Madhepura । बिहार के मधेपुरा जिले में शनिवार को एक ऐसी वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। घैलाढ़ प्रखंड के ईटहरी गांव में 12 वर्षीय बच्चे की गला रेतकर हत्या किए जाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने घटना के कथित आरोपी को खोज निकाला और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।
गंभीर रूप से घायल आरोपी की मौत हो गई। इस तरह एक ही घटना में दो लोगों की जान चली गई, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया।
दिनदहाड़े बच्चे की हत्या से गांव में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, ईटहरी गांव के वार्ड संख्या दो निवासी सुनील ठाकुर के 12 वर्षीय बेटे सुमित कुमार की शनिवार सुबह करीब 11 बजे हत्या कर दी गई। आरोप है कि अनिल यादव (45) ने धारदार हथियार से बच्चे का गला रेत दिया।
घटना की जानकारी जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। बच्चे की हत्या से लोगों में भारी आक्रोश था। ग्रामीणों ने कथित आरोपी की तलाश शुरू कर दी। कुछ समय बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, भीड़ की पिटाई में आरोपी की भी मौत हो गई।

बच्चे की हत्या के बाद कानून हाथ में लेने का आरोप
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करना और भीड़ द्वारा की गई कार्रवाई की जांच करना है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्चे की हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए आरोपी की पिटाई कर दी।
इस मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चे की हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और वारदात किस परिस्थिति में हुई। फिलहाल उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी में हत्या की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर भी जानकारी
स्थानीय ग्रामीणों की ओर से यह भी बताया गया है कि अनिल यादव मानसिक रूप से अस्वस्थ था। वह बराही पंचायत के वार्ड संख्या आठ निवासी दिवंगत राजकिशोर यादव का पुत्र बताया गया है। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति और उसका बच्चे की हत्या से संबंध पुलिस जांच का विषय है। इस संबंध में अंतिम तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार के अनुसार, दोनों शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

दो मौतों ने खड़े किए कई सवाल
मधेपुरा की यह घटना कई गंभीर सवाल भी छोड़ गई है। एक तरफ एक मासूम बच्चे की हत्या ने गांव को झकझोर दिया, तो दूसरी तरफ आरोपी की मौत के बाद भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने का मामला सामने आया। पुलिस के लिए अब दोनों घटनाओं की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को अलग-अलग जांचना अहम होगा।
फिलहाल पुलिस दोनों मौतों से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की हत्या किस परिस्थिति में हुई और उसके बाद आरोपी की मौत की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
मधेपुरा की इस दोहरी मौत की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि गंभीर अपराध के बाद भीड़ का न्याय कानून-व्यवस्था के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। पुलिस की आगे की जांच से ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
