डेस्क: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान एक बार फिर शुभमन गिल के हाथों में रहेगी, जबकि केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम की सबसे बड़ी चर्चा युवा खिलाड़ी सरांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किए जाने को लेकर हो रही है।
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होगी। दोनों टीमें आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में महत्वपूर्ण अंक हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। ऐसे में भारतीय टीम का यह चयन काफी अहम माना जा रहा है।
इस बार टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन देखने को मिला है। बल्लेबाजी की जिम्मेदारी कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों पर रहेगी। वहीं गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज टीम के मुख्य तेज गेंदबाज होंगे।
टीम में ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की वापसी भी हुई है। जडेजा का अनुभव श्रीलंका की स्पिन मददगार पिचों पर भारत के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उनके साथ कुलदीप यादव जैसे स्पिनर भी टीम को मजबूती देंगे।
हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान सरांश जैन पर है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने सरांश जैन पर भरोसा जताया। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो वह अपने पहले ही टेस्ट में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनकी फिटनेस और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए उनका उपयोग किया जाएगा। पिछले कुछ समय से भारतीय टीम बुमराह की फिटनेस को लेकर काफी सतर्क रही है, क्योंकि आने वाले महीनों में टीम को कई बड़े मुकाबले खेलने हैं।
मोहम्मद सिराज भी टीम का हिस्सा हैं और उनसे श्रीलंका की परिस्थितियों में अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी। अगर बुमराह और सिराज अपनी लय में रहे तो भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत नजर आएगा।
चयनकर्ताओं ने इस बार भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी टीम तैयार की है। युवा खिलाड़ियों को मौका देने के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों को भी बरकरार रखा गया है, ताकि टीम का संतुलन बना रहे। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा कई युवा खिलाड़ियों के करियर के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। वहां की पिचें जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों की मदद करने लगती हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों की असली परीक्षा होगी कि वे लंबी पारियां खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएं। वहीं गेंदबाजों को भी शुरुआती मौकों का पूरा फायदा उठाना होगा।
भारतीय टीम हाल के वर्षों में विदेशी दौरों पर अच्छा प्रदर्शन करती रही है। ऐसे में फैंस को उम्मीद है कि टीम इंडिया श्रीलंका में भी जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इस सीरीज पर सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों की नजर रहेगी क्योंकि यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है।
अब सभी की निगाहें 15 अगस्त पर टिकी हैं, जब दोनों टीमें गॉल के मैदान पर आमने-सामने होंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम नए खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों के साथ इस चुनौती का सामना किस तरह करती है।