Bihar News: बिहार में महिलाओं की भूमिका अब सिर्फ सामाजिक भागीदारी तक सीमित नहीं रहने वाली है। सरकार ने महिलाओं को रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता, उच्च शिक्षा, शोध और सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में एक साथ कई बड़े कदमों का खाका सामने रखा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है।
वहीं, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हर साल 1,000 छात्राओं को पीएचडी फेलोशिप देने तथा महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम किए जाने की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने यह बातें पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के रजत जयंती समारोह के दौरान कहीं। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस मौके पर बिहार राज्य महिला आयोग की 25 वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई।
डाक विभाग के सहयोग से मुख्यमंत्री ने आयोग पर विशेष डाक टिकट जारी किया और रजत जयंती स्मारिका का विमोचन भी किया।
एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिलाएं तेजी से आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ रही हैं। उनकी बढ़ती आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी राज्य में हो रहे बदलाव की महत्वपूर्ण तस्वीर है।

उन्होंने कहा कि जीविका ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाएं सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन और दूसरी आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। सरकार का लक्ष्य अब इन प्रयासों को बड़े स्तर पर ले जाकर एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है।
पोशाक योजना में भी बदलाव की दिशा में काम किया जा रहा है। विद्यार्थियों को पोशाक के लिए राशि देने के बजाय जीविका दीदियों द्वारा तैयार पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे एक ओर विद्यार्थियों को पोशाक मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर पैदा होंगे।
हर साल 1,000 छात्राओं को मिलेगी पीएचडी फेलोशिप
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ सरकार ने उच्च शिक्षा और शोध पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए मैट्रिक, इंटर और स्नातक स्तर पर विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चल रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है।

अब उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत प्रत्येक वर्ष 1,000 छात्राओं को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत चयनित छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
बिहार सरकार ने अगस्त 2026 में इस फेलोशिप के तहत 1,000 महिलाओं को ₹10,000 मासिक सहायता देने की जानकारी दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उच्च शिक्षा को और व्यापक बनाने के लिए बिहार में महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती
महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘पुलिस दीदी’ की व्यवस्था की गई है। स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था करने वाला बिहार पहला राज्य है। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की कोशिश है कि छात्राओं को शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
सिर्फ शिकायत न सुने, सरकार को सुझाव भी दे महिला आयोग
मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य महिला आयोग की भूमिका को केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं रखने की बात कही। उन्होंने आयोग से महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार को नियमित सुझाव देने की अपेक्षा जताई।

उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने में आयोग की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण बिहार की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आयोग से जुड़ी सभी महिलाओं को 25वें स्थापना दिवस की बधाई दी और उम्मीद जताई कि आयोग अपनी स्वर्ण जयंती तक महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए लगातार काम करता रहेगा।
25 साल की यात्रा, आगे स्वर्ण जयंती का लक्ष्य
बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस का समारोह आयोग की अब तक की यात्रा और भविष्य की भूमिका को रेखांकित करने वाला अवसर बना। समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरीय अधिकारी, भारतीय डाक विभाग के पदाधिकारी, बिहार राज्य महिला आयोग से जुड़ी महिलाएं, विभिन्न जिलों से पहुंची बड़ी संख्या में महिलाएं और आमजन मौजूद रहे।
बड़ी बातें एक नजर में
| मुद्दा | जानकारी |
|---|---|
| रोजगार | 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य |
| आर्थिक सशक्तिकरण | जीविका के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर |
| पीएचडी फेलोशिप | हर साल 1,000 छात्राओं को सहायता |
| फेलोशिप राशि | 10 हजार रुपये प्रतिमाह |
| महिला विश्वविद्यालय | महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय की दिशा में पहल |
| महिला सुरक्षा | स्कूल-कॉलेजों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती |
| पुलिस दीदी | महिला सुरक्षा व्यवस्था पर जोर |
| महिला आयोग | शिकायत निवारण के साथ सरकार को नीतिगत सुझाव देने की भूमिका |
| आयोग की उपलब्धि | बिहार राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूरे |