Dinman Times
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: ‘अबला जीवन हाय! तुम्हारी यही कहानी…’: सौतेली मां की कथित मार से सहमी 10 साल की आनवी, बोली—मुझे बचा लीजिए, मुझे पढ़ने दीजिए
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - देश - ‘अबला जीवन हाय! तुम्हारी यही कहानी…’: सौतेली मां की कथित मार से सहमी 10 साल की आनवी, बोली—मुझे बचा लीजिए, मुझे पढ़ने दीजिए

‘अबला जीवन हाय! तुम्हारी यही कहानी…’: सौतेली मां की कथित मार से सहमी 10 साल की आनवी, बोली—मुझे बचा लीजिए, मुझे पढ़ने दीजिए

प्रशांत कुमार
Last updated: सितम्बर 12, 2026 9:15 अपराह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 2 महीना पहले
जमुई में 10 साल की बच्ची का बाल संरक्षण मामला
जमुई में 10 साल की बच्ची की शिकायत के बाद बाल संरक्षण इकाई ने मामले का संज्ञान लिया।
साझा करें

कमरे में बंद कर पीटने, मुंह में कपड़ा ठूंसने और कैंची-बेलन से मारने के आरोप | चाचा के साथ बाल संरक्षण इकाई पहुंची बच्ची | प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित, एफआईआर की प्रक्रिया शुरू

Jamui News:
“अबला जीवन हाय! तुम्हारी यही कहानी,
आंचल में है दूध और आंखों में पानी…”

मैथिलीशरण गुप्त की ये पंक्तियां उस 10 साल की बच्ची की कहानी के सामने जैसे अचानक जीवंत हो उठती हैं, जो उम्र के उस पड़ाव पर है जहां हाथ में किताब, आंखों में सपने और दिल में स्कूल जाने की खुशी होनी चाहिए। लेकिन आनवी वर्मा की जिंदगी में इन दिनों किताबों की जगह डर है और स्कूल की जगह घर की चारदीवारी।

बच्ची का आरोप है कि उसकी सौतेली मां उसे अक्सर पीटती है, कमरे में बंद कर देती है और कई बार उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर मारती है। उसने शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट पहुंचाने और कैंची व बेलन से मारने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। बच्ची के अनुसार, उसे पढ़ने के लिए स्कूल भी नहीं भेजा जा रहा था।

Dinman Times ads 728-90

आखिरकार डर और दर्द के बीच आनवी ने घर से निकलकर अपने चाचा आनंद वर्मा से मदद मांगी। चाचा उसे लेकर बाल संरक्षण इकाई पहुंचे, जहां बच्ची ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई।

ये भी पढ़े

पटना में मिठाई दुकानों पर छापेमारी: आकाश स्वीट्स से 2,060 किलो मिठाई जब्त, माखन भोग का लाइसेंस निलंबित
मनियारा के जंगल में माओवादियों का हथियार ठिकाना उजागर, पांच हथियार बरामद
55 टन अवैध कोयला जब्त, सिरिस में हाईवा छोड़ फरार हुआ चालक
साहित्यकार शालिग्राम सिंह ‘अशांत’ का निधन, 24 कृतियों से छोड़ी अमिट छाप

‘मुझे बचा लीजिए… मुझे पढ़ने दीजिए’

आनवी की सबसे मार्मिक गुहार यही है—“मुझे बचा लीजिए और मुझे पढ़ने दीजिए।”

एक बच्चे की यह छोटी-सी मांग अपने भीतर बहुत बड़ा सवाल छिपाए है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि स्कूल जाने, दोस्तों के साथ खेलने और सामान्य बचपन जीने की उम्र में एक बच्ची को अपने ही घर से डर लगने लगा?

बच्ची के मुताबिक, घर में उसे कथित तौर पर कमरे में बंद कर दिया जाता था। विरोध करने या रोने पर मारपीट की जाती थी। उसने पेट में चुटकी काटने, कैंची से चुभाने, बेलन से मारने और सिर दीवार से टकराने जैसे आरोप भी लगाए हैं।

Dinman Times ads 728-90

इन आरोपों की पूरी सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन बच्ची के शरीर पर बताए गए चोट और पुराने जख्मों के निशानों ने मामले को गंभीर बना दिया है।

मां के जाने के बाद बदल गई जिंदगी

परिजनों के अनुसार, आनवी की मां करीब आठ वर्ष पहले पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उससे अलग हो गई थीं। इसके बाद उसके पिता रवि कुमार वर्मा ने दूसरी शादी कर ली।

बच्ची के नाना कमलेश प्रसाद वर्मा का आरोप है कि दूसरी शादी के बाद से आनवी के साथ व्यवहार बदल गया। उन्होंने बच्ची के शरीर पर पुराने चोट के निशान होने और कथित तौर पर गर्म वस्तु से जलाए जाने का भी आरोप लगाया है।

परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।

Dinman Times ads 728-90

पढ़ाई छूटी तो जैसे बचपन भी छूट गया

चाचा आनंद वर्मा के मुताबिक, आनवी पहले स्कूल जाती थी। पढ़ने में उसकी रुचि थी, लेकिन धीरे-धीरे उसकी पढ़ाई बंद हो गई।

उनका आरोप है कि बच्ची को घर के भीतर ही सीमित रखा जाता था। उन्होंने परिवार में इस संबंध में बात रखने की कोशिश भी की, लेकिन कथित तौर पर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “मेरी बेटी है, मैं जो करूं।”

यहीं से मामला सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं रह जाता। सवाल एक बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान का है।

बाल संरक्षण इकाई ने लिया संज्ञान

बच्ची की शिकायत के बाद मामला बाल संरक्षण तंत्र तक पहुंचा। सहायक निदेशक, बाल कल्याण समिति काजल मोदी के अनुसार, मामले का संज्ञान लिया गया है।

Dinman Times ads 728-90

प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ पारिवारिक स्तर पर प्रताड़ना के आरोप सामने आए हैं। फिलहाल आनवी को प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है और एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, आनवी को उसका बचपन भी चाहिए

आनवी की कहानी का सबसे कठिन हिस्सा शायद वह नहीं है जो उसने अधिकारियों को बताया। सबसे कठिन सवाल यह है कि जिस उम्र में एक बच्ची को अपने घर को सबसे सुरक्षित जगह समझना चाहिए, उसी घर से उसे सुरक्षा की गुहार क्यों लगानी पड़ी?
आनवी की कहानी में कई सवाल हैं।

क्या उसे दोबारा स्कूल भेजा जाएगा?

क्या वह बिना डर के घर लौट पाएगी?

Dinman Times ads 728-90

क्या उसके आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?

क्या अगर आरोप सही साबित होते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?

और सबसे बड़ा सवाल—क्या आनवी को उसका बचपन वापस मिल पाएगा?

एक बच्ची ने प्रशासन से कोई बड़ी मांग नहीं की है। उसने न महंगा खिलौना मांगा, न कोई सुविधा। उसने सिर्फ दो चीजें मांगी हैं—सुरक्षा और पढ़ाई।

Dinman Times ads 728-90

कानूनी कार्रवाई जरूरी है। दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए। लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि आनवी की पढ़ाई दोबारा शुरू हो, उसके मन से डर निकले और उसे ऐसा माहौल मिले जहां वह फिर से बच्ची की तरह जी सके।

क्योंकि किसी बच्चे को सिर्फ हिंसा से बचा लेना पर्याप्त नहीं है।
क्योंकि बचपन किसी सजा की जगह नहीं है। और किसी 10 साल की बच्ची की सबसे बड़ी पुकार—“मुझे बचा लीजिए… मुझे पढ़ने दीजिए”—हम सबके लिए एक सवाल है, जिसका जवाब सिर्फ कागज पर दर्ज एफआईआर नहीं, बल्कि आनवी की सुरक्षित और सम्मानजनक जिंदगी होनी चाहिए।

उसे उसका बचपन भी लौटाना होगा।

TAGGED:जमुईजमुई न्यूजबच्ची प्रताड़नाबाल संरक्षणबिहार न्यूज
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर सृजन घोटाला: अमरेंद्र कुमार यादव बर्खास्त सृजन घोटाला: पहली FIR कराने वाले नाजिर से दोषी करार तक, अब अमरेंद्र यादव की सरकारी नौकरी भी गई
अगली ख़बर पटना में सोलर पैनल सब्सिडी के तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर सूरज से बिजली, बिल में बचत: पटना में 28 हजार घरों की छत पर सोलर लगाने का लक्ष्य, ₹98 हजार तक सब्सिडी
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

टेलर स्विफ्ट का वेलवेट लुक और नैशविल हॉल ऑफ फेम सम्मान

नैशविल सॉन्गराइटर्स हॉल ऑफ फेम समारोह में टेलर स्विफ्ट का बरगंडी वेलवेट लुक छाया

‘CID’ निर्माता बी. पी. सिंह का 77 वर्ष की उम्र में निधन

‘CID’ के निर्माता-निर्देशक बी. पी. सिंह का 77 वर्ष की उम्र में निधन

पटना में मिठाई दुकानों पर छापेमारी: आकाश स्वीट्स से 2,060 किलो मिठाई जब्त, माखन भोग का लाइसेंस निलंबित

पटना में मिठाई दुकानों पर छापेमारी: आकाश स्वीट्स से 2,060 किलो मिठाई जब्त, माखन भोग का लाइसेंस निलंबित

मनियारा जंगल में माओवादी हथियार ठिकाना, पांच हथियार बरामद

मनियारा के जंगल में माओवादियों का हथियार ठिकाना उजागर, पांच हथियार बरामद

55 टन अवैध कोयला जब्त, सिरिस में हाईवा का चालक फरार

55 टन अवैध कोयला जब्त, सिरिस में हाईवा छोड़ फरार हुआ चालक

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • विदेश
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिज़नेस

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?