी का आरोप, शेयर बाजार-ठेकेदारी का झांसा देने वाला सूरज गिरफ्तार

मुंगेर में 84 लोगों से 12 करोड़ की ठगी का आरोप, शेयर बाजार और ठेकेदारी का दिखाया था सपना; आरोपी सूरज गिरफ्तार

डेहरी के होटल अनीश में प्रशासन की छापेमारी

डेहरी के होटल अनीश में देह व्यापार का भंडाफोड़, चार महिलाएं समेत छह गिरफ्तार; मैनेजर भी हिरासत में

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • करियर
  • झारखण्‍ड
  • उत्तर प्रदेश
  • स्वास्थ्य

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?