Dinman Times
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: CEC Gyanesh Kumar से जुड़े 20 साल पुराने मामले की फिर जांच, इंजीनियर की आत्महत्या और सड़क प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - देश - केरल - CEC Gyanesh Kumar से जुड़े 20 साल पुराने मामले की फिर जांच, इंजीनियर की आत्महत्या और सड़क प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप

CEC Gyanesh Kumar से जुड़े 20 साल पुराने मामले की फिर जांच, इंजीनियर की आत्महत्या और सड़क प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप

Last updated: अक्टूबर 5, 2026 2:24 अपराह्न
By : Dinman News Network
Published on : 3 सप्ताह पहले
CEC Gyanesh Kumar से जुड़े 20 साल पुराने मामले की फिर जांच
CEC Gyanesh Kumar से जुड़े 20 साल पुराने मामले की फिर जांच
साझा करें

Kerala News: केरल के गृह मंत्री Ramesh Chennithala ने 2006 के मामले में Vigilance जांच के आदेश दिए; उस समय Gyanesh Kumar राज्य के PWD सचिव थे, जांच में आरोपों की दोबारा पड़ताल होगी

तिरुवनंतपुरम: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar से जुड़े करीब 20 साल पुराने एक मामले की केरल सरकार ने फिर से जांच कराने का फैसला किया है।

राज्य के गृह मंत्री Ramesh Chennithala ने Vigilance and Anti-Corruption Bureau (VACB) को 2006 में सामने आए कथित भ्रष्टाचार और एक Malaysian civil engineer की आत्महत्या से जुड़े मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उस समय Gyanesh Kumar केरल के Public Works Department (PWD) के सचिव थे।

यह मामला Kerala State Transport Project (KSTP) के तहत MC Road के अपग्रेडेशन से जुड़ा है। इस परियोजना पर PATI-BEL consortium काम कर रहा था। इसी consortium से जुड़े Malaysian engineer Lee See Been की 2006 में Kuala Lumpur में आत्महत्या हुई थी।

Dinman Times ads 728-90

रिपोर्टों के अनुसार, उनकी कथित suicide note में तत्कालीन PWD Secretary Gyanesh Kumar का नाम आया था।

ये भी पढ़े

इजरायल चुनाव: मतदान खत्म होते ही शुरू होगा सत्ता का असली गणित, नेतन्याहू की कुर्सी पर नजर
TMC नाम-चिह्न विवाद: ऋतब्रत गुट को सुप्रीम कोर्ट से 10 दिन और
बंगाल निकाय चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम, TMC-Congress-CPM ने उठाई साझा मांग
27 अक्टूबर 2018: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना का निधन

हालांकि, इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात है—नई Vigilance जांच आरोपों की दोबारा पड़ताल के लिए हुई है। यह Gyanesh Kumar को दोषी ठहराने वाला फैसला नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके खिलाफ आपराधिक दोष सिद्ध होने की कोई जानकारी नहीं है। मौजूदा जांच के निष्कर्ष के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

क्या है पूरा मामला?

2006 में केरल में MC Road के एक हिस्से के अपग्रेडेशन का काम KSTP के तहत चल रहा था। इस परियोजना से PATI-BEL consortium जुड़ा हुआ था। Lee See Been इस परियोजना में प्रमुख भूमिका में थे और consortium के Kerala operations से जुड़े थे।

परियोजना के दौरान भुगतान, काम में देरी और सरकारी अधिकारियों के साथ कंपनी के मतभेदों को लेकर विवाद सामने आया था। बाद में Lee See Been की Kuala Lumpur में आत्महत्या की खबर आई।

Dinman Times ads 728-90

उस समय सामने आई शिकायतों और आरोपों में सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, काम में बाधा और भुगतान से संबंधित दबाव डालने जैसे आरोप लगाए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक Lee की suicide note में भी इन शिकायतों का उल्लेख था और उसमें Gyanesh Kumar का नाम होने का दावा किया गया।

उस समय Gyanesh Kumar की क्या भूमिका थी?

2006 में Gyanesh Kumar केरल के PWD Secretary के पद पर थे। इसलिए सड़क परियोजना से जुड़े प्रशासनिक फैसलों और विभागीय व्यवस्था में उनकी भूमिका थी।

इसी वजह से Lee See Been की मौत के बाद सामने आए आरोपों में उनका नाम भी चर्चा में आया। इसके बाद Vigilance स्तर पर प्रारंभिक जांच की गई थी। बाद की रिपोर्टों के मुताबिक वह जांच आगे नहीं बढ़ सकी और मामला प्रभावी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा।

Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा जांच 2006 में हुई प्रारंभिक VACB जांच की आगे की कड़ी के रूप में देखी जा रही है। Gyanesh Kumar के बाद में केंद्र में deputation पर चले जाने के बाद पुरानी जांच ठंडी पड़ गई थी।

Dinman Times ads 728-90

अब फिर क्यों खुला मामला?

मामला दोबारा तब चर्चा में आया जब कांग्रेस नेता Malayinkeezhu Venugopal ने इस संबंध में नई शिकायत की। शिकायत में पुरानी जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए और आरोप लगाया गया कि मामले की जांच पूरी तरह आगे नहीं बढ़ी थी।

इसके बाद केरल के गृह विभाग ने पुरानी Vigilance जांच से संबंधित फाइलें मंगाई थीं। अब गृह मंत्री Ramesh Chennithala ने VACB को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

New Indian Express के अनुसार, मौजूदा निर्देश preliminary inquiry के तौर पर है। यानी Vigilance पहले उपलब्ध रिकॉर्ड और आरोपों की जांच करेगी और उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। The New Indian Express 

Suicide note में क्या होने का दावा है?

यह इस मामले का सबसे संवेदनशील हिस्सा है।

Dinman Times ads 728-90

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार Lee See Been की कथित suicide note में सरकारी अधिकारियों पर दबाव, भ्रष्टाचार और काम से संबंधित परेशानियों के आरोपों का उल्लेख था। इसमें Gyanesh Kumar का नाम भी होने का दावा किया गया है।

लेकिन यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि किसी suicide note में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में उस व्यक्ति के खिलाफ आरोप को साबित नहीं करता। इसी वजह से नई जांच में दस्तावेजों, पुरानी जांच, परियोजना के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

Kerala के गृह मंत्री ने भी कहा है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और निष्कर्ष के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा।

सड़क परियोजना में क्या विवाद था?

MC Road के अपग्रेडेशन से जुड़ी परियोजना में काम की प्रगति और भुगतान को लेकर विवाद होने की रिपोर्टें सामने आई थीं।

Dinman Times ads 728-90

कुछ रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना में देरी को लेकर सरकार और contractor consortium के बीच मतभेद थे। वहीं contractor पक्ष की ओर से land acquisition और भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए गए थे। दूसरी तरफ सरकारी पक्ष से परियोजना की प्रगति को लेकर सवाल थे।

पुरानी रिपोर्टों के अनुसार परियोजना का काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हो पाया था और भुगतान से जुड़े विवाद भी पैदा हुए थे। इन घटनाओं का Lee See Been की मानसिक स्थिति और बाद की आत्महत्या से क्या संबंध था, यही उन पहलुओं में से एक है जिसकी अब दोबारा जांच की जा सकती है।

2006 की जांच का क्या हुआ था?

Lee See Been की मौत के बाद मामले में Vigilance inquiry शुरू हुई थी। उस समय Gyanesh Kumar का नाम भी मामले में आया था।

बाद की रिपोर्टों में कहा गया कि जांच आगे नहीं बढ़ी और समय के साथ मामला लगभग ठंडा पड़ गया। Gyanesh Kumar बाद में केंद्रीय deputation पर चले गए।

Dinman Times ads 728-90

हालांकि इस पुराने मामले की जांच क्यों प्रभावी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची, इस पर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। केरल सरकार की नई कार्रवाई में इसी पहलू को भी दोबारा देखा जाना है।

यानी मौजूदा जांच केवल मूल भ्रष्टाचार के आरोपों तक सीमित नहीं है। यह भी देखा जा सकता है कि पुरानी जांच में कोई कमी रही थी या उसे प्रभावित किया गया था।

गृह मंत्री ने क्या कहा?

Ramesh Chennithala ने कहा है कि मामले में Vigilance को सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि जांच में बाहरी प्रभाव या हस्तक्षेप के आरोपों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

मंत्री के मुताबिक इस मामले की कानूनी स्थिति को लेकर भी विचार किया गया है और Gyanesh Kumar के वर्तमान पद को जांच के रास्ते में बाधा नहीं माना गया है।

Dinman Times ads 728-90

क्या Gyanesh Kumar दोषी पाए गए हैं?

नहीं।

यह इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी और पत्रकारिता संबंधी पहलू है।

केरल सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। इसका अर्थ है कि आरोपों और पुराने मामले की दोबारा पड़ताल होगी। लेकिन अभी तक उपलब्ध जानकारी में कोई ऐसा निष्कर्ष सामने नहीं आया है जिसमें Gyanesh Kumar को इन आरोपों में दोषी ठहराया गया हो।

कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि पहले की जांच में मामला किसी निर्णायक आपराधिक कार्रवाई तक नहीं पहुंचा था। नई जांच का उद्देश्य उपलब्ध तथ्यों और पुराने रिकॉर्ड की फिर से समीक्षा करना है।

Dinman Times ads 728-90

इसलिए “Gyanesh Kumar के खिलाफ भ्रष्टाचार साबित” या “CEC भ्रष्टाचार मामले में दोषी” जैसी headline तथ्यात्मक रूप से गलत होगी।

मौजूदा CEC पद से क्या संबंध है?

Gyanesh Kumar इस समय भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। इसलिए करीब दो दशक पुराने मामले का दोबारा खुलना राजनीतिक और संस्थागत रूप से भी महत्वपूर्ण है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब Gyanesh Kumar को लेकर चुनावी मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

Election Commission ने SIR से जुड़े निर्णयों में किसी संस्थागत मतभेद के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि आयोग के निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

Dinman Times ads 728-90

हालांकि, SIR विवाद और 2006 का Kerala PWD मामला अलग-अलग घटनाक्रम हैं। दोनों को एक ही मामले के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।

अब आगे क्या होगा?

अब Vigilance and Anti-Corruption Bureau पुराने रिकॉर्ड और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगा।

जांच में संभावित रूप से इन पहलुओं को देखा जा सकता है:

  • MC Road परियोजना से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड
  • PATI-BEL consortium से संबंधित दस्तावेज
  • भुगतान और बिलों से जुड़ी फाइलें
  • 2006 की पुरानी Vigilance inquiry
  • Lee See Been की मौत और कथित suicide note से संबंधित रिकॉर्ड
  • उस समय के अधिकारियों की भूमिका
  • पुरानी जांच के रुकने के कारण
  • नई शिकायत में लगाए गए आरोप

जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई बनती है या नहीं।

Dinman Times ads 728-90

20 साल पुराने मामले में जांच आसान नहीं होगी

इस मामले की सबसे बड़ी चुनौती इसका पुराना होना है। घटना 2006 की है। करीब दो दशक बीत चुके हैं। इतने लंबे समय में अधिकारियों के पद बदल चुके हैं, कई लोग सेवानिवृत्त हो चुके हो सकते हैं और पुराने दस्तावेजों को ढूंढना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

New Indian Express की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पुराने मामले से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठे हैं और गृह विभाग ने उपलब्ध फाइलें मंगाई थीं।

यही वजह है कि नई जांच में दस्तावेजी रिकॉर्ड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

एक नजर में पूरा मामला

बिंदुजानकारी
मामला2006 का KSTP/MC Road विवाद
वर्तमान पदGyanesh Kumar, Chief Election Commissioner
उस समय पदKerala PWD Secretary
परियोजनाMC Road upgrade
प्रोजेक्टKerala State Transport Project (KSTP)
ConsortiumPATI-BEL
मृतकMalaysian civil engineer Lee See Been
घटना2006 में Kuala Lumpur में आत्महत्या
आरोपकथित भ्रष्टाचार, भुगतान/परियोजना से जुड़े अनियमितता के आरोप
पुरानी जांचVigilance inquiry
नई कार्रवाईVACB जांच के आदेश
शिकायतकर्ताCongress leader Malayinkeezhu Venugopal
वर्तमान स्थितिजांच जारी; दोष सिद्ध नहीं

केरल सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar से जुड़े करीब 20 साल पुराने एक मामले की जांच फिर शुरू करने का फैसला किया है। मामला उनके 2006 के Kerala PWD Secretary के कार्यकाल से जुड़ा है और इसमें KSTP के तहत MC Road के अपग्रेडेशन तथा Malaysian engineer Lee See Been की आत्महत्या से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

Dinman Times ads 728-90

Lee See Been की कथित suicide note में Gyanesh Kumar का नाम होने की बात विभिन्न रिपोर्टों में सामने आई है। इसके बाद उस समय Vigilance inquiry भी हुई थी, लेकिन वह किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंची। अब कांग्रेस नेता Malayinkeezhu Venugopal की शिकायत के बाद केरल के गृह मंत्री Ramesh Chennithala ने VACB को फिर से जांच के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि यह जांच का मामला है, दोषसिद्धि का नहीं। आने वाले समय में Vigilance की जांच और उपलब्ध दस्तावेज यह तय करेंगे कि पुराने आरोपों में कोई ठोस आधार मिलता है या नहीं और क्या आगे कानूनी कार्रवाई की जरूरत बनती है।

TAGGED:Gyanesh KumarGyanesh Kumar CaseKerala News
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर Bihar Jamabandi Shuddhikaran Abhiyan 2026 बिहार में जमाबंदी शुद्धीकरण अभियान की जमीनी पड़ताल तेज, तीसरे शनिवार 10 अधिकारियों ने 20 अंचलों का किया निरीक्षण
अगली ख़बर Up News: सेना के जवान के शव वाली एंबुलेंस ट्रक से टकराई, 4 की मौत सेना के जवान का शव लेकर जा रही एंबुलेंस ट्रक से टकराई, परिवार के 3 लोगों और ड्राइवर की मौत
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

आइजैक सिंगर: सिलाई मशीन के विकास में योगदान

27 अक्टूबर 1811: आइजैक सिंगर का जन्म और सिलाई मशीन के विकास में योगदान

मूलांक से समझें अपनी आदतें, जानें 9 व्यवहार

जन्म तारीख के मूलांक से समझें अपनी आदतें: अंक ज्योतिष के अनुसार किन 9 व्यवहारों पर ध्यान देना जरूरी है?

दिवाली से पहले घर से हटाएं ये 15 चीज़ें

दिवाली से पहले घर से हटा दें ये 15 चीज़ें, सकारात्मकता और नई शुरुआत के लिए तैयार करें अपना घर

विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस: 27 अक्टूबर

27 अक्टूबर: विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस और ऐतिहासिक अभिलेखों का संरक्षण

मड़वा पहाड़

मड़वा पहाड़ छेड़खानी कांड में सात आरोपितों के खिलाफ 300 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • विदेश
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिज़नेस

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?