किशनगंज डायल 112 चालक गिरफ्तार किए जाने का मामला बहादुरगंज थाना क्षेत्र के लोहागाड़ा पिकेट से सामने आया है। डायल 112 (ईआरवी) वाहन के चालक बादल तिवारी पर शराब के नशे में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलने पर पहुंची टीम के सामने भी चालक ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। बाद में उसे मेडिकल जांच और श्वास परीक्षण के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
लोहागाड़ा पिकेट पर हंगामे की सूचना
बहादुरगंज थाना में पदस्थापित महिला पुलिस अवर निरीक्षक रूपा कुमारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 9:45 बजे सूचना मिली कि लोहागाड़ा पिकेट पर तैनात ईआरवी चालक बादल तिवारी शराब के नशे में हंगामा कर रहा है। उस समय रूपा कुमारी संध्या गश्ती पर थीं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम पिकेट पहुंची। पुलिस का कहना है कि टीम को देखते ही चालक ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया।
पुलिसकर्मियों के अनुसार, चालक के मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। स्थिति को देखते हुए उसे जांच के लिए अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। आरोपित की पहचान बादल तिवारी (43) के रूप में हुई है। वह छपरा जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के भगवान बाजार निवासी जय प्रकाश तिवारी का पुत्र बताया गया है।
सदर अस्पताल में भी दुर्व्यवहार का आरोप
पुलिस टीम चालक को मेडिकल जांच और श्वास परीक्षण के लिए सदर अस्पताल किशनगंज लेकर पहुंची। आरोप है कि अस्पताल में भी उसका व्यवहार नहीं बदला और उसने वहां मौजूद डॉक्टरों तथा पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी की। इसके बाद ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। पुलिस के अनुसार, जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सरकारी सेवा में तैनात कर्मी पर शराब सेवन का आरोप सामने आने से मामला चर्चा में है। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज आरोप और जांच के निष्कर्ष को न्यायिक प्रक्रिया में परखा जाएगा। फिलहाल पुलिस ने शराबबंदी कानून के उल्लंघन और अन्य संज्ञेय आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर चालक को गिरफ्तार किया है।
महिला दारोगा की सूचना पर पहुंची थी टीम
इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत पिकेट पर हंगामे की सूचना से हुई। महिला दारोगा रूपा कुमारी की टीम मौके पर पहुंची और चालक को जांच के लिए अस्पताल ले गई। पुलिस के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया के दौरान चालक का कथित दुर्व्यवहार जारी रहा। अस्पताल में श्वास परीक्षण के बाद शराब सेवन की पुष्टि होने पर गिरफ्तारी की गई।
डायल 112 सेवा आपात स्थिति में पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जाती है। ऐसे वाहन के चालक पर ही कानून उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोप लगना विभागीय जवाबदेही के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस मामले में किसी विभागीय कार्रवाई या चालक के निलंबन का अलग से उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल पुलिस की गिरफ्तारी और दर्ज प्राथमिकी तक ही कार्रवाई की पुष्टि की जा सकती है।
न्यायालय में पेश किए गए आरोपित
पुलिस ने बताया कि बादल तिवारी को गुरुवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आगे की कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी। मामले में पुलिस की ओर से अस्पताल में हुई जांच और दर्ज प्राथमिकी अहम साक्ष्य होंगे। आरोपित के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में होगा।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि कानून लागू कराने वाली व्यवस्था से जुड़े कर्मियों पर भी वही कानूनी प्रावधान लागू होते हैं, जिनका पालन आम नागरिकों से अपेक्षित है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरोपों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
