300 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले घरों पर प्रशासन की खास नजर, BPL परिवारों के लिए भी तेज होगा सोलर पैनल लगाने का काम
Patna News: हर महीने बढ़ता बिजली बिल अगर घर के बजट पर दबाव डाल रहा है, तो आने वाले समय में घर की छत ही इसका एक बड़ा समाधान बन सकती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत पटना जिले में बड़ी संख्या में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए अब सोलर पैनल अधिष्ठापन की रफ्तार बढ़ाई जाएगी।
जिलाधिकारी कुन्दन कुमार के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में सोलर पैनल लगाने की प्रगति, बैंक ऋण, कार्य एजेंसियों और लाभुकों को योजना से जोड़ने की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सिर्फ लक्ष्य पूरा करने के बजाय अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का वास्तविक लाभ दिलाने पर जोर देने का निर्देश दिया गया।
300 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत वाले घरों पर विशेष फोकस
प्रशासन ने ऐसे परिवारों को विशेष रूप से योजना से जोड़ने का फैसला किया है, जो हर महीने 300 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को घर की छत पर रूफटॉप सोलर लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके लिए कार्यपालक अभियंता, विद्युत को ऐसे उपभोक्ताओं की सूची सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद नगर निकाय अपने क्षेत्र में पात्र और इच्छुक उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें योजना की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।
रूफटॉप सोलर का सीधा असर उपभोक्ता के बिजली खर्च पर पड़ सकता है। साथ ही, सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
5,585 BPL परिवारों के घरों पर सोलर का लक्ष्य
समीक्षा में सामने आया कि BPL परिवारों के लिए सोलर पैनल लगाने के काम में अच्छी प्रगति हुई है। पटना जिले में 5,585 BPL परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 2,236 घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
उप विकास आयुक्त ने बिजली विभाग को काम में और तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
मार्च 2027 तक 28 हजार घरों की छत सोलर से रोशन करने का लक्ष्य
गैर-BPL परिवारों के लिए भी जिले में बड़ा लक्ष्य रखा गया है। पटना जिले में 28,000 घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य मार्च 2027 तक निर्धारित किया गया है।
अब तक करीब 10,800 घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। हालांकि प्रशासन ने मौजूदा गति को अपेक्षाकृत कम माना है। कार्य एजेंसियों को अधिष्ठापन की रफ्तार बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा घरों को योजना के दायरे में लाने का निर्देश दिया गया है।
अभी कार्य एजेंसियों द्वारा प्रतिदिन करीब 8 से 10 सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। प्रशासन चाहता है कि इस गति को और बढ़ाया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा हो सके।
₹98 हजार तक की सब्सिडी, अलग-अलग क्षमता पर अलग लाभ
योजना का सबसे बड़ा आकर्षण सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी है। पात्र गैर-BPL परिवारों को सोलर संयंत्र की क्षमता के अनुसार केंद्र और बिहार सरकार की ओर से संयुक्त सब्सिडी दी जा रही है।
1 किलोवाट के सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार की ओर से ₹30,000 और बिहार सरकार की ओर से ₹10,000 यानी कुल ₹40,000 की सब्सिडी का प्रावधान है।
2 किलोवाट पर केंद्र की ₹60,000 और बिहार सरकार की ₹20,000 की सब्सिडी मिलाकर कुल ₹80,000 का लाभ मिल सकता है।
वहीं 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम ₹78,000 और बिहार सरकार की ओर से अधिकतम ₹20,000 की सब्सिडी का प्रावधान है। यानी पात्र उपभोक्ता को अधिकतम ₹98,000 तक की संयुक्त सब्सिडी मिल सकती है।
बैंक लोन में छोटी वजहों से आवेदन रिजेक्ट नहीं होगा
सोलर पैनल लगाने में आर्थिक परेशानी न आए, इसके लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। हालांकि समीक्षा में यह बात सामने आई कि कुछ बैंक CIBIL स्कोर और अन्य छोटे कारणों से सोलर रूफटॉप से जुड़े ऋण आवेदनों को अस्वीकार कर रहे हैं।
इस पर उप विकास आयुक्त ने लीड बैंक मैनेजर (LDM) को संबंधित बैंकों के साथ समन्वय कर मामले की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी महत्वपूर्ण और वाजिब कारण के अभाव में सोलर रूफटॉप से संबंधित ऋण आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाए।
वार्ड पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की भी ली जाएगी मदद
योजना को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन अब नगर निकायों, वार्ड पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की मदद लेगा। नगर निकायों को अधिकृत कार्य एजेंसियों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इच्छुक उपभोक्ताओं की पहचान कर एजेंसियों से समन्वय करते हुए उनके घरों पर जल्द सोलर पैनल लगवाया जा सके।
उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों को सोलर पैनल अधिष्ठापन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया है।
प्रशासन की कोशिश साफ है—पटना के ज्यादा से ज्यादा घर अपनी छत से बिजली पैदा करें, बिजली बिल का बोझ घटे और स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़े। अब चुनौती योजना की घोषणा से आगे बढ़कर उसे हर पात्र परिवार के घर तक पहुंचाने की है।