सेवा यात्रा के दौरान 10 राज्यों, 198 जिलों और 1,155 गांवों तक पहुंचने का दावा; 1,000 युवा 35,600 किलोमीटर की यात्रा कर नशामुक्त भारत और पौधरोपण अभियान को दे रहे हैं बल
वाराणसी/डिजिटल डेस्क: मध्य प्रदेश के सांसद बीड़ी शर्मा ने सेवा यात्रा को लेकर कहा कि यह अभियान युवाओं की भागीदारी और सामाजिक बदलाव के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है।
उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हुई सेवा यात्रा का समापन वाराणसी में उस दिन होगा, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। शर्मा ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से युवाओं को सामाजिक और पर्यावरणीय अभियानों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
17 सितंबर से शुरू हुई सेवा यात्रा
बीड़ी शर्मा ने बताया कि सेवा यात्रा की शुरुआत 17 सितंबर को की गई थी। उनके अनुसार, यात्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जोड़ते हुए शुरू किया गया और इसका समापन वाराणसी में 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा अलग-अलग राज्यों और जिलों से होकर आगे बढ़ रही है और इसके जरिए सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

सांसद के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं है, बल्कि युवाओं को सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना भी है।
1,000 युवा 35,600 किलोमीटर की यात्रा में शामिल
बीड़ी शर्मा ने कहा कि इस अभियान में करीब 1,000 युवा भाग ले रहे हैं। उनके अनुसार, ये युवा लगभग 35,600 किलोमीटर की दूरी तय कर विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। यात्रा के दौरान नशामुक्त भारत और पौधरोपण अभियान जैसे विषयों को प्रमुखता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से इन अभियानों को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। उनका जोर इस बात पर रहा कि युवा वर्ग सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
10 राज्यों, 198 जिलों और 1,155 गांवों तक पहुंचने का दावा
सांसद ने बताया कि सेवा यात्रा अब तक 10 राज्यों, 198 जिलों और 1,155 गांवों तक पहुंच चुकी है। यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर युवाओं और स्थानीय लोगों से संपर्क कर सामाजिक विषयों पर जागरूकता फैलाने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में यात्रा के पहुंचने से अभियान को व्यापक स्तर पर लोगों से जोड़ने का अवसर मिला है। हालांकि, यात्रा से जुड़े ये आंकड़े सांसद के बयान के आधार पर हैं।
पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बीड़ी शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों से पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों से जोड़ते हुए कहा कि यदि समाज अभी से प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाएगा, तभी आने वाले वर्षों में बेहतर परिस्थितियां बनाई जा सकेंगी।
2047 के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा अभियान
सांसद ने अपने संबोधन में 2047 में विकसित भारत की कल्पना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

उनके अनुसार, केवल सरकारी स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। पौधरोपण, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे अभियानों में युवाओं की भागीदारी को उन्होंने विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं को बताया बदलाव की ताकत
बीड़ी शर्मा ने कहा कि युवा देश और समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। उनका कहना था कि युवा वर्ग ऊर्जा, तकनीक और नए विचारों के साथ सामाजिक अभियानों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की क्षमता रखता है।
सेवा यात्रा के माध्यम से युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश इसी सोच का हिस्सा बताई गई है। यात्रा के समापन के बाद भी नशामुक्ति, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर जागरूकता अभियान जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, सांसद बीड़ी शर्मा के बयान में सेवा यात्रा को युवा भागीदारी, नशामुक्ति, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सामाजिक योगदान का माध्यम बताया गया है। यात्रा से जुड़े राज्यों, जिलों, गांवों और दूरी के आंकड़े उनके द्वारा बताए गए हैं।

