नई दिल्ली। दिल्ली के Jantar Mantar पर CJP के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे घटनाक्रम को “फ्लॉप शो” करार देते हुए दावा किया कि प्रदर्शन के जरिए राजधानी में अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश की गई।
जंतर-मंतर की कहानी, भारत की कहानी नहीं है। भारत शांत है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।
लेकिन दिल्ली के एक कोने में कुछ अराजक तत्व जिस प्रकार से अराजकता फैला रहे हैं उनका यह फ्लॉप शो पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। https://t.co/UNK70hVn9d
— Sambit Patra (@sambitswaraj) October 10, 2026
पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर दिखाई दे रहे विरोध-प्रदर्शन को पूरे देश के माहौल की तस्वीर के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरें देश की समग्र स्थिति को प्रदर्शित नहीं करतीं। उन्होंने दावा किया कि देश में शांति है और भारत सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।
‘जंतर-मंतर का घटनाक्रम पूरे भारत की तस्वीर नहीं’
BJP नेता ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के एक हिस्से में कुछ ऐसी ताकतें सक्रिय थीं, जो कथित तौर पर अराजकता और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि शनिवार को उनकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकी।
संबित पात्रा ने प्रदर्शन को “अराजक तत्वों का फ्लॉप शो” बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह विफल हो गया है। उनका कहना था कि जंतर-मंतर पर जो घटनाएं हो रही हैं, उन्हें पूरे देश की राजनीतिक स्थिति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

हालांकि, ये आरोप BJP नेता के राजनीतिक दावे हैं। प्रदर्शनकारी पक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दे और उनकी राजनीतिक व्याख्या अलग है। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था और चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी।
राजधानी को ‘बंधक’ बनाने की कोशिश का आरोप
संबित पात्रा ने प्रदर्शन को लेकर एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश की गई और इसके पीछे आगजनी तथा हिंसा का माहौल पैदा करने की मंशा थी।
उन्होंने दावा किया कि ऐसे प्रयास सफल नहीं हुए और शनिवार की स्थिति को उन्होंने “लोकतंत्र की भीड़तंत्र पर जीत” के रूप में पेश किया। पात्रा के इस बयान में प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए आरोपों का कोई स्वतंत्र विस्तृत प्रमाण उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश नहीं किया।
वहीं, शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी तथा प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण कई इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
संबित पात्रा ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने राष्ट्रपति पद को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों से जोड़ने को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए।
BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति पद को सड़क के राजनीतिक आंदोलन में खींचने की कोशिश की जा रही है। पात्रा ने इसे लेकर राहुल गांधी पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की और कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को इस तरह की राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की राजनीतिक टिप्पणी
अपने बयान के दौरान संबित पात्रा ने मौजूदा राजनीतिक संघर्ष को “मोदी बनाम मीर जाफर” की लड़ाई के रूप में भी पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें चुनावी प्रक्रिया के जरिए सत्ता हासिल करने के बजाय सड़कों पर दबाव और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
यह टिप्पणी BJP की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है और इसे इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की भूमिका तथा SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।

CJP प्रदर्शन को लेकर क्यों गरमाई राजनीति?
जंतर-मंतर का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। CJP और उसके समर्थकों ने चुनावी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे पर शनिवार को दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी दी थी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए आवेदन निर्धारित समय से काफी कम समय पहले मिला था और पिछली गतिविधियों से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी आपत्तियां थीं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को भी अनुमति नहीं देने के कारणों में शामिल किया।
शनिवार को घटनाक्रम के दौरान CJP के प्रमुख नेताओं Abhijeet Dipke, Saurav Das और Ashutosh Ranka को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद संगठन ने Ajinkya Shinde को प्रदर्शन की कमान सौंपी। दूसरी ओर, कुछ अन्य विपक्षी नेता भी अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिए गए।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा तनाव
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर BJP और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर BJP इसे असफल आंदोलन और अराजकता फैलाने की कोशिश बता रही है, वहीं प्रदर्शनकारी इसे चुनाव आयोग की जवाबदेही और SIR से जुड़े सवालों को उठाने वाला आंदोलन बता रहे हैं।

ऐसे में शनिवार का घटनाक्रम केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चुनाव आयोग, मतदाता सूची, पुलिस कार्रवाई और विपक्ष की राजनीति को लेकर व्यापक राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले समय में इस प्रदर्शन और उससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
