मोतिहारी गांजा बरामदगी के मामले में बिहार एसटीएफ और राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों एजेंसियों ने पूर्वी चंपारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों के पास से 10 किलोग्राम गांजा, दो मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में डीआरआई की ओर से आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
4 नवंबर को संयुक्त टीम ने की छापेमारी
बिहार पुलिस मुख्यालय (विशेष कार्य बल) की ओर से 5 नवंबर 2026 को जारी सूचना में बताया गया कि 4 नवंबर को एसटीएफ की विशेष टीम और डीआरआई ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अवैध मादक पदार्थ गांजा और उससे संबंधित सामान की बरामदगी के साथ हुई।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान गुलशन कुमार, पिता उमेश प्रसाद यादव, निवासी टिकुलिया, थाना आदापुर; श्याम कुमार, पिता पुनदेव राय, निवासी टिकुलिया, थाना आदापुर; राधेश्याम साहनी, पिता मनी साहनी, निवासी सरैया खास, थाना गोविंदगंज; भुलन कुमार, पिता रामदर्शन राय, निवासी टिकुलिया, थाना आदापुर; और मुकेश शाह, पिता दीनानाथ शाह, निवासी सरैया खास, थाना गोविंदगंज, जिला मोतिहारी के रूप में की गई है।
10 किलोग्राम गांजा और अन्य सामान जब्त
संयुक्त कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 10 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा दो मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। बरामदगी की सूची में इन वस्तुओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में गांजे की पैकिंग, अनुमानित बाजार मूल्य या बरामदगी के सटीक स्थान का अलग से विवरण नहीं दिया गया है।

मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बरामद सामग्री की जांच, उसका वजन और उससे जुड़े साक्ष्य कानूनी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। इस मामले में भी जब्त गांजे और अन्य सामान को आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसी के समक्ष रखा जाएगा। मोबाइल फोन की जांच से आरोपियों के संपर्कों और संभावित गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
डीआरआई कर रही है आगे की कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले में डीआरआई द्वारा आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। इसका अर्थ है कि बरामदगी और गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की जांच संबंधित एजेंसी के स्तर पर आगे बढ़ेगी। पांचों आरोपियों की भूमिका, गांजे की आपूर्ति के स्रोत और संभावित वितरण नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
संयुक्त अभियान में दो एजेंसियों की भागीदारी इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बनाती है। एसटीएफ की विशेष टीम और डीआरआई ने मिलकर स्थानीय थाना क्षेत्र में छापेमारी की। हालांकि, उपलब्ध सूचना में किसी बड़े नेटवर्क के खुलासे, अन्य राज्यों से संपर्क या अतिरिक्त गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे तथ्यों को जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही स्पष्ट माना जा सकेगा।
आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उनके खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है या नहीं और यदि है तो उसकी प्रकृति क्या है। इस प्रक्रिया के बाद जांच एजेंसियों को आरोपियों की कथित गतिविधियों की पृष्ठभूमि समझने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल आधिकारिक रूप से पांच गिरफ्तारियों, 10 किलोग्राम गांजे, दो मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन की बरामदगी की जानकारी दी गई है। डीआरआई की आगे की कार्रवाई और जांच के आधार पर मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं।
